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तूतीकोरीन हिंसा के विरोध में विधानसभा में DMK का वॉकआउट

स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके के विधायकों ने सदन का वॉक आउट किया. इस दौरान उन्होंने स्टरलाइट हिंसा के विरोधस्वरूप काले कपड़े पहन रखे थे

Bhasha Updated On: May 29, 2018 05:20 PM IST

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तूतीकोरीन हिंसा के विरोध में विधानसभा में DMK का वॉकआउट

मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में तूतीकोरीन हिंसा का मामला जोर-शोर से उठा. विपक्षी डीएमके ने वेदांता समूह के तांबा संयंत्र को स्थायी तौर पर बंद करने की मांग करते हुए सदन का बहिष्कार किया.

प्रश्नकाल के फौरन बाद विपक्ष के नेता एम के स्टालिन ने तूतीकोरीन में तांबा संयंत्र बंद करने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाने और नीतिगत निर्णय लेने की बजाए सरकारी आदेश जारी करने के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा.

डीएमके नेता ने सरकारी आदेश जारी करने को आंखों में धूल झोंकने वाला करार दिया जो कि स्टरलाइट प्रबंधन को इस संबंध में अदालत की शरण में जाने का मौका देता है. उन्होंने कहा कि यह कदम 2013 में उठाए गए कदम के ही समान है.

स्टालिन ने सोमवार को कहा था कि 2013 में इसी प्रकार के बंद नोटिस के बाद प्लांट को दोबारा खोला गया था. उन्होंने सरकार पर लोगों से बातचीत नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के पलानीसामी के इस्तीफे की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा की कार्यवाही का तब तक बहिष्कार करेगी जब तक कि प्लांट को स्थाई तौर पर बंद नहीं कर दिया जाता.

तूतीकोरीन स्थित स्टरलाइट प्लांट

तूतीकोरीन स्थित स्टरलाइट कॉपर प्लांट

इसके बाद में मंगलवार को उनकी अगुवाई में पार्टी के विधायकों ने वॉक आउट किया. इस दौरान डीएमके सदस्यों ने विरोधस्वरूप काले कपड़े पहन रखा था.

इस बीच, मुख्यमंत्री पलानीसामी ने 13 लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और 5 पेज की रिपोर्ट पेश की जिसमें हिंसा की घटना और इस संबंध में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का विस्तारपूर्वक विवरण था.

वहीं, कांग्रेस नेता के रामासामी ने कहा कि मामले की जांच ठीक ढंग से की जानी चाहिए और इसे सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में सभी मामलों को बिना शर्त वापस लेने की भी मांग की.

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