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अब कांग्रेस नेता ने कहा: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बनें राष्ट्रपति

कांग्रेस नेता सी के जाफर शरीफ ने कहा कि- मोहन भागवत के नाम पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए

Bhasha Updated On: Apr 01, 2017 08:20 PM IST

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अब कांग्रेस नेता ने कहा: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बनें राष्ट्रपति

शिवसेना के बाद अब कांग्रेस ने भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को देश का राष्ट्रपति बनाने की वकालत की है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीके जाफर शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मोहन भागवत को भारत का राष्ट्रपति बनाने का समर्थन किया है.

पूर्व रेल मंत्री जाफर शरीफ ने कहा कि, उनकी ‘देशभक्ति और संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता’ पर कोई संदेह नहीं है.

उन्होंने 29 मार्च को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं निजी तौर पर महसूस करता हूं कि देश के राष्ट्रपति पद के लिए श्री मोहन भागवत के नाम पर विचार किए जाने पर किसी को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए.’

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उन्होंने आगे कहा कि, किसी को भी राष्ट्रपति पद के लिए भागवत के नाम का विरोध करके एक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि वह एक ‘देशभक्त होने के साथ ही लोकतंत्र के प्रति समर्पित हैं’ और लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं.

शिवसेना भी कर चुकी है समर्थन

शिवसेना ने हाल में सुझाव दिया था कि भागवत को अगला राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए लेकिन कांग्रेस इस सुझाव के खिलाफ सामने आई क्योंकि पार्टी ‘भगवा विचारधारा का विरोध करती है.’ पार्टी ने कहा कि आंतरिक चर्चा के बाद वह अपना स्वयं का उम्मीदवार उतारेगी.

इस सवाल पर कि भागवत पर उनका रुख कांग्रेस से अलग हो सकता है शरीफ ने कहा कि मोहन भागवत का उनका समर्थन ‘सिद्धांत’ का मामला है.

उन्होंने सवाल किया, ‘जो कोई भी राष्ट्रपति बने उसे संविधान के तहत कार्य करना होगा. भागवत यदि राष्ट्रपति बनते हैं और संविधान के अनुसार काम करते हैं तो गलत क्या है.’

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का इसी साल जुलाई में कार्यकाल खत्म होने वाला है. शीर्ष पद के लिए भागवत की उम्मीदवारी को लेकर अटकलें हैं. आरएसएस प्रमुख ने हालांकि ऐसी खबरों को खारिज कर दिया है.

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शरीफ ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश युद्ध के दौरान आरएसएस ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का समर्थन किया था.

उन्होंने सवाल किया, ‘अब किसी को भी छोटा और संकीर्ण मानसिकता वाला होकर यह क्यों कहना चाहिए कि हमें एक ऐसे भारतीय में कोई विश्वास नहीं है जो देशभक्त और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध है और लोगों के कल्याण के लिए भी काम कर रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं इसलिए दृढ़ता से महसूस करता हूं कि किसी को भी श्री भागवत के नाम पर विचार किए जाने का विरोध करके बेवजह का एक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए.’

अल्पसंख्यकों में किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए

शरीफ ने उम्मीद जताई कि राजनीतिक दल भी ‘उदार और बड़े दिल वाले’ बनेंगे और देश के धर्मनिरपेक्ष लोगों की उम्मीदों के अनुरूप बनने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे.

उन्होंने कहा कि, भागवत के नाम को इस प्रतिष्ठित पद के लिए विचार किए जाने पर अल्पसंख्यकों में किसी तरह का भय नहीं होना चाहिए.

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