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कांग्रेस का इंटरनल सर्वे: 2019 में दिल्ली की 7 में से 5 लोकसभा सीटें जीतने का भरोसा

यह सर्वे 11 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 24 पर कराया गया था. सर्वे में चुनाव और कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर कुल 1276 लोगों से रैंडमली बात की गई थी

FP Staff Updated On: Jun 06, 2018 12:40 PM IST

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कांग्रेस का इंटरनल सर्वे: 2019 में दिल्ली की 7 में से 5 लोकसभा सीटें जीतने का भरोसा

2014 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीट हार जाने वाली कांग्रेस को लगता है कि अगले साल होने वाले आम चुनाव में वो अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल कर सकती है. कांग्रेस द्वारा किए गए अंदरुनी सर्वे के अनुसार पार्टी दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 5 पर अपना कब्जा जमा सकती है.

द हिंदू में छपी खबर के अनुसार दिल्ली कांग्रेस ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन की संभावनाओं से फिर इनकार किया. पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'दिल्ली में कराए डोर टू डोर सर्वे में यह बात निकल कर सामने आई कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हम 7 में से 5 सीटें जीतेंगे. जबकि इस दौरान आप के वोट शेयर में गिरावट आएगी.'

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने आप के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर पिछले सप्ताह कहा था कि इसकी कोई संभावना नहीं है.

अब, दिल्ली कांग्रेस द्वारा हाल में कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि दिल्लीवासी वर्तनाम अरविंद केजरीवाल सरकार के 3 वर्षों के कामकाज की तुलना में शीला दीक्षित सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल के दौरान अधिक संतुष्ट थे. यह सर्वे स्वराज इंडिया के लीडर योगेंद्र यादव की टीम ने किया था.

मंगलवार को माकन ने इस सर्वे रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमारे नेता और कार्यकर्ता आप के साथ गठबंधन नहीं चाहते. सर्वे के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस सही दिशा में आग बढ़ रही है. और अगर अपने अंदर ही गठबंधन करें (शीला दीक्षित) तो हमें किसी बाहरी से गठबंधन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.'

दिल्ली समेत कई राज्यों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच 2019 चुनाव को लेकर गठबंधन को लेकर कयासों का बाजार गर्म है

दिल्ली समेत कई राज्यों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है

70 में से 24 विधानसभा सीटों पर 11-28 अप्रैल के बीच हुई थी यह सर्वे

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 24 पर कराए इस सर्वे में कुल 1276 लोगों से रैंडमली बात की गई. रिसर्च टीम में शामिल विकास कुमार झा ने बताया कि यह सर्वे 11 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच की गई थी.

इस सर्वे में 42.5 प्रतिशत लोग आप की सरकार से संतुष्ट दिखे जबकि महज साढ़े 7 फीसदी ही सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट पाए गए. इसकी तुलना में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज से 30.6 प्रतिशत लोग संतुष्ट दिखे जबकि केवल 7.8 फीसदी लोग इससे पूरी तरह से संतुष्ट दिखे.

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक शीला दीक्षित सरकार से 54 प्रतिशत दिल्लीवासी संतुष्ट दिखे जबकि 15.4 फीसदी लोग इससे पूरी तरह संतुष्ट दिखे. लोगों से जब पूछा गया कि वो यदि 'कल' लोकसभा के चुनाव होते हैं तो वो किसे वोट देंगे, इसपर 41.2 प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस को वोट देने की बात कही. जबकि 27.4 फीसदी लोग बीजेपी और 16.8 प्रतिशत लोगों ने आप के पक्ष में वोट देने की बात कही.

इस सर्वे में यह बात भी निकल कर सामने आई कि यदि अभी लोकसभा चुनाव होते हैं तो दिल्ली की 7 में से 5 सीटों पर कांग्रेस के सबसे ज्यादा वोट शेयर होंगे.

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