S M L

जब HC में हुई करुणानिधि की समाधि के लिए DMK-सरकार के बीच तीखी बहस

सुनवाई के दौरान सरकार के वकील ने जहां प्रोटोकॉल और इतिहास का हवाला दिया, वहीं डीएमके के वकील ने इसे लोगों की भावनाओं के जोड़कर पेश किया

Updated On: Aug 08, 2018 01:25 PM IST

FP Staff

0
जब HC में हुई करुणानिधि की समाधि के लिए DMK-सरकार के बीच तीखी बहस

द्रविड़ मुनेत्र कडगम (डीएमके) के अध्यक्ष एम करुणानिधि के चेन्नई के मरीना बीच पर समाधि बनाने को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. लेकिन इस मसले पर तमिलनाडु की राजनीति की दो धुरंधर पार्टियों के बीच का विरोध एक बार फिर खुलकर सामने आ गया.

सोमवार को करुणानिधि के निधन के बाद उनकी पार्टी डीएमके ने उनकी समाधि मरीना बीच पर बनाने के लिए जगह देने की मांग की थी. जिसे सत्ताधारी एआईएडीएमके ने ठुकरा दिया था. बाद में विवाद बढ़ने पर यह मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया.

डीएमके की इसे लेकर याचिका दाखिल पर आज यानी बुधवार सुबह 8 बजे से कार्यवाहक चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में सुनवाई हुई. लगभग 3 घंटे तक चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे और तर्क पेश किए.

सरकारी वकील ने जहां प्रोटोकॉल और इतिहास का हवाला दिया, वहीं डीएमके के वकील ने इसे लोगों की भावनाओं के जोड़कर पेश किया.

Madras High Court

मद्रास हाईकोर्ट

तमिलनाडु सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन ने अपनी दलील में कहा कि डीएमके ने सियासी एजेंडे के तहत यह केस फाइल किया है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा, 'पेरियार द्रविड आंदोलन के सबसे बड़े नेता थे, क्या उन्हें मरीना बीच पर जगह दी गई?'

तमिलनाडु सरकार ने इस पर सौंपे गए हलफनामे में कहा, तय प्रोटोकॉल के मुताबिक, वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक समान नहीं रखा जा सकता. सरकार के वकील ने कहा, करुणानिधि जब मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने भी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मरीना बीच पर एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन के अंतिम संस्कार की इजाजत से इनकार किया था.

वहीं सुनवाई में डीएमके के वकील ट्रैफिक रामस्वामी ने तर्क दिया कि, तमिलनाडु की 7 करोड़ की आबादी में 1 करोड़ डीएमके समर्थक हैं. यदि मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि को जगह नहीं दी जाती है तो वो इससे खुद को अपमानित महसूस करेंगे.

उन्होंने सवाल पूछा, 'आपने (सरकार) उनके सम्मान में राजकीय शोक की घोषणा की है, तो आप क्यों नहीं उनकी समाधि के लिए जमीन दे देते हैं?'

एम करुणानिधि के पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है

एम करुणानिधि के पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि के मरीना बीच पर ही अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी. इस तरह अदालत ने तमिलनाडु सरकार के दिए इस पर निर्णय को पलट दिया.

10 तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद करुणानिधि का हो गया था निधन

94 साल के करुणानिधि का मंगलवार शाम को निधन हो गया था. करुणानिधि को ब्लड प्रेशर लो जाने के बाद 28 जुलाई की रात चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके पार्थिव शरीर को चेन्नई के राजाजी हॉल में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है. यहां बुधवार तड़के से ही आम से लेकर खास लोग उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि देने जुट रहे हैं.

इससे पहले मंगलवार शाम उनके निधन की खबर आने के बाद राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित तमाम राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं ने इस पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी.

करुणानिधि के सम्मान में तमिलनाडु सरकार ने 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है, पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी 1 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है. बिहार सरकार ने भी उनके सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi