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एमसीडी चुनाव 2017: जीत के लिए आरएसएस की राह पर चल निकली कांग्रेस!

आरएसएस की तरह अब कांग्रेस भी सुबह-सुबह पार्क जाकर लोगों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है

Updated On: Apr 17, 2017 10:10 AM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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एमसीडी चुनाव 2017: जीत के लिए आरएसएस की राह पर चल निकली कांग्रेस!

एमसीडी चुनाव में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सुबह की सैर पर चुनावी चर्चा तेज कर दी है.

बीजेपी और आप जैसी पार्टियां जहां बड़ी-बड़ी रैलियां और रोड शो के जरिए चुनाव प्रचार कर रही हैं.

मॉर्निंग वॉक के बहाने प्रचार

वहीं कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मॉर्निंग वॉक और पद यात्रा को ही प्रचार का मुख्य जरिया बनाया है.

शशि थरूर, जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद और आनंद शर्मा जैसे बड़े नेता दिल्ली के बड़े-बड़े पार्कों में लोगों से मिल रहे हैं. लोगों से दिल्ली नगर निगम से जुड़ी समस्याएं सुन रहे हैं.

कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता दिल्ली नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साफ-सफाई के बारे में भी पार्टी के रोडमैप की जानकारी दे रहे हैं.

दिल्ली में कब है एमसीडी चुनाव?

दिल्ली नगर निगम में 23 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं. इस लिहाज से हर दिन पार्टियों के लिए अहम साबित हो रहा है.

राजनीतिक पार्टियां पहले भी पार्कों में पार्टी का विचार लोगों के सामने रखा करती थी.

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लेकिन इस बार के एमसीडी चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने एक रणनीति के तहत अपने नेताओं को पार्कों भेजना शुरू किया है.

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चुनाव प्रचार करते अजय माकन

क्या है रणनीति?

कांग्रेस पार्टी के थिंक टैंक का मानना है कि जिस तरह से आरएसएस रोज सुबह अपने स्वयंसेवकों के लिए पार्क में एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती है, कांग्रेस भी ऐसा ही करेगी.

पार्टी के बड़े नेताओं का मानना है कि चुनाव के समय आरएसएस के प्रचारक पार्क में आए लोगों को कांग्रेस के बारे में गुमराह करते हैं.

कांग्रेसी नेताओं का पार्क में सुबह-सुबह जाना और जनता के बीच बैठ कर उनकी समस्या सुनना आरएसएस के प्रचारकों की काट माना जा रहा है.

क्या आगे भी आजमाएगी यह रणनीति?

कांग्रेस की यह रणनीति अगर कारगर साबित हुई तो पार्टी इस रणनीति को भविष्य के दूसरे चुनावों में भी आजमा सकती है.

दिल्ली के तापमान में जिस तरह से तेजी आ रही है उसी तरह से एमसीडी चुनाव का पारा भी रफ्तार पकड़ने लगा है.

ये भी पढ़े- दिल्ली एमसीडी चुनाव 2017: कोई नया टैक्स नहीं और 10 रुपए में खाना बीजेपी और आप जैसी पार्टियां जहां बड़े कार्यक्रमों और रैलियों पर ध्यान दे रही है वहीं कांग्रेस की रणनीति छोटी-छोटी जनसभाओं और पदयात्राओं पर हैं. कांग्रेस के कई नेता दिल्ली के कई जगहों पर पदयात्रा कर रहे हैं.

'दिल्ली की बात' से बनेगी बात?

कांग्रेस नेताओं ने शनिवार और रविवार ‘दिल्ली की बात’ के तहत लोधी गार्डेन में सुबह की सैर करने आए लोगों के साथ एमसीडी के मुद्दों पर चर्चा की.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा भी लोधी गार्डेन पहुंचे.

कांग्रेस नेताओं ने चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया से हो रही मौतों पर अपनी बात रखी. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग एमसीडी को सबसे भ्रष्ट विभाग कह कर बुलाते हैं.

आज दिल्ली कचरे के पहाड़ों की वजह से बेहाल हो चुकी है. सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है.

निगम दिवालिया होने के कगार पर है. निगम को आए दिन दिल्ली सरकार और केंद्र की सरकार के पास आर्थिक सहायता लेने के लिए जाना पड़ता है.

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चुनाव प्रचार करते शशि थरूर

हर समस्या पर बात

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 13 अप्रैल को भलस्वा लैंडफिल के पास जा कर लोगों से कूड़े पर चर्चा की.

दिल्ली में कूड़े की समस्या पर लोगों से राय ली और अपनी पार्टी का रोडमैप बताया. 16 अप्रैल को जयराम रमेश दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर जा कर एक बार फिर कूड़े के मुद्दों पर बात की.

रेहड़ी-पटरी वालों की समस्या सुनने और उसपर कांग्रेस की विचार रखने के लिए पार्टी ने गिरिजा व्यास को अधिकृत कर रखा है.

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गिरिजा व्यास दिल्ली के कई क्षेत्रों में जा रही हैं और रेहड़ी-पटरी वालों के सामने अपनी पार्टी के समय में किए गए कामों के साथ आगे की योजनाओं पर चर्चा कर रही हैं.

सेहत की भी बात

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद दिल्ली की स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी समस्या और उसके निदान के लिए पार्टी का पक्ष रख रहे हैं.

कांग्रेस ने एमसीडी चुनाव के लिए 100 से अधिक केंद्रीय नेताओं को दिल्ली के दंगल में उतारा है.

राजौरी गार्डेन विधानसभा उपचुनाव के नतीजे बेशक कांग्रेस पार्टी के लिए निराशजनक रहे हों. लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं में यह उम्मीद जगी है कि पार्टी का जो परंपरागत वोट बैंक आप के तरफ खिसक गया था वह अब कांग्रेस के तरफ लौटने लगा है.

 

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