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लोकसभा में भारी हंगामा, बोफोर्स के मुद्दे पर कांग्रेस का बवाल

कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने आसन के पास आकर नारेबाजी की और कागज फाड़कर आसन की ओर उछाले

Bhasha Updated On: Jul 24, 2017 08:46 PM IST

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लोकसभा में भारी हंगामा, बोफोर्स के मुद्दे पर कांग्रेस का बवाल

लोकसभा में बोफोर्स मामले में एक निजी चैनल की रिपोर्ट पर भारी हंगामा हुआ और बीजेपी ने इस मामले की सचाई सामने लाने और इस पर आगे पहल किए जाने की मांग की. कांग्रेस सदस्यों को इसका विरोध करते देखा गया और कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने आसन के समीप आकर नारेबाजी की और कागज फाड़कर आसन की ओर उछाले.

शून्यकाल के दौरान बीजेपी की मीनाक्षी लेखी ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि आज बोफोर्स का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है. एक निजी टीवी चैनल ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है.

इसमें स्वीडन के पीएम के साथ लेन-देन की बात कही गई है. ऐसे में पूरे देश में बोफोर्स मामले की जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार का पूरा मामला देश के समक्ष आ जाए.

गौरतलब है कि बोफोर्स मामले में पिछले सप्ताह एक निजी चैनल ने बोफोर्स तोप घोटाले में स्वीडन के पूर्व चीफ इन्वैस्टीगेटर स्टेन लिंडस्टॉर्म की बातचीत के वीडियो टेप जारी किए थे. इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर तोपों के सौदे में दलाली के आरोप लगाए गए थे.

हालांकि बोफोर्स तोप दलाली मामले में सीबीआई जांच की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली उच्च न्यायालय उन्हें क्लीन चिट दे चुका है.

इस दौरान कांग्रेस सदस्य आसन के समीप नारेबाजी करते रहे और पार्टी के कुछ सदस्यों ने कागज फाड़कर आसन की ओर भी उछाले. इस दौरान सदन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थी.

इस दौरान अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मैं चाहूंगी कि पूरा हिन्दुस्तान देख ले. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. देश भी देख ले कि ये कितनी अनुशासनहीनता कर सकते हैं.

शून्यकाल के दौरान ही बीजेपी के निशिकांत दुबे ने बोफोर्स मुद्दे को उठाते हुए कहा कि साल 1992 में आरोपत्र दायर किए गए. इसके बाद एक और आरोपपत्र दायर हुआ . साल 2005 में उच्च न्यायालय का एक आदेश आया और आरोपपत्र को निरस्त कर दिया गया. इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार के समय सीबीआई ने इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया.

उन्होंने कहा कि अब जबकि एक निजी चैनल की रिपोर्ट में यह मामला एक बार फिर सामने आया है, इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य लोगों के नाम जुड़े हैं, तब सीबीआई को इस दिशा में पहल करनी चाहिए.

बहरहाल, कांग्रेस सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा और कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने कई बार कागज फाड़कर आसन की ओर उछाले. व्यवस्था बनता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही करीब 12 बजकर 45 मिनट पर भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी.

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