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लगातार 13वें दिन संसद की कार्यवाही हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ी

विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया है. जबकि सरकार ने कहा है कि वो तमाम मुद्दों पर बहस को तैयार है

Updated On: Mar 21, 2018 01:47 PM IST

FP Staff

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लगातार 13वें दिन संसद की कार्यवाही हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ी
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संसद में आज यानी बुधवार को दिन भी हंगामा और शोरगुल की भेंट चढ़ गया. यह लगातार 13वां दिन है जब संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही बाधित हुई है. विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया है.

राज्यसभा में दिन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने इराक में मारे गए 39 भारतीय नागरिकों के लिए शोक जताते हुए इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग की. इसे लेकर जमकर हंगामा और हल्ला-गुल्ला हुआ. सभापति वेंकैया नायडू ने इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया.

वहीं लोकसभा में एआईएडीएमके ने कावेरी जल बोर्ड गठन को लेकर और टीआरएस ने तेलंगाना में आरक्षण के मुद्दे पर वेल में जाकर हंगामा और नारेबाजी की. स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इसे देखते हुए पहले दोपहर 12 बजे फिर हंगामा नहीं रूकने पर पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.

वाईएसआर कांग्रेस और तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) बीते सोमवार से लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने लोकसभा सचिवालय को इसके लिए लिखित रूप में नोटिस भी दे रखा है लेकिन विपक्षी पार्टियों के हंगामे के कारण इसे लाया नहीं जा सका है.

बहस के लिए सरकार है तैयार मगर विपक्ष का इनकार

सरकार ने कई बार यह साफ किया है कि वह अविश्वास प्रस्ताव समेत विपक्ष की ओर उठाए जा रहे तमाम मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सदन का सुचारू रूप से चलना आवश्यक है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने स्‍पष्‍ट रूप से कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सदन में शांति होना सबसे जरूरी है तभी सार्थक बहस हो सकती है.

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस के लिए सदन में कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए. लोकसभा में टीडीपी के 16 सदस्य हैं, जबकि वाईएसआर कांग्रेस के 9 सांसद हैं. दोनों पार्टियां अपने-अपने नोटिस के समर्थन के लिए विपक्षी पार्टियां को लामबंद करने में जुटी हुई हैं.

वहीं सरकार को भरोसा है कि नोटिस स्वीकार कर लिए जाने पर भी उसकी संख्या बदल की बदौलत लोकसभा में यह अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर जाएगा.

वर्तमान में लोकसभा में सदस्यों की संख्या 539 है. यहां बहुमत के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए. सत्तारूढ़ बीजेपी के पास अकेले 274 सदस्य हैं. लोकसभा में एनडीए का यह आंकड़ा बढ़कर 314 हो जाता है.

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