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मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा- धमकी देने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहें पीएम मोदी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि प्रधानमंत्री की भाषा और उनका व्यवहार पीएम पद के अनुकूल नहीं है

Updated On: May 14, 2018 03:05 PM IST

FP Staff

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मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा- धमकी देने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहें पीएम मोदी

मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने भारत के राष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखकर पीएम मोदी द्वारा हाल ही में कर्नाटक के हुबली में दिए गए भाषण पर आपत्ति जताई है. मनमोहन सिंह और कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री भारत के संविधान के तहत बहुत ही महत्वपूर्ण पद पर होते हैं. वे कैबिनेट के प्रमुख भी होते है और केंद्र सरकार के कामकाज को देखते हैं और आदेश देते हैं. इसके बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय लिए जाने वाले शपथ-पत्र का भी जिक्र किया है.

कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि पहले के सभी प्रधानमंत्रियों ने सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के दौरान पद की गरिमा और शिष्टाचार को बनाए रखा है. हमारी लोकतांत्रिक ढांचे में यह सोच पाना भी नामुमकिन है कि सरकार के प्रमुख के तौर पर प्रधानमंत्री धमकी देने और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक रूप से मुख्य विपक्षी पार्टी के यानी कांग्रेस के नेताओं और सदस्यों को चेतावनी देंगे.

इसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री के हुबली में दिए गए भाषण के अंश का जिक्र किया है, जिसपर उन्होंने आपत्ति जताई है. पीएम मोदी ने 6 मई को हुबली में भाषण देते हुए कहा था, ‘...कांग्रेस के नेता कान खोल करके सुन लीजिए, अगर सीमाओं को पार करोगे, तो ये मोदी है, लेने के देने पड़ जाएंगे...’

कांग्रेस ने पीएम के इस भाषण का यूट्यूब लिंक भी दिया है.

कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह की धमकी की निंदा करनी चाहिए. यह एक 1.3 अरब की आबादी वाले संवैधानिक और लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री की भाषा नहीं होनी चाहिए. इस तरह की बात निजी या सार्वजनिक जगहों पर स्वीकार नहीं होनी चाहिए. इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल डराने और धमकाने वाले हैं और किसी का अपमान करने वाले हैं और इससे शांति के भंग होने का डर है.

manmohan singh letter

manmohan singh letter 2

कांग्रेस के नेताओं ने आगे लिखा है कि कांग्रेस पार्टी इस तरह के शब्दों से डरने वाली नहीं है.

कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर यह मांग की है कि संविधान के प्रमुख होने के नाते आपका दायित्व है कि प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट को गाइड करें. साथ ही प्रधानमंत्री को पद और ताकत का प्रयोग व्यक्तिगत और राजनीतिक विद्वेष को हल करने के लिए नहीं करना चाहिए. कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री की भाषा और उनका व्यवहार पीएम पद के अनुकूल नहीं है. इस चिट्ठी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत मल्लिकार्जुन खड़गे, पी चिदंबरम, अशोक गहलोत, अहमद पटेल समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दस्तखत हैं.

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