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कांग्रेस ने गांवों को छोड़ा, मोदी बदलेंगे तस्वीर: तोमर

फर्स्‍टपोस्‍ट हिंदी के साथ बातचीत में उन्‍होंने कहा-सरकार विकास के लिए तत्पर हैं

Updated On: Nov 23, 2016 09:17 AM IST

Amitesh Amitesh

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कांग्रेस ने गांवों को छोड़ा, मोदी बदलेंगे तस्वीर: तोमर

चंबल के एक किसान परिवार में जन्‍म्‍ो नरेंद्र सिंह ताेमर अभी एनडीए सरकार में ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता मामलों के मंत्री हैं. ऐसे में गांवों आैर किसानों की समस्‍याओं से बखूबी वाकिफ हैं.

फर्स्‍टपोस्‍ट हिंदी के साथ बातचीत में उन्‍होंने दावा कि सरकार उन लोगों के विकास के लिए हमेशा तत्पर हैं जो अब तक विकास की रफ्तार में कहीं पीछे छूट गए हैं. तोमर का कहना है कि गांवों और किसानों के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस जिम्‍मेदार है.

तोमर ने कहा कि 70 साल बाद भी कोई बदलाव नहीं दिखा, गांव की उपेक्षा हुई, कृषि की उपेक्षा हुई और कृषि घाटे का सौदा हो गई. लेकिन जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से उनकी नजर गांव के विकास पर है. जिससे गांव का फायदा हो रहा है. आज मेक इन इंडिया की बात हो रही है, गरीब कल्याण वर्ष की बात कर रहे हैं. गांव में बिजली, सड़क और पानी की व्यवस्था हो, हर बच्चे को चिकित्सा की सुविधा हो, गांव आत्मनिर्भर बने इस पर जोर दिया जा रहा है.

हालांकि, मोदी सरकार के सत्ता में आए दो साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन, अबतक गांवों के विकास ने रफ्तार नहीं पकड़ी जिसका दावा किया जा रहा था.

नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि पिछले दो सालों में सरकार ने बहुत काम किया है. मोदी जी की गति से अब आम आदमी को भी अपनी गति बनानी होगी. तभी जाकर बदलाव बड़ा होगा.

मनरेगा को लेकर भी बीजेपी लगातार सवाल पूछती रही है. बीजेपी ने तो इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बताया था. यहां तक की प्रधानमंत्री ने मनरेगा को लेकर तंज भी कसा था. लेकिन, सरकार ने मनरेगा की फंडिग बढ़ा दी है.

ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहते हैं मनरेगा का मूल उद्देश्य रोजगार सृजित करने के अलावा इससे ऐसे एसेट्स बनाना है जिससे आने वाले वक्त में गांव का भला हो.

राज्य सरकारों को भी गाइडलाइंस भेजी गई है. अब मनरेगा का दोहरा उपयोग होगा. सरकार का खर्च मनरेगा में जरूर बढ़ा लेकिन, इससे रोजगार सृजन हुआ और सीधे मजदूर के खाते में पैसा भेजने की व्यवस्था की गई जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी.

सरकार की तरफ से मनरेगा के माध्यम से जलसंचय पर जोर दिया जा रहा है. तोमर का दावा है इससे गांवों में जलस्तर भी बढेगा. मनरेगा कांग्रेस की असफलता का प्रतीक था, केवल मनरेगा में गड्ढा खोदा गया. इसीलिए मोदी जी ने ऐसा कहा था,

लेकिन, अब इसका आधुनिकीकरण किया गया और वर्मी कम्पोस्ट से लेकर गांव में तालाब बनाने से लेकर हर स्तर पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.

फर्स्टपोस्ट से बातचीत में ग्रामीण विकास मंत्री तोमर मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान को सफल बताया.

तोमर का कहना है आज की तारीख में स्वच्छता अभियान एक जनआंदोलन बन गया है. आज एक लाख गांव और 37 जिले ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) हो गए हैं. जिस गति से काम चल रहा है, उससे उम्मीद है कि इस वर्ष 100 जिले ओडीएफ हो जाएंगे.

सरकार की तरफ से पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर धार्मिक स्थानों पर सफाई अभियान शुरू किया गया है.लेकिन, फिर भी जब तक लोगों के व्यवहार में परिवर्तन नहीं बनता, तब तक इस अभियान की सफलता संभव नहीं.

पीने का पानी

गौरतलब है कि पीने के साफ पानी को लेकर लोगों को परेशानी होती है और कई इलाकों में पीने का साफ पानी सबको नसीब नहीं हो पा रहा.

देश में कई हिस्से आर्सेनिक की समस्या से जूझ रहे हैं. सरकार  के सामने यह एक बड़ी समस्या है जिससे निजात पाना सरकार के लिए मुश्किल है.

लेकिन, मंत्री का दावा है सरकार इस समस्या से निजात पा लेगी. तोमर कहते हैं प्रधानमंत्री के संज्ञान में ये बात है. 20000 करोड़ रुपए की बड़ी  योजना प्रधानमंत्री ने बनाई है. ये सप्लीमेंट्री बजट में भी होगा.

बंगाल में आर्सेनिक और राजस्थान में फ्लोरार्इड की समस्या है. इस पर काम और तेजी से होगा. इसके लिए राजस्थान में जल-मणि कार्यक्रम, तेलंगाना में भागीरथी मिशन पर काम किया जा रहा है.

आदर्श ग्राम योजना को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं. खासतौर से सांसदों की शिकायत रही है कि इस योजना के लिए अलग से कोई फंडिंग नहीं दी गई.

लेकिन, तोमर के पास इस सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं है. तोमर का कहना है आदर्श ग्राम योजना के सत्तार फीसदी काम तो बिना पैसे वाले हैं.

गांव में बच्चे स्कूल जाएं, उनके लिए स्कूल की व्यवस्था हो, जहां शौचालय हो, गांव में सबके लिए शौचालय हो, स्वच्छता हो...बच्चों का टीकाकरण समय पर हो. यही तो आदर्श ग्राम है.

tomar + modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2022 तक सबको घर देने के मिशन पर आगे बढ़ रहे हैं. इसे ग्रामीण विकास मंत्री एक बड़ी सफलता मान रहे हैं. तोमर का दावा है निश्चित रुप से 2022 तक का लक्ष्य पूरा होगा और 2019 तक एक करोड़ मकान देने का लक्ष्य है, जिसे पूरा किया जाएगा.

फर्स्टपोस्ट से बातचीत में ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है इस मिशन पर हम आगे बढ़ रहे हैं. पहले एक घर बनाने के लिए 70000 रुपए मिलते थे.

अब एक घर बनाने के लिए गांवों में एक लाख बीस हजार रुपए मिल रहे हैं. 18000 मनरेगा के जरिए और 12000 शौचालय के लिए भी ले सकते हैं. इसके बाद 70000 रुपए ऋण भी ले सकते हैं.

किसानों के लिए

तोमर का दावा है गांवों में बदलाव आ रहा है. आगे और बदलाव आएगा.

किसानों के लिए नई फसल बीमा योजना, फसल के लिए नीम कोटेड यूरिया, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के आने के बाद किसानों की हालत में सुधार हुआ है. पहले की तमाम लंबित योजनाओं को पूरा किया जा रहा है. मनरेगा में भी जल संरचना पर जोर दिया जा रहा है.

हालाकि, किसानों की आत्महत्या नहीं रुकने पर सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है.

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहते हैं सरकार इस दिशा में काम कर रही है. महाराष्ट्र में अभी सरकार आई है. हमारी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है.

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