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केरल: कम्युनिस्ट भारत के इतिहास, संस्कृति का सम्मान नहीं करते- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमें पता है कि कम्युनिस्ट भारत के इतिहास, संस्कृति का सम्मान नहीं करते हैं, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें इतनी नफरत होगी

Updated On: Jan 15, 2019 06:59 PM IST

FP Staff

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केरल: कम्युनिस्ट भारत के इतिहास, संस्कृति का सम्मान नहीं करते- पीएम मोदी

केरल में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केरल की वाम गठबंधन की सरकार का व्यवहार इतिहास में किसी भी पार्टी और सरकार के सबसे शर्मनाक व्यवहार में गिना जाएगा. हमें पता है कि कम्युनिस्ट भारत के इतिहास, संस्कृति का सम्मान नहीं करते हैं, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें इतनी नफरत होगी.

आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि UDF बेहतर नहीं है. कांग्रेस के कई स्टैंड हैं- वे संसद में एक बात कहते हैं लेकिन पथानामथिट्टा में अलग बात कहते हैं. इस मुद्दे पर हमारा रुख हमेशा स्पष्ट रहा है और, हमारी पार्टी की हरकतें हमारे शब्दों से मेल खाती हैं.

केरल में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लेफ्ट और कांग्रेस लैंगिक न्याय और सामाजिक न्याय के संबंध में लंबे-चौड़े दावे करते हैं लेकिन उनकी हरकतें बिल्कुल विपरीत हैं. एनडीए सरकार ट्रिपल तालक को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है. इस पर हमारा विरोध कौन कर रहा है? कम्युनिस्ट और कांग्रेस.

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिनों पहले, हमारी सरकार के पास एक कानून पारित करने का ऐतिहासिक अवसर था जो सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को 10% कोटा देता है. हम मानते हैं कि प्रत्येक भारतीय, चाहे कोई भी जाति, पंथ या समुदाय हो, समान अवसर का हकदार है.

उन्होंने कहा 'UDF और LDF नाम में अलग है लेकिन केरल की युवा शक्ति की अवहेलना में दोनों बराबर हैं. UDF और LDF अलग हैं लेकिन गरीबों की उपेक्षा में दोनों बराबर हैं. UDF और LDF अलग हैं लेकिन केरल के लोगों से धोखा करने में बराबर हैं.'

पीएम ने कहा कि UDF और LDF एक सिक्के के दो पहलू हैं. नाम में अलग हैं, लेकिन भ्रष्टाचार, जातिवाद और सांप्रदायिकता दोनों बराबर हैं. नाम में अलग हैं, लेकिन केरल के सांस्कृतिक कपड़े को नुकसान पहुंचाने में, वे समान हैं. नाम में अलग हैं, लेकिन राजनीतिक हिंसा में, वे समान हैं.

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