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नशे से मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी अमरिंदर सरकार के लिए बड़ी चुनौती

पंजाब में कांग्रेस सरकार को आए 16 महीने बीत चुके हैं लेकिन अब वह कुछ मौतों के बाद सवालों के घेरे में है

Updated On: Jul 08, 2018 03:52 PM IST

Bhasha

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नशे से मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी अमरिंदर सरकार के लिए बड़ी चुनौती

अमरिंदर सरकार, जिसने पवित्र गुटका साहिब की कसम खाई थी कि सत्ता में आने के चार हफ्ते के भीतर वह पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त करेगी, अब उसकी नींद उन खबरों ने उड़ा रखी है जिनमें कहा गया है कि नशे के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है.

पंजाब में कांग्रेस सरकार को आए 16 महीने बीत चुके हैं लेकिन अब वह कुछ मौतों के बाद सवालों के घेरे में है. ये मौतें कथित रूप से मादक पदार्थों के अधिक सेवन या मिलावटी हेरोइन के कारण हुई हैं.

ऐसे मामलों में बढ़ोतरी ऐसे समय समाने आई है जब सरकार अपनी महत्वकांक्षी परियोजना तंदरुस्त पंजाब को लागू कर रही है. इस योजना का उद्देश्य राज्य के वायु , जल और खाद्य गुणवत्ता की ओर ध्यान देकर लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है.

सरकार को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर 2019 आम चुनाव से पहले वह इस समस्या से निपट नहीं पाती है तो उसे जनता के कोप का सामना करना पड़ेगा. इसलिए राज्य मंत्रिमंडल ने हाल में केंद्र से अनुरोध किया है कि मादक पदार्थों के तस्कर और इनका धंधा करने वाले लोगों को मौत की सजा देने की इजाजत दी जाए.

विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं के दबाव में आई राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य डोप परीक्षण की भी घोषणा की है.

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