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1992 में हुए दंगों के लिए जामा मस्जिद में माफी मांगें मोदी: कांग्रेस

कांग्रेस नेता चरण सिंह सापरा ने 1992 के दंगों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से जामा मस्जिद में माफी मांगने की मांग की है, जिस तरह से सोनिया गांधी ने सिख दंगों के लिए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माफी मांगी थी

Updated On: Dec 10, 2017 06:02 PM IST

FP Staff

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1992 में हुए दंगों के लिए जामा मस्जिद में माफी मांगें मोदी: कांग्रेस

1984 और 1992 के दंगों की राजनीति गलियारों में चर्चा फिर से शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता चरण सिंह सापरा ने 1992 के दंगों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से जामा मस्जिद में माफी मांगने की मांग की है, जिस तरह से सोनिया गांधी ने सिख दंगों के लिए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माफी मांगी थी.

कांग्रेस नेता ने न्यूज़18 के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'ना तो मेरी पार्टी और ना ही मैं 1984 के सिख विरोधी दंगों का समर्थन करते हैं. सोनिया गांधी स्वर्ण मंदिर गईं और वहां उन्होंने मीडिया के सामने माफी मांगी. मनमोहन सिंह ने भी संसद में माफी मांगी थी. लेकिन पिछले 33 सालों से बीजेपी हमारे दर्द को कुरेद रही है. क्या 1992 के दंगों के लिए नरेंद्र मोदी जामा मस्जिद जाकर माफी नहीं मांग सकते?

बता दें ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सिख बॉडीगार्ड ने उनकी हत्या कर दी थी. इसके बाद 1984 के दंगों की शुरुआत हुई थी. वहीं दूसरी ओर अयोध्या का बाबरी मस्जिद कार सेवकों द्वारा ढहाने के बाद 1992 के दंगे हुए.

बीजेपी ने अमित शाह के सौजन्य से ट्वीट किया, 'कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा की पीएम श्री मोदी को 2002 के दंगों के लिए जामा मस्जिद में जाकर माफ़ी मांगनी चाहिए. पूरा देश जनता है कि 2002 के दंगों में कांग्रेस से प्रेरित एनजीओ ने जितने भी फर्जी आरोप लगाये थे, सभी मामलों में मोदी जी पर कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ'.

इसके अलावा शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा जिग्नेश मेवाणी की पीएफआई से पैसे लेने वाली तस्वीर वायरल हो चुकी है. पीएफआई हमेशा से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है. राहुल गांधी ऐसे किसी व्यक्ति से मिलते हैं, जो राष्ट्रीय विरोधी संगठन के साथ संबंध रखता है और कांग्रेस वोट बैंक को मजबूत करने के लिए ऐसे व्यक्ति के लिए सीट देती है.

सापरा का ये बयान ऐसे समय में आया है जब गुजरात में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं और बीजेपी पांचवीं बार सत्ता हासिल करने की कोशिश में है जबकि कांग्रेस गुजरात में खुद को स्थापित करने का रास्ता ढूंढ रही है.

(साभार: न्यूज़18)

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