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साथ चुनाव कराने के लिए EVM-VVPAT की जरूरत पर कोई जानकारी नहीं: EC

चुनाव आयोग ने आरटीआई आवेदन के तहत एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के बारे में मांगी गई जानकारी के जवाब में यह बात कही

Updated On: Oct 16, 2018 06:39 PM IST

Bhasha

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साथ चुनाव कराने के लिए EVM-VVPAT की जरूरत पर कोई जानकारी नहीं: EC
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चुनाव आयोग ने इस बात की कोई ठोस जानकारी होने से इनकार किया है कि अगर लोकसभा चुनाव के साथ ही सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव कराए जाते हैं तो कितनी संख्या में ईवीएम और वीवीपेट मशीनों की जरूरत होगी.

आयोग ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के तहत पुणे के विहार दूर्वे द्वारा इस बारे में मांगी गई जानकारी के जवाब में यह बात कही. दूर्वे ने पूछा था कि ‘एक देश एक चुनाव’ की स्थिति में आयोग को कितनी संख्या में ईवीएम और वीवीपेट मशीनों की जरूरत होगी.

इसके जवाब में आयोग के अवर सचिव मधुसूदन गुप्ता ने आरटीआई कानून की धारा दो (एफ) का हवाला देते हुए कहा, ‘आपकी मांगी गई जानकारी किसी भी रूप में आयोग के पास उपलब्ध नहीं है.’ आरटीआई कानून की धारा दो (एफ) के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी उपलब्ध दस्तावेजों, ईमेल, सुझाव, परामर्श, प्रेस विज्ञप्ति, रिपोर्ट, करार या डाटा आदि के रूप में किसी भी आधार पर आरटीआई आवेदक को उपलब्ध कराना अनिवार्य है.

बता दें कि देश में एक साथ चुनाव कराए जाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श के दौरान आयोग के अधिकारियों ने इसके लिये लगभग 12 लाख अतिरिक्त ईवीएम और इतनी ही वीवीपेट मशीनों की खरीद के लिए 4500 करोड़ रुपए की जरूरत बताई थी. यह अनुमानित कीमत मशीनों की मौजूदा कीमत के आधार पर बताई गई थी.

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लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ कराने के लिए विधि आयोग को पत्र लिखा था

इससे पहले 13 अगस्त को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने का समर्थन करते हुए विधि आयोग को पत्र लिखा था. इसके बाद विधि आयोग ने भी 2019 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव दो चरण में एक साथ कराने की सिफारिश की थी. हालांकि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों में आमराय नहीं है.

एनडीए के घटक दल शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अलावा अन्नाद्रमुक, समाजवादी पार्टी (एसपी) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने ‘एक देश एक चुनाव’ का समर्थन किया है. जबकि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, द्रमुक, टीडीपी, वाम दल और जेडीएस इसका विरोध कर रहे हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने भी पहले कहा था कि एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर चुनाव आयोग जरूरी तथ्य और सुझाव 2015 में ही दे चुका है. आयोग ने विधि आयोग को बताया था कि अगर 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव होते हैं तो 24 लाख ईवीएम की जरूरत होगी. यह सिर्फ लोकसभा चुनाव होने की स्थिति में जरूरत पड़ने वाली ईवीएम की संख्या से दोगुनी होगी.

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