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कांग्रेस की जरूरत नहीं, यूपी में BJP को हराने के लिए एसपी-बीएसपी काफी : किरणमय नंदा

एसपी-बीएसपी गठबंधन रायबरेली एवं अमेठी निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ सकता है जिनका लोकसभा में प्रतिनिधित्व सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं

Updated On: Jan 06, 2019 01:50 PM IST

Bhasha

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कांग्रेस की जरूरत नहीं, यूपी में BJP को हराने के लिए एसपी-बीएसपी काफी : किरणमय नंदा

समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में बीएसपी के साथ मिल कर आगामी आम चुनाव में बीजेपी को हराने में सक्षम है और इसके लिए कांग्रेस जैसी गैर जरूरी ताकत की जरूरत नहीं है. हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया कि एसपी-बीएसपी गठबंधन रायबरेली एवं अमेठी निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ सकता है जिनका लोकसभा में प्रतिनिधित्व सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं.

एसपी-बीएसपी गठबंधन मुख्य ताकत है तो बीजेपी का सामना करेंगे

नंदा ने एक साक्षात्कार में बताया- उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अनावश्यक ताकत है इसलिए हम उसे शामिल करने या बाहर रखने के बारे में सोच ही नहीं रहे हैं. उन्होंने कहा- राज्य में एसपी-बीएसपी गठबंधन मुख्य ताकत है तो बीजेपी का सामना करेंगे. कांग्रेस एक या दो सीट पर हो सकती है. यह फैसला लेना कांग्रेस पर है कि वह अपने आप को कहां देखना चाहती है. लोकसभा चुनावों से पहले सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी (एसपी) नेता अखिलेश यादव के बीच बातचीत तेज होने संबंधी खबरों के बाद नंदा की यह टिप्पणी आई है. दोनों नेताओं ने बीते शुक्रवार को नई दिल्ली में मुलाकात की थी.

कांग्रेस ने एसपी-बीएसपी गठबंधन के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे हैं

नंदा के मुताबिक कांग्रेस अभी भी गठबंधन राजनीति के मंत्र के हिसाब से नहीं ढल पाई है क्योंकि वह अपने सहयोगियों के लिए उन राज्यों में एक इंच भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं जहां वह मजबूत है लेकिन जहां वह कमजोर है वहां दूसरों से अपने लिए बड़ा हिस्सा छोड़ने की उम्मीद करती है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखना क्या बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा- हमारे पूर्व के अनुभवों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जहां कांग्रेस ने एसपी-बीएसपी गठबंधन के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे भी हैं, वहां हमें बीजेपी को हराने में कोई मुश्किल नहीं हुई. कांग्रेस का वोट शेयर पूरी तरह गैर जरूरी है. विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर नंदा ने कहा कि इस बारे में फैसला चुनाव के बाद आम सहमति से किया जाएगा.

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