In association with
S M L

चुनाव में सोशल मीडिया नाम का हथियार चलाना सीखने लगी है कांग्रेस

Syed Mojiz Imam Updated On: Jan 12, 2018 10:26 PM IST

0
चुनाव में सोशल मीडिया नाम का हथियार चलाना सीखने लगी है कांग्रेस

राहुल गांधी कर्नाटक में श्रंगेरी मंदिर से चुनाव प्रचार का आगाज करने वाले हैं. ये धार्मिक तौर पर महत्वपूर्ण स्थान है. कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक भी है. इमरजेंसी के बाद चिकमंगलूर सीट से इंदिरा गांधी की लोकसभा में वापसी हुई थी. इससे पहले कर्नाटक में मीडिया मे पार्टी की पहुंच बनाने के लिए प्रियंका चतुर्वेदी और राधिका खेड़ा को दिल्ली से भेजा गया है. ये टीम वहां पर नए टैलेंट की पहचान कर रही है.

ये लोग टीवी पर जाने से लेकर सोशल मीडिया में पार्टी के एजेंडे को मजबूती से रखने वाले लोगों की तलाश कर रहे हैं. जिसके लिए लोगों का इंटरव्यू लिया जा रहा है. हालांकि पार्टी की सोशल मीडिया टीम की चेयरमैन दिव्या स्पंदना भी कर्नाटक से हैं. दिव्या स्पंदना कर्नाटक से लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं. कांग्रेस ने 2014 तक सरकार में होने के बाद भी सोशल मीडिया पर ध्यान नहीं दिया. जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा लेकिन अब कांग्रेस को समझ में आ गया है कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट पार्टी के लिए जरूरी है, क्योंकि युवा वर्ग में ज्यादातर लोग स्मार्ट मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. जिससे कांग्रेस की बात पहुंचाना आसान हो गया है.

कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की चेयरमैन दिव्या स्पंदना ने दावा किया है कि सोशल मीडिया में कांग्रेस बीजेपी पर भारी पड़ रही है. दिव्या का कहना है कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर काम भले देर से शुरू किया हो लेकिन अब बीजेपी से आगे है. नरेंद्र मोदी के मुकाबले राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ रही है.

इसके पीछे का तर्क है कि बहरीन में राहुल गांधी के भाषण को 5.5 लाख लोगों ने सोशल मीडिया पर लाइव देखा जबकि अगले दिन प्रवासी भारतीय सांसदों की बैठक में पीएम की स्पीच को 4.77 लाख लोगों ने देखा है. दिव्या का कहना है कि ट्विटर पर राहुल गांधी को 58 लाख लोग फॉलो कर रहे है.

divya spandana

ये संख्या लगातार बढ़ रही है. कांग्रेस का दावा है कि ये सभी नंबर्स पार्टी को स्वभाविक (ऑर्गेनिक) तरीके से मिल रहे हैं. इसमें कांग्रेस कोई खेल नहीं कर रही है. क्योंकि पार्टी को फायदा तभी मिलेगा जब ज्यादा लोगों तक पार्टी की बात पहुंचे.

गुजरात का फॉर्मूला अपनाएगी कर्नाटक में कांग्रेस

गुजरात में कांग्रेस की सीटों संख्या में इजाफे की एक वजह सफल सोशल मीडिया कैंपेन भी माना जा रहा है. कांग्रेस ने गुजरात की तर्ज पर कर्नाटक में ये काम पहले से शुरू कर दिया है. जिसका फायदा पार्टी को मिलने की उम्मीद है. कर्नाटक में कांग्रेस ने एक साइबर टीम बनाई है. जिसमें तकरीबन 50 लोग काम कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: जानिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों के बारे में

इनमें कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलावा आईटी प्रोफेशनल भी काम कर रहे हैं. कांग्रेस ने चार लेयर टीम बनाई है. जिसमें स्टेट लेवल ,जिला स्तर ब्लॉक स्तर और हर बूथ पर एक डिजिटल वर्कर बनाया है. पार्टी ने इसमे कई प्रोफेशनल को भी अपने साथ काम पर लगाया है. जिसमें कंटेंट और डिजाइन पर काम करने वाले लोग है जिनको आउटसोर्स किया गया है.

यहीं नही ये सेल अब 2019 के आम चुनाव तक काम करने जा रहा है. हालांकि पार्टी के नेता कह रहे है कि ज्यादातर काम करने वाले कांग्रेस के वर्कर है लेकिन जानकारी के मुताबिक प्रोफेशनल्स को पार्टी ने तन्ख्वाह पर रखा है. ये टीम दिन रात इस काम में लगी है कि पार्टी को सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाए.

कांग्रेस के झारंखड प्रभारी आरपीएन सिंह का कहना है कि पार्टी का सोशल मीडिया कैंपेन लगातार प्रभावी ढंग से बढ़ रहा है. गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बीजेपी से काफी आगे थी. जिसकी वजह से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तक को ये कहना पड़ा कि सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी के खिलाफ हो रहे प्रचार पर ध्यान ना दें. ये वही सोशल मीडिया है जिस पर कांग्रेस नदारद दिखाई पड़ रही थी, लेकिन अचानक कांग्रेस के समर्थकों की सूची फेसबुक और ट्विटर पर बढ़ रही है. खासकर जब से कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर काम तेज किया है.

कांग्रेस के समर्थक भी सोशल मीडिया कैंपेन में आगे

सोशल मीडिया के पावर को भले बीजेपी ने पहले पहचाना और इसका फायदा भी उठाया, लेकिन अब कांग्रेस भी बीजेपी के नक्शे कदम पर है. फेसबुक पर राहुल गांधी के नाम से ही तकरीबन सैंकड़ों पेज चल रहे हैं. जिन पर अच्छे लाइक्स भी मिल रहे हैं. राहुल गांधी फ्यूचर ऑफ इंडिया के नाम से पेज चलाने वाले परवेज़ आलम खान ओखला से कांग्रेस के काउंसलर पद के प्रत्याशी रह चुके हैं.

गुजरात चुनाव के दौरान की तस्वीर

गुजरात चुनाव के दौरान की तस्वीर

चुनाव में कामयाबी नहीं मिली लेकिन उनके राहुल गांधी वाले पेज को इस हफ्ते ही 61,000 लोगों ने लाइक किया है. परवेज़ आलम खान कहते है कि सोशल मीडिया के जरिए पहुंच बनाना आसान है. क्योंकि आजकल लोगों के पास इतना टाइम नहीं है कि राजनीतिक रैलियों में जाएं और पार्टी की बात सुनें. इस तरह से प्रियंका गांधी के नाम से भी कई पेज चल रहें हैं. हालांकि प्रियंका गांधी के मुकाबले राहुल गांधी को ज्यादा लोग फॉलो कर रहे हैं. क्योंकि कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी का कैंपेन चलाया जा रहा है. प्रियंका के नाम से पेज चलाने वाले एमैच्योर लोग है. इन सभी का कांग्रेस और बढ़िया इस्तेमाल कर सकती है.

कांग्रेस के सोशल मीडिया अभियान की शुरुआत

कांग्रेस का सोशल मीडिया अभियान काफी पहले शुरू किया गया था लेकिन कांग्रेस ने नजरअंदाज किया है. 2004-2005 से राहुल गांधी के बारे में सोशल मीडिया में काम शुरू हुआ था. पहले पत्रकारों को राहुल गांधी के बारे में ईमेल और एसएमएस के जरिए राइट अप और फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के साथ शुरुआत की गई थी. बाद मे सोनिया गांधी के लिए भी चलाया इस तरह का अभियान चलाया गया. ये टीम कांग्रेस मीडिया विभाग से अलग होकर काम करती रही. इसके बाद इस टीम ने प्रेसब्रीफ डॉट इन के नाम से वेबसाइट की शुरुआत की.

ये भी पढ़ें: SC जजों की प्रेस कांफ्रेंस: खतरे की घंटी या न्यायिक सुधारों की शुरुआत?

राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र अमेठी और सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली के नाम से भी वेबसाइट शुरू की गई. प्रेसब्रीफ ने राहुल गांधी के भाषणों, रैलियों का वीडियो को भी यूट्यूब पर भी डालने की शुरुआत की थी. इस यूट्यूब चैनल पर सोनिया गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की बॉयोग्राफी उपलब्ध है. ये काम पंकज शंकर की टीम करती रही जो पहले राहुल गांधी के लिए मीडिया का काम संभालते थे.

बीजेपी से कैसे करेगी कांग्रेस मुकाबला

कांग्रेस का सोशल मीडिया अभियान अभी शुरू हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम कांग्रेस की टीम से कारगर है. कांग्रेस अपनी पीठ भले थपथपा रही है लेकिन गुजरात के चुनाव में जीत बीजेपी की हुई.

कांग्रेस 22 साल के बीजेपी राज का खात्मा करने में नाकाम रही है. उसकी भी वजह है कि बीजेपी का कैडर जमीन पर लगातार मजबूत हो रहा है. खासकर 2014 के बाद बीजेपी ने संगठन को बढ़ाने का काम किया है. लेकिन कांग्रेस अभी जमीनी सतह पर मजबूत नहीं है. सोशल मीडिया तभी कारगर हो सकता है जब जमीनी वर्कर को भी डिजिटल वर्कर की तरह महत्व मिले.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
गणतंंत्र दिवस पर बेटियां दिखाएंगी कमाल!

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi