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इतिहास नहीं जानते PM मोदी और खुद का इतिहास गढ़ते हैं: कांग्रेस

अभी हाल में कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि राहुल गांधी कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी मानते हैं. कांग्रेस ने फौरन इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा था कि वह मजहब और जाति के आधार पर राजनीति नहीं करती

Updated On: Jul 15, 2018 05:58 PM IST

FP Staff

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इतिहास नहीं जानते PM मोदी और खुद का इतिहास गढ़ते हैं: कांग्रेस

कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान का पुरजोर विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं न कि केवल बीजेपी के. उनकी मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी राष्ट्रवादी आंदोलन चलाया था और आजादी की जंग लड़ी थी. उस पार्टी को मुस्लिम पार्टी कहना पीएम के लिए अच्छा नहीं है. उन्हें इतिहास की काफी कम जानकारी है. वे खुद का इतिहास लिखते हैं.

अभी हाल में कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि राहुल गांधी कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी मानते हैं. कांग्रेस ने फौरन इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा था कि वह मजहब और जाति के आधार पर राजनीति नहीं करती.

शनिवार को पीएम मोदी ने वाराणसी की एक जनसभा में राहुल गांधी के उस कथित बयान पर हमला बोला था और कहा था कि कांग्रेस खुद को मुस्लिमों की पार्टी तो बताती है लेकिन जब मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से बचाने की बात होती है, तो वह विरोध में उतर जाती है.

पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने रविवार को कहा, उन्हें (पीएम) याद रखना चाहिए कि कांग्रेस के अध्यक्ष कभी महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, लाल लाजपत राय, मौलाना आजाद रह चुके हैं. अच्छा रहेगा कि वे अपने दफ्तर में कांग्रेस अध्यक्षों की एक लिस्ट रखें. ऐसा करने से हो सकता है कि वे लोगों को गलत जानकारी देने से बच जाएं.

शर्मा ने आगे कहा, ऐसे बयान देकर पीएम न सिर्फ इतिहास का अनादर कर रहे हैं, बल्कि वे भारत की उपलब्धियों को भी कमतर आंक रहे हैं. उनकी यह बीमार मानसिकता राष्ट्र के लिए गंभीर मुद्दा है. पीएम मोदी जो भी बयान देते हैं, वे इतिहास और तथ्यों से परे होते हैं.

गुरुवार को एक उर्दू अखबार की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुई जिसमें 2019 चुनाव से पहले कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था. यह रिपोर्ट आने के एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मिले थे. इन बुद्धिजीवियों ने राहुल गांधी से 1970 के दशक की कांग्रेस की याद दिलाई थी जब पार्टी 'साझा विरासत' की अवधारणा को मानती थी.

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