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RBI हेडक्वार्टर के सामने कांग्रेसी नेताओं ने किया नोटबंदी पर विरोध-प्रदर्शन, दी गिरफ्तारी

कांग्रेसी नेताओं ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के हेडक्वार्टर के सामने बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया, जहां कई नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी भी दी

Updated On: Nov 09, 2018 03:42 PM IST

FP Staff

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RBI हेडक्वार्टर के सामने कांग्रेसी नेताओं ने किया नोटबंदी पर विरोध-प्रदर्शन, दी गिरफ्तारी
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नई दिल्ली में शुक्रवार को कई बड़े कांग्रेसी नेताओं ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के हेडक्वार्टर के सामने बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया. यहां तक कि कई नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी भी दी.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इनमें अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, सुष्मिता देव, भूपिंदर सिंह हूडा, केशव यादव और मनीष चत्रार्थ और नसीब सिंह शामिल रहे. यहां यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी जमकर प्रदर्शन किया.

इस 8 नवंबर को नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रही है. ये प्रदर्शन भी उसी क्रम में किया गया है. शुक्रवार को सुबह ही कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा था कि 'इंडियन यूथ कांग्रेस फेल हो चुकी नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर आरबीआई हेडक्वार्टर पर विरोध-प्रदर्शन करने वाली है. ये विरोध प्रदर्शन मोदी सरकार के उस फैसले की कमियां और लोगों की परेशानियों को हाईलाइट करने के उद्देश्य से किया जा रहा है.'

इस साल 8 नवंबर यानी गुरुवार को कांग्रेस के नेताओं और एक्टिविस्ट्स ने दो साल पहले लागू हुए नोटबंदी लागू करने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस योजना को बिल्कुल भी अच्छी तरह से नहीं सोचा गया था. उन्होंने कहा कि ये दिन ये याद करने के लिए है कि अर्थव्यवस्था में ऐसे बुरे फैसले देश को कितना लंबा नुकसान पहुंचा सकते हैं. और इससे सबक लेना चाहिए कि देश की पॉलिसीमेकिंग पूरे सोच-विचार से करनी चाहिए.

बीजेपी ने कांग्रेस के हमलों के जवाब में कहा है कि कांग्रेस सरकार के हर भ्रष्टाचार विरोध कदमों की आलोचना क्यों करती है. पार्टी की तरफ से कहा गया कि नोटबंदी का उद्देश्य मुद्रा जब्त करना नहीं था. अरुण जेटली ने भी कहा है कि 1,000 और 500 के नोटों को बंद करने के फैसले के चलते कैश ट्रांजैक्शन कम हुआ है, डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ा है, डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू बढ़ा है और देश की अर्थव्यवस्था फिर से तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था साबित हुई है.

मोदी सरकार की ओर से काले धन को खत्म करने और नकली नोटों को बेकार किए जाने के दावों के बीच घोषित नोटबंदी का इन दो सालों में मिला-जुला असर दिखा है. लेकिन चूंकि, सरकार की ओर से अब ये दावे नहीं किए जाते कि नोटबंदी काले धन और नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए लागू की गई थी, इसलिए विपक्ष का पलड़ा भारी है.

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