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अंशु प्रकाश जैसे अधिकारियों को ठोकना ही चाहिए: आप विधायक नरेश बालियान

उत्तम नगर विधायक नरेश बालियान ने ये बातें जब कही तब मुख्यमंत्री केजरीवाल भी मंच पर मौजूद थे

Updated On: Feb 23, 2018 04:29 PM IST

FP Staff

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अंशु प्रकाश जैसे अधिकारियों को ठोकना ही चाहिए: आप विधायक नरेश बालियान

अरविंद केजरीवाल के घर में दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले को लेकर दिल्ली सरकार और अफसरों के बीच ठनी हुई है. इस मामले में पहले से ही आप के दो विधायक हिरासत में ले लिए गए हैं. शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों विधायकों को जमानत देने से भी इंकार कर दिया है. ऐसे समय पर आप विधायक नरेश बालियान ने ऐसा बयान दे दिया है जिससे यह बिगड़ता मामला अरविंद केजरीवाल की गिरफ्त से खिसक सकता है. पार्टी के लिए और मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

दिल्ली के उत्तम नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बालियान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो चीफ सेक्रेटरी के साथ हुआ, जो उन्होंने झूठा आरोप लगाया, मैं तो कह रहा हूं कि ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए. जो आम आदमी के काम रोक कर बैठे हैं, ऐसे अधिकारियों के साथ यही सलूक होना चाहिए.

अरविंद केजरीवाल भी मंच पर थे मौजूद

विधायक बालियान ने ये बातें तब कही जब मुख्यमंत्री केजरीवाल भी मंच पर मौजूद थे. इससे पहले उन्होंने भी इसी मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि मैं उन अधिकारियों से लड़ रहा हूं जो आपके काम को रोक रहे हैं.

आश्चर्यजनक बात ये रही कि विधायक की जुबान से मुख्य सचिव स्तर के बड़े अधिकारी के लिए ऐसी बात बोले जाने के बावजूद केजरीवाल की तरफ से कोई प्रतिरोध नहीं किया गया. पार्टी के अगुआ नेता की मौजूदगी में विधायक के ऐसे बयान को शीर्ष नेतृत्व से मिल रही शह के आधार पर भी जनता में देखा जा सकता है. लेकिन इन फिक्रों से इतर केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर निशाना ही साधा.

और बढ़ सकती है तनातनी 

एक तरफ आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री केजरीवाल मुख्य सचिव से कथित मारपीट के आरोप को खारिज कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके और पार्टी द्वारा ऐसे बयान दिए जा रहे है जिससे सरकार और अफसरों में और ठन सकती है.

दिल्ली सरकार को यह सोचना चाहिए कि जब अफसर उनके सरकार के काम करने के तरीके से नाखुश हैं तब ऐसी बयानबाजी क्या दिल्ली की जनता के हित में हैं?

जब पार्टी शीर्ष नेतृत्व द्वारा लगातार मारपीट की घटना को झुठलाया जा रहा है तो आखिर एक विधायक कैसे किसी वरिष्ठ अधिकारी की 'ठुकाई' की बात कह सकता है ?

ऐसे बयानों से अफसरों की उस बात की पुष्टि होती है जिसमें वो आरोप लगा रहे हैं कि दिल्ली की सरकार धमकाकर उनसे काम करवाने की कोशिश करती है. ऐसे में दिल्ली सरकार को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए. नहीं तो ऐसे बयान जनता के बीच बिगड़ती पार्टी की छवि को और खराब ही करेंगे.

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