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CWC की बैठक में दिखा 2G इफैक्ट, राहुल के तीखे तेवरों से आक्रामक हुई कांग्रेस

गुजरात चुनाव के नतीजों के बाद अब टू जी का फैसला कांग्रेस के लिए जोश का सबब बन गया है और यही राहुल के तेवरों में दिखाई पड़ा

Updated On: Dec 23, 2017 09:18 AM IST

Syed Mojiz Imam
स्वतंत्र पत्रकार

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CWC की बैठक में दिखा 2G इफैक्ट, राहुल के तीखे तेवरों से आक्रामक हुई कांग्रेस

राहुल गांधी की अध्यक्षता में पहली बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. राहुल ने लीक से हटकर ये मीटिंग कांग्रेस के दफ्तर 24 अकबर रोड में की है. इससे पहले सोनिया गांधी ज्यादातर मीटिंग अपने निवास स्थान दस जनपथ में करती रहीं है. राहुल गांधी ने इस बैठक में बीजेपी सरकार की नाकामियों पर चर्चा की. राहुल गांधी ने इस बैठक के बाद खुद मीडिया से बात की जो पहले सोनिया गांधी के दौर में नहीं देखा गया. इससे साफ है कि बड़े मुद्दों पर राहुल गांधी खुद आगे आकर पार्टी को लीड करेंगें. राहुल गांधी ने कहा बीजेपी की बुनियाद झूठ पर है. राहुल ने 2 जी पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि ‘2 जी का पूरा मामला झूठ पर था और सच्चाई सामने आ गयी है. इस मसले पर प्रधानमंत्री खामोश क्यों है.’

राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमानों के खरीद पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. राहुल ने पीएम से करप्शन के मामलों में जवाब मांगा है. जोश से भरे राहुल ने कहा कि वो बीजेपी के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.

sonia gandhi rahul gandhi

बैठक में राहुल से पहले पहुंची सोनिया

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पहुंची.  वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया का आना इस बात का सुबूत है कि अभी राहुल गांधी को सोनिया के साये में ही रहना पड़ेगा. इससे साफ है कि सोनिया गांधी राहुल को राजनीति में अकेला नहीं छोडने वाली हैं. बल्कि उनको सलाह मशविरा देती रहेंगीं. सोनिया गांधी की कोर टीम कांग्रेस के लिए काम करती रहेगी. राहुल गांधी को मौके बे मौके पर सोनिया गांधी की हिदायत पर चलना पड़ सकता है.साफ है कि इस तरह की अहम बैठकों मे सोनिया गांधी आगे भी मौजूद रहेगी. कांग्रेस के एक सीनियर नेता का कहना है कि 'जिस तरह का राजनीतिक माहौल है उसमें सामंजस्य की राजनीति की जरूरत है जिसमें सोनिया गांधी एक्सपर्ट हो चुकी हैं'.

मीटिंग का नजारा कुछ दिलचस्प था. कांग्रेस के नए अध्यक्ष राहुल गांधी के एक ओर सोनिया गांधी बैठी थीं तो दूसरी तरफ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. इससे पहले भी राहुल गांधी वर्किंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर चुके हैं. लेकिन ऐसा तब हुआ था जब उनकी मां सोनिया गांधी अपने इलाज के सिलसिले में देश से बाहर गई थीं. राहुल गांधी की बागडोर में पहली बैठक का असर संसद से लेकर सड़को पर भी देखने को मिला.

बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

2 जी घोटाले के फैसले के बाद कांग्रेस में जोश आ गया है. जिस वक्त कांग्रेस के केन्द्रीय कार्यालय में वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही थी उस वक्त दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. कांग्रेस की मांग है कि  2 जी मामले में कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाने के लिए बीजेपी माफी मांगे. दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि 'हमारा विरोध प्रदर्शन तब तक चलता रहेगा जब तक बीजेपी, अरविंद केजरीवाल और पूर्व सीएजी विनोद राय देश से मांफी नहीं मांगते'.जाहिर है कि कांग्रेस नए फार्म में है.

राहुल गांधी को लग रहा है कि 2जी मामले में कांग्रेस की किरकिरी हुई थी और अब यही 2 जी बीजेपी को रूसवा करने के लिए बड़ा हथियार बन सकता है. अजय माकन आजकल राहुल गांधी के करीब है और यूपीए सरकार में केन्द्र में मंत्री भी रह चुके हैं. राहुल के करीबी बताते हैं कि राहुल गांधी इस मामले में कॉम्बैटिव मोड में हैं जिसका असर संसद की कार्यवाही पर भी देखने को मिल रहा है.

2 जी पर कांग्रेस क्यों है हमलावर?

बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कथित घोटाले को लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया था. यूपीए-2 सरकार में कथित भ्रष्टाचार मनमोहन सिंह सरकार की हार का एक कारण था. सूत्रों के मुताबिक बैठक में मनमोहन सिंह के खिलाफ मोदी की टिप्पणी को लेकर सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच चल रही रस्साकशी और बयान-बाजियों से पैदा हुई स्थिति पर भी चर्चा की गयी. संसद मे 2जी के फैसले के बाद कांग्रेस की धार तेज हुई है. क्योंकि इससे पहले गुजरात चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह ने कुछ मौजूदा और पूर्व पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ मिलकर गुजरात चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की है जिसका विरोध संसद में कांग्रेस कर रही है. कांग्रेस को लग रहा है कि 2 जी से बीजेपी पर निशाना तो साधा ही जा सकता है बल्कि दोहरा वार अरविंद केजरीवाल पर भी किया जा सकता है. केजरीवाल यूपीए के कथित करप्शन को लेकर अन्ना हजारे के साथ आंदोलन करते रहे थे जिसका खामियाजा यूपीए को उठाना पड़ा.

Rahul-Sonia

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात हिमाचल के चुनाव पर चर्चा

कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने गुजरात और हिमाचल की जनता का धन्यवाद किया. कांग्रेस ने कहा कि जिस तरह से जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया है उससे वो विपक्ष की भूमिका बखूबी निभाएगी. गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मजबूत प्रदर्शन और भविष्य में पार्टी पर होने वाले असर समेत मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गयी.

23 दिसंबर को राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर हैं जहां वो पार्टी के परफार्मेंस की समीक्षा करेंगें. राहुल गांधी गुजरात में ये जानने की कोशिश करेंगे कि किस वजह से पार्टी चुनाव में जीत के मुहाने पर पहुंच कर हार गयी. राहुल यहां के स्थानीय नेताओं से चुनाव का फीड बैक लेंगें. इसके अलावा जमीनी कार्यकर्ताओं से सगंठन की कमजोरी को दूर करने के सुझावों पर भी चर्चा करेंगे.

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