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DUSU का दंगल: पीएम के स्वच्छ भारत मिशन को 'अस्वच्छ' बनाते छात्र संगठन

NGT के आदेश के बावजूद बीजेपी का छात्र संगठन ABVP और कांग्रेस समर्थित NSUI पीएम के वादे को भूल डीयू की दीवारों को गंदा करने में लगा हुआ है

Updated On: Sep 10, 2017 03:39 PM IST

Puneet Saini Puneet Saini
फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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DUSU का दंगल: पीएम के स्वच्छ भारत मिशन को 'अस्वच्छ' बनाते छात्र संगठन

दिल्ली के जीटीबी नगर में खुले में पेशाब करने से मना करने पर एक ई-रिक्शा चालक की हत्या कर दी गई थी. इस पर वेंकैया नायडू ने कहा था कि वह स्वच्छ भारत मिशन को प्रमोट कर रहा था. पीएम मोदी ने चालक के परिवार वालों को 1 लाख रुपए की सहायता राशि भी दी थी. जबकि उसी दिल्ली के विश्वविद्यालय में छात्र संगठन कूड़ा फैला रहे हैं.

बीजेपी का छात्र संगठन ABVP और कांग्रेस समर्थित NSUI पीएम के वादे को भूल डीयू की दीवारों को गंदा करने में लगा हुआ है. कैंपस में दीवारों, खंभों पर पोस्टर लगाकर ABVP और NSUI के छात्र वोट मांग रहे हैं. उन्हें ऐसा विश्वास है अगर दीवारों पर पोस्टर लगाएंगे तो छात्र उन्हें वोट देने आएंगे.

एनजीटी ने भी छात्रों को पोस्टर और पेपर के इस्तेमाल को रोकने के लिए कहा था. एनजीटी ने बुधवार को डीयू के छात्रों को चेतावनी दी थी कि 'डुसू' चुनाव से पहले यदि वे कैंपस की दीवारों पर पोस्टर चिपकाते या पर्चे बांटते पाए गए तो उन्हें विश्वविद्यालय से निकाल दिया जाएगा. डीयू के छात्रों पर ना तो पीएम मोदी के फैसले और ना ही एनजीटी के आदेश का कोई असर हुआ.

वहीं लिंगदोह कमेटी के अनुसार चुनाव में प्रत्याशी 5 रुपए से ज्यादा नहीं खर्च कर सकता. जबकि पैसे से लगने वाले पोस्टर, पर्चे या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी. शायद छात्रों को ऐसा लगता है कि बिना धन और बल के चुनाव जीतना मुश्किल है. जिन दीवारों को छात्र गंदा करने में लगे हुए हैं. उस पर उनका अधिकार भी नहीं है.

पिछले साल कुछ छात्रों ने ‘नो पोस्टर पार्टी’ लॉन्च की थी

ABVP के कार्यकर्ताओं से जब हमने बात की तो उन्होंने पेपर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लिंगदोह कमेटी को जिम्मेदार बताया. पेपर व्यर्थ करना शायद छात्रों के लिए गर्व का विषय है इसलिए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा ‘अब चुनाव प्रक्रिया में ये तो रहता है. विद्यार्थी परिषद कम पैसों में चुनाव करने का प्रयास करती है. अब अगर ज्यादा पेपर का इस्तेमाल हुआ है तो इस पर कार्रवाई होगी.’

NSUI ने पेपर के इस्तेमाल के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया है. NSUI के छात्रों ने कहा ‘हम पेपर के यूज की आलोचना करते हैं. कैंपस में 80 प्रतिशत कचरा ABVP के छात्रों ने फैलाया हुआ है. NSUI ने कहा ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान चलाया था लेकिन उनके ही छात्र संगठन ने सबसे ज्यादा पोस्टर लगाए हुए हैं. हम सोमवार को डीयू में फैला हुआ कूड़ा साफ करेंगे.’

पिछले साल कुछ छात्रों ने ‘नो पोस्टर पार्टी’ लॉन्च की थी. जिसमें उन्होंने पेपरलेस और साफ चुनाव की मांग की थी. इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पेपर को व्यर्थ करने से रोकना था.

प्रॉपर्टी एक्ट 2007 के अनुसार ‘यदि कोई स्याही, चॉक, पेंट या किसी अन्य चीज से पब्लिक प्रॉपर्टी गंदा करता है तो उसे दंडित किया जाएगा.’ इसमें एक साल सजा या 50,000 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकता है.

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