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बोलने से पहले जुबान के साथ मोबाइल पर भी ध्यान रखें कांग्रेस नेता क्योंकि सब रिकॉर्ड हो रहा है

चाहे वो सीपी जोशी हों या फिर कमलनाथ, कांग्रेस के नेता ही अपने-अपने राज्यों में ‘कमल’ खिलाने के लिए बयानों से पानी दे रहे हैं

Updated On: Nov 23, 2018 04:51 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

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बोलने से पहले जुबान के साथ मोबाइल पर भी ध्यान रखें कांग्रेस नेता क्योंकि सब रिकॉर्ड हो रहा है

संत कबीरदास जी ने कहा था कि प्रेम के केवल ढाई अक्षर पढ़कर ही पंडित  हुआ जा सकता है. एक जुलाहे परिवार से निकले संत ने ईश्वरीय सत्य को समझते हुए हिंदू धर्म पर बड़ी बात कहने का साहस जुटाया था कि सिर्फ पोथियां पढ़ कर ज्ञान हासिल कर लेने भर से विद्वान होने का दंभ नहीं भरा जा सकता है. विद्वान होने के लिए पंडित होने की भी जरुरत नहीं बल्कि जो प्रेम समझ गया वो ज्ञानी हो गया. कबीरदास जी का यही ज्ञान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राजस्थान के नेता सीपी जोशी को देना पड़ गया है. राजस्थान में चुनावी रैली में सीपी जोशी ने कहा कि पिछड़ी जातियों से आने वाले हिंदू धर्म पर बात कर रहे हैं जो कि केवल ब्राह्मणों का अधिकार है. सीपी जोशी ने पीएम मोदी और उमा भारती की जाति पर सवाल उठाया है.

नाथद्वारा में एक चुनावी रैली में सीपी जोशी ने कहा कि, ‘उमा भारती की जाति मालूम है किसी को? ऋतंभरा की जाति मालूम है किसी को क्या? इस देश में धर्म के बारे में कोई जानता है तो पंडित जानते हैं. अजीब देश हो गया. इस देश में उमा भारती लोधी समाज की हैं, वह हिंदू धर्म की बात कर रही हैं. साध्वीजी किस धर्म की हैं? वह हिंदू धर्म की बात कर रही हैं. नरेंद्र मोदीजी किसी धर्म के हैं, हिंदू धर्म की बात कर रहे हैं. 50 साल में इनकी अक्ल बाहर निकल गई.’

CP Joshi

सीपी जोशी के बयान से कांग्रेस में हड़कम्प मच गया. राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ऐसे बयानों से बचने की जरुरत है क्योंकि बीजेपी इनका इस्तेमाल अपने पक्ष में कर सकती है. जिसके बाद कांग्रेस में कई दशक बिता चुके सीपी जोशी को कांग्रेस की संस्कृति बताने की जरुरत पड़ गई. ये बताना पड़ गया कि कांग्रेस जाति की राजनीति नहीं करती. राहुल ने ट्वीट कर कहा कि ऐसे बयान कांग्रेस की संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं .

राहुल को ट्वीट कर फौरन ही कहना पड़ गया कि, ‘सीपी जोशी जी का बयान कांग्रेस पार्टी के आदर्शों के खिलाफ है. पार्टी के नेता ऐसा कोई बयान न दें, जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दुख पहुंचे... कांग्रेस के सिद्धांतों, कार्यकर्ताओं की भावना का आदर करते हुए जोशी जी को गलती का अहसास जरूर होगा. उन्हें अपने बयान पर अफसोस प्रकट करना चाहिए’.

राहुल गांधी संसद में पीएम मोदी से गले मिलते हैं. संसद से लेकर सड़क तक वो ये बताने की कोशिश करते हैं कि कांग्रेस प्रेम की राजनीति करती है और   समाज को जोड़ने का काम करती है. वो बीजेपी और आरएसएस पर देश को जाति और धर्म के नाम पर तोड़ने और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं. लेकिन उनकी ही पार्टी के एक बड़े नेता जिन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट भी मिला है, वो ही जाति और धर्म पर विवादास्पद बयान दे रहे हैं. उनके बयान से निकलता निष्कर्ष कहता है कि पीएम मोदी और उमा भारती को हिंदू धर्म पर बोलने का अधिकार नहीं है क्योंकि ये लोग ओबीसी से आते हैं.

