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नोटबंदी: अरुण जेटली परेशान, आडवाणी को आया गुस्सा

आडवाणी को इस बात पर आपत्ति थी कि हंगामे के बाद भी सदन की कार्यवाही को क्यों चलाया जा रहा है?

Updated On: Dec 08, 2016 10:05 AM IST

सुरेश बाफना
वरिष्ठ पत्रकार

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नोटबंदी: अरुण जेटली परेशान, आडवाणी को आया गुस्सा

नोटबंदी पर आक्रामक रवैया अपनाने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली अब कुछ चिन्तित नजर आ रहे हैं. उनकी चिन्ता का प्रमुख कारण है कि 12 लाख करोड़ रुपए से ‍अधिक की राशि के 500 और 1000 रुपए के नोट बैंकों में जमा हो चुके हैं और अभी अगले 23 दिनों तक लोग ये नोट बैंकों में जमा कर सकते हैं.

नोटबंदी का फैसला लेते समय मोदी सरकार ने यह अनुमान लगाया था कि 15.50 लाख करोड़ रुपए की कुल राशि में से 3 लाख करोड़ रुपए बैंकों में जमा नहीं होंगे, जो सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी. आशंका यह भी प्रकट की जा रही है कि सीमावर्ती इलाकों के डाकघरों में नकली नोट भी बड़ी संख्या में जमा हुए होंगे.

बैंकों में जमा हो सकते हैं 15.50 लाख रुपए से ज्यादा

भाजपा समर्थक पत्रकारों ने अब यह कहना शुरु कर दिया है कि भ्रष्ट बैंक अफसरों की मदद से लोग अपना काला धन सफेद करने में कामयाब हो गए हैं. अब यह भी संभव दिखाई दे रहा है कि 15.50 लाख रुपए की राशि से अधिक भी बैंकों में जमा हो जाए, जिसमें बड़ी संख्या में नकली नोट होंगे.

People spend their Sunday holiday waiting in a queue outside a HDFC Bank and Dena Bank branch to exchange demonitised notes, in Mumbai, India on November 13, 2016, following a rising panic after word spread that Monday was declared a bank holiday. Prime Minister Narendra Modi's surprise announcement last Tuesday demonitising the Rs 500 and 1000 currency notes to clamp down against black money, fake currency and terror financing, has ensured immense hardship to citizen.

नोटबंदी पर हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन व संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार की क्षमता पर ही सवालिया निशान लगा दिया. आडवाणी के इस रूप को देखकर सदन में मौजूद सभी दलों के सांसद चकित रह गए.

आडवाणी ने बनाया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ही निशाना

आडवाणी को इस बात पर आपत्ति थी कि हंगामे के बाद भी सदन की कार्यवाही को क्यों चलाया जा रहा है? भाजपा के भीतर चर्चा है कि आडवाणी ने अप्रत्यक्ष तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ही निशाना बनाया है. इसका एक अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए मोदी की सूची में आडवाणी का नाम नहीं है.

Prime Minister Narendra Modi and BJP Senior leader L K Advani during the launch of Shraddheya Kidarnath Sahni Smriti Granth in New Delhi on Tuesday.

प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता व सांसद से कहा कि जनवरी माह में देश की आर्थिक स्थिति गंभीर हो सकती है. उनका कहना है कि अगर 500 व 1000 रुपए के सभी पुराने नोटों की अदला-बदली हो गई तो बैंकों की आर्थिक हालत काफी कमजोर हो जाएगी. मोदी सरकार के पास इतना धन नहीं होगा कि वह बैंकों की जरूरी मदद कर सके. ऐसी स्थिति में बैंकों की क्षमता पर लोगों का भरोसा कम हो जाएगा, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी खतरनाक होगा.

नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों की एकता अब टूटती हुई नजर आ रही है. कांग्रेस, तृणमूल व वामपंथी दलों को छोड़कर अन्य सभी विपक्षी दल चाहते हैं कि 15 दिनों से जारी गतिरोध को खत्म कर बहस शुरु की जाए. कांग्रेस पार्टी के भीतर भी दिग्विजय सिंह सहित कई नेता गतिरोध को जारी रखने के पक्ष में नहीं है. दिग्विजय सिंह का कहना है कि संसद की कार्यवाही ठप होने से विपक्ष को नुकसान ही होता है.

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