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कांग्रेस एक मंशा के तहत जेटली के खिलाफ लगा रही आरोप: सीतारमण

रक्षा मंत्री ने कहा कि संसद में माल्या की जेटली से छोटी सी मुलाकात को मुद्दा बनाया जा रहा है, इस मुद्दे पर आए जवाबों ने इस तथ्य को और प्रबल बना दिया है कि इस बातचीत के कोई मायने नहीं थे

Updated On: Sep 13, 2018 10:03 PM IST

Bhasha

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कांग्रेस एक मंशा के तहत जेटली के खिलाफ लगा रही आरोप: सीतारमण

बीजेपी नेता निर्मला सीतारमण ने विजय माल्या से मुलाकात के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली से इस्तीफे की कांग्रेस की मांग को एक मंशा के तहत किया गया बताया और कहा कि यह यूपीए सरकार के समय हुए ‘सांठगांठ और पक्षपात’ से ध्यान हटाने की रणनीति है.

रक्षा मंत्री ने बताया कि संसद के गलियारे में माल्या की जेटली से छोटी सी मुलाकात को मुद्दा बनाया जा रहा है और इस मुद्दे पर आए जवाबों ने इस तथ्य को और प्रबल बना दिया है कि इस बातचीत के कोई मायने नहीं थे.

सीतारमण ने कहा कि जेटली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कैसे माल्या ने संसद सदस्य के नाते अपने विशेषाधिकारों का दुरूपयोग वित्त मंत्री से बातचीत करने के लिए किया.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया ने दावा किया है कि उन्होंने संसद के सेंट्रल हॉल में जेटली को माल्या के साथ बैठे देखा था और इसे साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी होंगे. इस संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर सीतारमण ने कहा कि क्या फुटेज में ऑडियो रिकार्डिंग भी होगी.

माल्या की मदद के लिए आरबीआई और एसबीआई को लिखे गए पत्र

उन्होंने जेटली के खिलाफ कांग्रेस के इल्जामों पर कहा, ‘यह पहले ही पूरी तरह एक मंशा के तहत लगाया गया आरोप लगता है.’ कांग्रेस पर पलटवार करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार में माल्या की मदद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंक को पत्र लिखे गए थे.

उन्होंने कहा, ‘एक कंपनी का नाम लेते हुए पक्षपात कैसे किया गया. किसके समय में पक्षपात और सांठगांठ की गई और केंद्रीय बैंक को सुझाव दिए गए तथा बैंकों को इस डिफॉल्टर को लोन देने के लिए लिखित निर्देश दिए गए.’

कुछ मिनट की बातचीत से देश छोड़ने में मिली मदद?

सीतारमण ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस की उस रणनीति को देखिए जिससे वह इस मुद्दे से ध्यान हटाना चाहती है. क्या कुछ मिनटों की उस बातचीत से माल्या को देश छोड़ने में मदद मिल गई या इस वजह से सारे लोन (यूपीए सरकार के दौरान) दिए गए थे. उन्होंने कहा कि ऐसे बोगस खातों के नाम पर कई लोन दिए गए जिनकी कर्ज लेने की कोई क्षमता नहीं थी.

बीजेपी नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने कानून बनाया है जिससे ऋण नहीं चुकाने वालों की संपत्ति को जब्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने कुछ कानून तो पारित किए लेकिन नियम कभी नहीं लागू किए.

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