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लोकसभा चुनाव 2019: नायडू संभाल रहे एंटी-बीजेपी मोर्चे की कमान, 22 नवंबर को विपक्ष की बड़ी बैठक

एंटी-बीजेपी फ्रंट को मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच चंद्रबाबू नायडू अमरावती में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से मुलाकात करने पहुंचे थे

Updated On: Nov 11, 2018 10:59 AM IST

FP Staff

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लोकसभा चुनाव 2019: नायडू संभाल रहे एंटी-बीजेपी मोर्चे की कमान, 22 नवंबर को विपक्ष की बड़ी बैठक

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत गर्माने लगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक बार फिर से महागठबंधन बनाने की कोशिश जोरों से जारी है. न्यूज़18 के अनुसार विरोधी दल एक-दूसरे के पास आ रहे हैं. इन दलों को करीब लाने का जिम्मा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने उठाया है.

एंटी-बीजेपी फ्रंट को मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच चंद्रबाबू नायडू शनिवार शाम अमरावती में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से मुलाकात करने पहुंचे थे.

सभी बड़े दल 22 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी बैठक का आयोजन करेंगे

इस मीटिंग में यह तय हुआ कि बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के सभी बड़े दल 22 नवंबर 2018 को दिल्ली में एक बड़ी बैठक का आयोजन करेंगे. गहलोत से मुलाकात के बाद आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा, '2019 के चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बाकी दलों को एकजुट करने की कोशिश जारी है. दिल्ली में होने वाली मीटिंग से पहले वह 19 नवंबर को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी मुलाकात करेंगे और गठबंधन के लिए उनका समर्थन मांगेंगे.'

चंद्रबाबू नायडू ने चेन्नई में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात की 

दरअसल, आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस और स्पेशल पैकेज नहीं मिलने से नाराज हुए चंद्रबाबू नायडू ने जब से केंद्र की एनडीए सरकार से समर्थन वापस लिया है, तब से वह बीजेपी विरोधी दलों को एकजुट करने में लग गए हैं. इससे पहले बीते शुक्रवार को उन्होंने जेडीएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से भी मुलाकात की थी. इससे पहले तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने चेन्नई में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से उनके घर जाकर मुलाकात की थी.

मायावती और अखिलेश यादव से भी बातचीत की 

नायडू ने बताया कि उन्होंने मायावती और अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. वह कई लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. सब मिलकर तय करेंगे कि आम सहमति के साथ गठबंधन कैसे आगे ले जाया जाए. यह शुरुआती कवायद है. इसके बाद मिलकर काम किया जाएगा. बता दें कि कांग्रेस के आलोचक रहे नायडू महागठबंधन के लिए उसके साथ बातचीत करने के भी खिलाफ नहीं हैं.

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