Rahul Gandhi Hugging PM Modi

जिन जातियों पर सीपी जोशी सवाल उठा रहे हैं वो ये भूल रहे हैं कि इन्हीं जातियों का वोटबैंक कभी कांग्रेस का कोर वोटर हुआ करता था जो बाद में छिटक गया और अब कांग्रेस इन्हीं के भरोसे सत्ता में वापसी का समीकरण बना रही है. लेकिन सीपी जोशी अपनी ही कांग्रेस के सपनों के महल पर जुबान से बुलडोज़र चला रहे हैं.

सीपी जोशी के इस 'ब्रह्म ज्ञान' से राजनीति का गूढ़ रहस्य फिर उजागर हो गया कि आज के दौर में नेता ‘वोट के लिए कुछ भी करेगा.’ वैसे भी सीपी जोशी एक वोट की कीमत जानते हैं. एक वोट की चोट वो आजतक नहीं भूले हैं जिसकी वजह से वो न सिर्फ चुनाव हारे बल्कि राजस्थान में सीएम की दौड़ के लिए भी अनफिट हो गए. इस बार वो राम मंदिर पर चल रही बहस के बीच हिंदुत्व पर जाति की बहस छेड़ गए.

वैसे भी आधुनिक इतिहास में ब्राह्मणों पर तमाम आरोप लगाए गए हैं. ब्राह्मणों पर दलितों पर अत्याचार और समाज का शोषण करने का आरोप लगाया जाता रहा है. ये भी आरोप लगे कि समाज में वर्ण-व्यवस्था बना कर खुद को श्रेष्ठ बताकर दूसरी जातियों के साथ भेदभाव किया. अगर पहले हिंदू धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने, बांचने, उनसे शिक्षा बांटने का अधिकार ब्राह्मण ऋषि-मुनियों को था तो अब सीपी जोशी के मुताबिक ब्राह्मण के अलावा किसी और जाति के लोगों को हिंदू धर्म पर बोलने का अधिकार नहीं है.

cp joshi

सीपी जोशी का बयान दरअसल वोटों की खातिर समाज को ही जति के आधार पर बांटने का काम कर रहा है. तभी बीजेपी उनसे सवाल कर रही है कि क्या लोधी समाज या यादव समाज या दूसरी जातियों को सम्मान का अधिकार नहीं है?

क्या पीएम मोदी की जाति पर प्रहार करने भर से या फिर उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने से कांग्रेस को सत्ता मिल जाएगी? सीपी जोशी के बयान से गंभीर नतीजों की आशंका को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तुरंत ही ट्वीट जारी कर निंदा की. जिसके बाद सीपी जोशी ने भी अपने बयान का गलत मतलब निकालने की बात कह कर दुख जताया. लेकिन बीजेपी अब हाथ आए इस ‘दुख’ को यूं ‘हाथ’ से जाने नहीं देगी.

कांग्रेस के नेता ही अपने-अपने राज्यों में ‘कमल’ खिलाने का काम कर रहे हैं. मध्यप्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ राज्य में 90 प्रतिशत मुसलमानों के वोटों की जरूरत की बात कर रहे हैं. वहीं मध्यप्रदेश पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राज बब्बर पीएम मोदी की मां की उम्र की तुलना रुपये की मौजूदा स्थिति से कर रहे हैं.

kamalnath

गुजरात विधानसभा चुनाव में भाषायी मर्यादा खोने के बाद बीजेपी के हमलों से कांग्रेस संभल नहीं सकी. हाथ आई सत्ता मणिशंकर अय्यर जैसे नेताओं की फिसलती जुबानी की वजह से फिसल गई. यही वजह है कि सभी कांग्रेसी नेताओं को हाईकमान से ये सख्त हिदायत मिली हुई है कि वो किसी भी टिप्पणी पर अपने शब्दों के चयन और भावनाओं पर काबू रखें ताकि पार्टी को बैकफुट पर जाकर फील्डिंग न करनी पड़े. इसके बावजूद पार्टी के बड़े नेता ही अनुशासन का पालन करते नहीं दिखाई दे रहे हैं. राजनीति के माहिर इन पुराने नेताओं के ये जान लेना चाहिए कि आज का दौर टीवी पत्रकारिता से गुजरता हुआ अब हाथों के मोबाइल तक पहुंच गया है. इसलिए कुछ भी बोलने से पहले ये जरूर ध्यान रखें कि बंद कमरों के भीतर भी कोई देख रहा है और दीवारों के वाकई कान होते हैं और मोबाइल में सब रिकॉर्ड हो रहा है.

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