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दिल्ली में 'आप' के कई सांसद-विधायक 19 मामलों में बरी

31 जुलाई तक का आंकड़ा बताता है कि पार्टी के विधायक दो मामलों में बरी हुए थे. एक अन्य मामले में सबूत के अभाव में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है

Updated On: Aug 13, 2018 09:43 AM IST

FP Staff

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दिल्ली में 'आप' के कई सांसद-विधायक 19 मामलों में बरी

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संसद-विधायक कई मामलों में बरी हो गए हैं. यह फैसला साढ़े पांच महीने पहले बने फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट बताती है कि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लादे गए 22 मामलों में 19 में आप नेता बरी कर दिए गए हैं.

31 जुलाई तक का आंकड़ा बताता है कि पार्टी के विधायक दो मामलों में बरी हुए थे. एक अन्य मामले में सबूत के अभाव में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है.

इन मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अरविंद कुमार और अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) समर विशाल को पटियाला हाउस कोर्ट में त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) बनाने का निर्देश दिया. एएसजे कुमार सात साल से ज्यादा कारावास की सजा वाले मामले की सुनवाई कर रहे थे.

सभी पार्टी के मौजूदा सांसदों और विधायकों के मामले त्वरित कोर्ट को भेजने का आदेश देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट की जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम अंबा ने एक साल के अंदर केस निपटाने का निर्देश दिया था.

उसके बाद आप के खिलाफ सीबीआई की ओर से दर्ज एक मामले पर एएसजे कुमार ने फैसला दिया. सीबीआई ने बाद में इसी मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी. एसीएमएम समर विशाल ने आप विधायकों के खिलाफ 21 मामले निपटाए जो दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए थे. इन मामलों में रक्षा अधिनियम का उल्लंघन (वायलेशन ऑफ डिफेशमेंट एक्ट) और सरकारी कर्मचारी के आदेशों की अवज्ञा करने का आरोप था.

आप के जिन नेताओं को 19 मामलों में राहत मिली है, उनमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और पूर्व मंत्री असीम अहमद खान शामिल हैं.

पार्टी के दो नेताओं को दोषी भी ठहराया गया है. इनमें बिजवासन के विधायक देविंदर सहरावत और तुगलकाबाद के विधायक सही राम के नाम शामिल हैं. सहरावत को विरूपण अधिनियम के तहत दोषी पाया गया और उन्हें कोर्ट ने फटकार सुनाई. सही राम को उनके पड़ोस में रहने वाले एक लड़के को जानबूझ कर परेशान करने के लिए दोषी पाया गया.

कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, दिल्ली की अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के खिलाफ छह जिला अदालतों में चल रहे 144 मामले एसीएमएम विशाल को भेजे गए.

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