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बीजेपी की खराब छवि नहीं, बेहतर विकल्प के साथ लड़ेंगे चुनाव: सचिन

बीजेपी की छवि खराब है, केवल इस बलबूते पर हम सरकार बनाएंगे, यह हमारी मानसिकता नहीं है

Updated On: Oct 02, 2017 05:34 PM IST

Bhasha

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बीजेपी की खराब छवि नहीं, बेहतर विकल्प के साथ लड़ेंगे चुनाव: सचिन

मंगलवार से कांग्रेस पार्टी राजस्थान में चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है. वह किसानों का मुख्य मुद्दा ऋण माफी के लेकर किसान पदयात्रा निकालने जा रही है. इसका नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट करने जा रहे हैं.

सोमवार को सचिन ने कहा, ‘बीजेपी की छवि खराब है, केवल इस बलबूते पर हम सरकार बनाएंगे, यह हमारी मानसिकता नहीं है. हम एक बेहतर शासन मॉडल तैयार कर रहे हैं ताकि लोगों को अच्छा शासन मिल सके और वह भाजपा की कुरीतियों से परे हो. इसमें शिक्षा, श्रम, स्वच्छता, शहरी विकास आदि शामिल हैं.’

सरकार के पास जनता से मिलने का वक्त नहीं है 

राजस्थान की चर्चा करते हुए कहा कि यहां किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार कह रही है कि कमेटी बनाएगी. यह किसानों के साथ धोखा है.

उन्होंने कहा, ‘हम लोग तीन अक्तूबर से एक किसान न्याय पदयात्रा शुरू करेंगे. इसमें हजारों किसान बारां से 100 किलोमीटर की पदयात्रा कर झालावाड़ तक जाएंगे जो मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है. हम सरकार को किसान ऋण माफी के लिए मजबूर करेंगे.’

उन्होंने दावा किया, ‘‘जनता की आवाज विधायक नहीं सुनते. विधायकों की आवाज मुख्यमंत्री नहीं सुनती और मुख्यमंत्री की बात प्रधानमंत्री नहीं सुनते. इसका खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है.’

उन्होंने दावा किया कि राज्य में 75 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. ऐसे एक भी किसान के घर न तो मुख्यमंत्री गईं और न ही उनका कोई मंत्री गया. ‘सरकार कितनी असंवेदनशील हो सकती है, इससे पता चलता है.’

बिना किसी तय चेहरे के साथ विधानसभा चुनाव में उतरेगी कांग्रेस 

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस यात्रा के पांच महत्वपूर्ण बिन्दु होंगे..पूर्ण किसान ऋण माफी, एमएसपी के अतिरिक्त 50 प्रतिशत लागत दिलवाना, कृषि उपकरणों को जीएसटी से हटाना, हाड़ौती क्षेत्र में इस्बगोल, पोदीना आदि पर एमएसपी दी जाए. साथ ही मौके पर खरीद की जाए तथा राज्य सरकार एमएसपी पर बोनस फिर से शुरू करे.

राजस्थान में कांग्रेस के लिए चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 2013 के चुनाव में कांग्रेस के महज 21 विधायक आए थे जो आजादी के बाद सबसे कम थे.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस किसी चेहरे के साथ विधानसभा चुनाव में उतरेगी, उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस की आमतौर पर यह परंपरा रही है कि पार्टी एक टीम की तरह उतरती है. चुनाव नतीजों के बाद विधायक अपना फैसला करते हैं और अंतिम फैसला एआईसीसी करती है.'

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