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बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले ही तृणमूल कांग्रेस के एक तिहाई उम्मीदवार जीते

पिछले 8 चुनावों में जितने उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, उतने तो सिर्फ इस बार के चुनाव से पहले चुन लिए गए हैं

Updated On: Apr 30, 2018 04:25 PM IST

FP Staff

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बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले ही तृणमूल कांग्रेस के एक तिहाई उम्मीदवार जीते

पश्चिम बंगाल में 14 मई को पंचायत चुनाव है. चुनाव बाद नतीजे आएंगे लेकिन उसके पहले ही तृणमूल कांग्रेस एक तिहाई से ज्यादा सीटें जीत ली हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि 58,692 सीटों में से 34.2 प्रतिशत यानी 20,076 सीटों पर चुनाव नहीं होगा. इन सीटों पर बगैर चुनाव लड़े तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों का कब्जा हो जाता है.

इन सीटों पर चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन की अंतिम तारीख थी. समय-सीमा बीतने के बावजूद विपक्ष के किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया. ऐसे में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने निर्विरोध 34 फीसदी सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया.

आयोग के मुताबिक, 48,650 ग्राम पंचायत सीटों में से 34.6 प्रतिशत या 16,814 सीटें इस बार खाली रह गईं. पंचायत समिति की कुल 9,217 सीटों में से 3509 या 33.2 प्रतिशत सीटों पर पर्चा नहीं भरा गया. जिला परीषद के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखा गया जिसकी 825 सीटों में से 203 सीटों (24.6 प्रतिशत) पर उम्मीदवार खड़े नहीं हुए.

लिहाजा बंगाल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी अधिक संख्या में सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए हैं. इन सभी सीटों पर या तो विपक्षी दलों ने अपना नामांकन वापस ले लिया या उनके उम्मीदवारों के पर्चे पूरे नहीं थे.

कुछ ऐसा ही वाकया पिछली सरकार के दौरान हुआ था जब 2003 में लेफ्ट की सरकार में 6800 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे.

बंगाल में 1978 में पहली बार पंचायत चुनाव हुआ. तब से लेकर 2017 तक के निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की गिनती करें तो यह संख्या 23,185 के आसपास बैठती है. 1978 से 2017 तक प्रदेश में 8 पंचायत चुनाव हो चुके हैं. उन 8 वर्षों में जितने उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, उतने तो सिर्फ इस बार के ही चुनाव से पहले चुन लिए गए हैं.

बीरभूम जिले से अधिकतम उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. यहां अणुव्रत मंडल तृणमूल कांग्रेस की कमान संभालते हैं. बीरभूम जिले में ग्राम पंचायत की 2427 सीटें हैं जिनमें 1967 यानी 87.5 प्रतिशत सीटों पर निर्विरोध प्रत्याशी चुने गए. पंचायत समिति में कुल 465 सीटों में से 87 प्रतिशत यानी 405 सीटें खाली चली गईं. यहां जिला परिषद की सभी 42 सीटें निर्विरोध चुनी गई हैं.

निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के बारे में बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 'यह लोकतंत्र और जनता के मताधिकार के अधिकार के साथ मजाक है, यह इसी तरह से है जैसे अंडों के बिना ही मुर्गी पैदा हो गई हो'.

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