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पनामा पेपर्स लीक मामले में ईडी की कार्रवाई के क्या हैं मायने?

पिछले साल पनामा पेपर्स लीक्स में 500 भारतीयों के नाम सामने आए जिनमे अमिताभ बच्चन जैसे नाम भी शामिल थे.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jun 16, 2017 09:03 PM IST

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पनामा पेपर्स लीक मामले में ईडी की कार्रवाई के क्या हैं मायने?

पनामा पेपर्स लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारत में कार्रवाई शुरू कर दी है. पनामा पेपर्स लीक मामले में ईडी ने पहली कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मशहूर ज्वेलर्स मेहरा संस के कई बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपए जब्त किए.

विदेश में कंपनियां खोलकर काला धन छिपाने में मदद करने वाली पनामा की  कंपनी मोसैक फोंसेका के करोड़ों दस्तावेज पिछले साल लीक हो गए थे. अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के एक खोजी संघ ने अप्रैल 2016 में कर चोरी में मददगार पनामा की इस कंपनी के लगभग सवा करोड़ दस्तावेज लीक किए थे. इसमें कथित तौर पर दुनियाभर की एक करोड़ 20 लाख कंपनियों का खुलासा किया गया था.

मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों के लिए जन्नत है पनामा

बता दें कि पनामा जैसे देशों में विदेशी निवेश पर कोई टैक्स नहीं लगता है. पनामा में दो तरह के आयकर वसूले जाते हैं. एक टेरेट्रियल टैक्स सिस्टम तो दूसरा है कॉर्पोरिशन टैक्स सिस्टम. इसके अंतर्गत रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट कंपनियों से तभी टैक्स वसूले जाते हैं, जब आय देश में हुई हो.

40 लाख की जनसंख्या वाले पनामा में 3 लाख 50 हजार गोपनीय कंपनियां हैं. पनामा की यह कंपनियां विश्व की कई कंपनियों से गोपनीय तरीके से पैसों का लेन-देन करती है.

पनामा पेपर्स लीक्स के बाद यह पता चला कि दुनिया के 128 बड़े नेताओं ने अपनी संपत्ति छुपाने और कर बचाने के लिए पनामा में निवेश किया. दुनिया के 35 देशों में मोसैका फोंमेसा लॉ फर्म के दफ्तर हैं. 78 देशों के 109 मीडिया हाउसेस के पत्रकारों ने पनामा पेपर्स के दस्तावेजों की जांच की है.file image

पनामा पेपर्स सामने आने के बाद यह पहली कार्रवाई

भारत में मेहरा संस ज्वेलर्स के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पनामा केस में पहली कार्रवाई है. विदेश में गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति बनाने के काम लगे मेहरा संस पर फेमा कानून की धारा 37ए के तहत ईडी ने कार्रवाई की है. ईडी के मुताबिक अभी भी मेहरा संस के 10.54 करोड़ रुपए देश से बाहर जमा हैं.

ईडी के अनुसार मेहरा संस ज्वेलर्स ने विदेशों में सात कंपनियां रजिस्टर्ड कराईं. विदेशों में काला धन छिपाने के लिए पनामा पूरी दुनिया में बदनाम हैं. पनामा की कंपनी मोसैका फोंसेका के रिकॉर्ड के मुताबिक मेहरा संस के मालिक अश्विनी मेहरा के अलावा उनकी पत्नी माला रानी और दो बेटों ने दो विदेशी कंपनियां रजिस्टर्ड करवाईं जिनमें दोनो बेटों की पत्नियों को डायरेक्टर बनाया गया था.

आयकर विभाग ने लगभग 500 भारतीयों के खातों की पड़ताल कर 192 लोगों की लिस्ट ईडी को भेजी थी. इन 192 लोगों पर टैक्स चोरी करने का आरोप है. इस साल फरवरी महीने में ईडी ने 137 कंपनियों को नोटिस भेजकर विदेशी कंपनियों के बारे में जानकारी मांगी थी.

