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पुस्तक मेले में परिचर्चाः जनपक्ष को कभी नजरअंदाज न करें पत्रकार

वक्ताओं ने कहा पत्रकारों को सभी प्रकार के विचारों को सुनने और समझने के लिए अपने दिमाग के दरवाजे जरूर खुले रखने चाहिए

Bhasha Updated On: Jan 07, 2018 10:01 PM IST

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पुस्तक मेले में परिचर्चाः जनपक्ष को कभी नजरअंदाज न करें पत्रकार

राजधानी में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में रविवार को ‘लेखन में विचार, धार और धारा’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया. इसमें निष्पक्ष और जनपक्षीय पत्रकारिता पर जोर दिया गया. पत्रकारिता के माध्यम से जनपक्ष को प्रभावी ढंग से देश के सामने रखने की बात कही.

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के साथ मिलकर दिल्ली पत्रकार संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के महानिदेशक के.जी. सुरेश और वरिष्ठ पत्रकार जगदीश उपासने तथा कई अन्य पत्रकारों ने अपने विचार रखे.

पत्रकारों को पांव जमीन पर ही रखने चाहिए 

पांचजन्य - ऑर्गेनाइजर के समूह संपादक उपासने ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकारों को सभी प्रकार के विचारों को सुनने और समझने के लिए अपने दिमाग के दरवाजे जरूर खुले रखने चाहिए.

उन्होंने कहा कि पत्रकार जनपक्ष को कभी भी नजरअंदाज न करें. क्योंकि पत्रकारिता का वास्तविक उद्येश्य वही है. उन्होंने सलाह दी कि पत्रकारों के पांव हमेशा जमीन पर ही रहने चाहिए.

के. जी. सुरेश ने कहा कि भ्रामक तथ्यों के सहारे समाज में विघटन, वैमनस्य और विष फैलाने वाली पत्रकारिता किसी का भला नहीं करती.

वहीं हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अग्निहोत्री ने कहा कि पत्रकारिता संस्थानों व विश्वविद्यालयों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे ऐसे पत्रकार तैयार करें जो आधुनिक तकनीक और विचार संबंधी सभी चुनौतियों से निबटने में सक्षम हों.

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