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दिल्ली: हाईकोर्ट का आदेश, 4 जुलाई तक न काटे जाएं पेड़

पेड़ कटाई मामले पर विवाद खड़ा होने के बाद एनजीटी इस पर 2 जुलाई को सुनवाई करेगा

Updated On: Jun 25, 2018 03:04 PM IST

FP Staff

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दिल्ली: हाईकोर्ट का आदेश, 4 जुलाई तक न काटे जाएं पेड़

दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में मकान बनाने के नाम पर सरकारी विभाग द्वारा 16 हजार पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ने लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए 4 जुलाई तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दिया है. कोर्ट ने 4 जुलाई को इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है.

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कोर्पोरेशन (एनबीसीसी) से पूछा कि- क्या दिल्ली सड़कों के और इमारतों के विकास के लिए पेड़ों की कटाई की कीमत चुका सकता है? इसपर एनबीसीसी की ओर से कहा गया कि एनजीटी में ये मामला बहुत साल चला और अंत मे एनजीटी ने पेड़ काटने की अनुमति दे दी.

एनबीसीसी और पीडब्ल्यूडी ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि अगली सुनवाई तक वो पेड़ों को नहीं काटेंगे.

आम दिल्लीवासी सरकार के इस बड़े पैमाने पर विरोध कर रहे हैं

दिल्ली के आम नागरिक सरकार के पेड़ कटाई के इस फैसले का बड़े पैमाने पर विरोध कर रहे हैं

किसने दायर की है याचिका

सीनियर ऑर्थोपीडिक सर्जन डॉक्टर कौशल कांत मिश्रा ने यह याचिका दायर की है. इस याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के फ्लैट के लिए सरोजनी नगर में 11,000, नौरोजी नगर में 1,465, नेताजी नगर में 3,033 और त्यागराज नगर, कस्तुरबा नगर और मोहम्मदपुर में 1,000 पेड़ काटने की तैयारी है.

जस्टिस ए के चावला और नविन चावला की वेकेशन बेंच ने पिछले शुक्रवार इस मामले की सुनवाई करते हुए प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. दोनों जस्टिस ने एनबीसीसी का पक्ष भी सुना था. वेकेशन बेंच के इस फैसले के बाद वीकेंड पर दिल्ली विरोध-प्रदर्शन किए गए. इस प्रोजेक्ट में राजनीतिक एंगल भी जुड़ गया है. आम आदमी पार्टी और केंद्र इस प्रोजेक्ट का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ रहा है.

उन्होंने सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में 9 लाख पेड़ों की पहले से कमी है. वहीं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) 2 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगा.

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