कई बड़े नाम आने के बावजूद अब जाकर हो रही है कार्रवाई

पिछले साल पनामा पेपर्स लीक्स में 500 भारतीयों के नाम सामने आए थे. इन भारतीयों पर आरोप है कि उन्होंने टैक्स चोरी, कालाधन सफेद करने के लिए टैक्स हैवन माने जाने वाले देशों में धन का निवेश किया.

पनामा पेपर्स में कई उद्योगपति, फिल्मी कलाकारों के नाम सामने आए हैं. डीएलएफ प्रोमोटर केपी सिंह, क्रॉम्पटन ग्रीव्ज के मालिक ब्रजमोहन थापर के दो बेटे गौतम थापर और करण थापर, लोकसत्ता पार्टी के दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष अनुराग केजरीवाल,  लखनऊ के रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े सतीश गोविंद समतानी, बहादुर और हरिश समतानी, इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलोत जैसे प्रमुख नाम हैं.

बॉलीवुड के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन और उनकी बहू एश्वर्या राय बच्चन के नाम भी पनामा पेपर्स लीक मामले में सामने आए थे. लेकिन अमिताभ बच्चन ने खुद और परिवार से जुड़े लोगों का नाम आने पर खंडन करते हुए कहा था कि उन्होंने अपना सारा टैक्स ईमानदारी से भरा है. ऐश्वर्या राय बच्चन के मीडिया सलाहकार ने भी बाद में पनामा पेपर्स के दस्तावेजों को झूठ का पुलिंदा करार दिया था.representational image

'बेकसूर हूं मैं, असली गुनाहगारों को पकड़े सरकार'

फर्स्टपोस्ट हिंदी ने पनामा की सूची में शामिल एक भारतीय बिजनेसमैन और लोकसत्ता पार्टी के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष अनुराग केजरीवाल से बात की. अनुराग केजरीवाल ने कहा, ‘देखिए हमने अपने पूरे पेपर्स आयकर विभाग को जमा कर दिए हैं. हमने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है. आयकर विभाग ने हमसे जो-जो कागज मांगा वे सारे कागज हमने आयकर विभाग को जमा कर दिए हैं.’

अनुराग केजरीवाल आगे कहते हैं, 'आयकर विभाग के दो-तीन पत्र मेरे पास आए थे जिनका हमने रिप्लाई कर दिया है. मैंने कोई कंपनी नहीं बनाई थी सिर्फ हमने कुछ पैसे निवेश किए थे. बैंक के जरिए पैसा हमने भेजा था और बैंक के जरिए हीं मेरा पैसा वापस आ गया.'

अनुराग केजरीवाल कहते हैं, 'जिन लोगों ने गलत काम किया है उस पर सरकार को एक्शन लेना ही पड़ेगा. पर, जिन लोगों ने गलत नहीं किया है जैसे अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन या फिर हरीश साल्वे जैसे लोगों ने साफ कहा कि हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. हो सकता है मेहरा संस वालों में इनको (ईडी) कुछ मिला होगा,'

देश ही नहीं विदेशों के भी बड़े-बड़े नाम शामिल

पनामा पेपर्स लीक्स दस्तावेजों में दुनिया की कई प्रमुख हस्तियों के नाम हैं. रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के करीबियों, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद सहित कई राजनेता और उनके परिवार के सदस्यों के नाम शामिल हैं.

सऊदी अरब के किंग सलमान बिन, अजरबैजान के राष्ट्रपति के बच्चों, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के परिवार के सदस्यों और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के पिता का भी टैक्स बचाने के लिए इसी तरह के खातों से संबंध हैं.

देश की मोदी सरकार ने पनामा पेपर्स लीक्स को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है. इसके लिए जांच एजेंसियों ने एक विशेष कार्यबल बनाया है. जांच एजेंसियों के द्वारा अगले कुछ दिनों में इसी तरह की और कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

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