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केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा- खेलों में डोपिंग की तरह है Fake News

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि फेक न्यूज़ डोपिंग की तरह है

Updated On: Apr 12, 2018 04:21 PM IST

FP Staff

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केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा- खेलों में डोपिंग की तरह है Fake News

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि फेक न्यूज़ डोपिंग की तरह है. यह पाठकों के साथ उसी तरह का धोखा है जिस तरह खिलाड़ी खेल के नियमों के साथ धोखा करते हैं इसलिए इसे रोकना जरूरी है. सरकार ने झूठी खबर फैलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने संबंधी अधिकार प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) को दिए थे. लेकिन बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय को इसे वापस लेना पड़ा था.

राठौर ने न्यूज़18 से एक साक्षात्कार में कहा कि खेल में सभी को बराबरी से मुकाबला करने का अधिकार होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए डोपिंग का सहारा ले लेते हैं जो कि गलत है. यह खेल भावना के भी खिलाफ है. खेलों में इसकी जांच और रोकथाम के लिए एजेंसियां काम कर रहीं है, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में यह काम स्वयं पत्रकारों को ही करना होगा.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फेक न्यूज़ को लेकर अपना निर्देश वापस ले लिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद मंत्रालय ने न्यूज़ पोर्टल और मीडिया वेबसाइटों को रेगुलेट करने के लिए नियम बनाने को लेकर एक कमेटी गठित की.

इस सिलसिले में एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया, जो ‘फेक न्यूज़’ पर मंत्रालय के विवादास्पद दिशानिर्देशों की व्यापक आलोचना होने पर उसे वापस लिए जाने के एक दिन बाद आया. 4 अप्रैल को जारी आदेश के मुताबिक, इस 10 सदस्यीय कमेटी (समिति) में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और गृह मंत्रालय के सचिव शामिल होंगे. इनके अलावा, इसमें विधि विभाग और औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग के सचिव भी रहेंगे.

कमेटी में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ( पीसीआई), न्यूज ब्रॉडकॉस्टर एसोसिएशन और इंडियन ब्रॉडकॉस्टर फेडरेशन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. आदेश में कहा गया कि निजी टीवी चैनलों पर विषयवस्तु का नियमन ‘कार्यक्रम एवं विज्ञापन संहिता’ करती है, जबकि प्रिंट मीडिया के नियमन के लिए पीसीआई के अपने नियम कायदे हैं.

इसमें कहा गया कि ऑनलाइन मीडिया वेबसाइटों और न्यूज पोर्टल के नियमन के लिए कोई नियम या दिशानिर्देश नहीं हैं इसलिए डिजिटल प्रसारण एवं मनोरंजन/ इंफोटेनमेंट साइटों और न्यूज़/मीडिया एग्रीगेटर सहित ऑनलाइन मीडिया/न्यूज़ पोर्टल के लिए एक नियामक ढांचे का सुझाव देने तथा उसे बनाने के लिए एक कमेटी गठित करने का फैसला किया गया है.

(न्यूज 18 के लिए रवि दुबे की रिपोर्ट)

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