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‘तुष्टिकरण' की नीति ने रोक रखा था माइनॉरिटी का सशक्तिकरण: नकवी

नकवी ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक अधिकार दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हैं

Bhasha Updated On: Nov 11, 2017 05:54 PM IST

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‘तुष्टिकरण' की नीति ने रोक रखा था माइनॉरिटी का सशक्तिकरण: नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 'तुष्टिकरण की बीमारी' ने पिछले कई दशक से 'अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण का अपहरण' किया हुआ था.

नकवी ने शनिवार को राजस्थान स्टेट हज कमेटी द्वारा हज 2017 के पूरा होने पर आयोजित सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले कई वर्ष से ‘सेकुलरिज्म के सियासी सूरमाओं’ ने बेदर्दी, बेशर्मी के साथ अल्पसंख्यकों और खासकर मुस्लिम समाज को अपनी ‘सियासत का सामान’ बना लिया था.

‘राजनीतिक शोषण’ के चलते मुस्लिम समाज आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक रूप से अन्य तबकों के मुकाबले बहुत पीछे रह गया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 'तुष्टिकरण के बिना सशक्तिकरण' के रास्ते पर चल रही है.

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के विकास कार्यों ने समाज के हर गरीब, कमजोर तबके के साथ अल्पसंख्यकों में भी एक विश्वास का माहौल तैयार किया है. ‘सम्मान के साथ सशक्तिकरण’ की हमारी नीति के कारण आज अल्पसंख्यक भी देश के विकास में बराबर का हिस्सेदार और भागीदार बना है.

अन्य देशों से अधिक सुरक्षित हैं भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकार

नकवी ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक अधिकार दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हैं. मोदी सरकार ने अपने लगभग पिछले तीन वर्षों के दौरान जो विकास कार्य किये हैं उसका सबसे अधिक लाभ गरीब तबके को ही हुआ है जिसमें बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी शामिल हैं.

नकवी ने कहा कि पिछले तीन वर्ष में हमारे विरोधियों ने ‘प्रोग्रेस पर पलीता’ लगाने की कई साजिशें कीं लेकिन कोई भी नकारात्मक एजेंडा मोदी सरकार के विकास के एजेंडे पर हावी नहीं हो पाया.

केंद्र सरकार अन्य सभी गरीब, कमजोर वर्गों की तरह अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण और रोजगारपरक कौशल विकास को ध्यान में रख कर काम कर रही है.

नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की योजनाएं- ‘सीखो और कमाओ’, ‘नई मंजिल’, ‘गरीब नवाज कौशल विकास योजना’, ‘नई रौशनी’- अल्पसंख्यकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं. तीन वर्ष में इन योजनाओं से 50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया कराने में सफलता मिली है.

उन्होंने कहा कि देश भर में 100 ‘गरीब नवाज कौशल विकास केंद्रों’ की स्थापना की जा रही है जहां अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास से संबंधित विभिन्न कोर्स करवाएं जा रहे हैं.

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