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2019 लोकसभा चुनावः पी चिदंबरम ने बताया कांग्रेस का मास्टर प्लान, आरबीआई मामले पर दिया बयान

चिदंबरम ने ट्विटर पर आरोप लगाते हुए लिखा- आरबीआई की 19 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने के लिए आरबीआई गवर्नर पर दबाव बना रही है

Updated On: Nov 11, 2018 02:15 PM IST

FP Staff

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2019 लोकसभा चुनावः पी चिदंबरम ने बताया कांग्रेस का मास्टर प्लान, आरबीआई मामले पर दिया बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर वित्तीय घाटा काबू करने में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कोष को इस्तेमाल करने के प्रयास का आरोप लगाया है. बीते शनिवार को उन्होंने कहा कि मौद्रिक स्थिति स्थिर बनाए रखने की आरबीआई की क्षमता कमजोर करने के लिए कुछ नहीं किया जाना चाहिए. बता दें कि चिदंबरम ने ट्विटर पर आरोप लगाते हुए लिखा- आरबीआई की 19 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने के लिए आरबीआई गवर्नर पर दबाव बना रही है. सरकार आरबीआई के कोष का इस्तेमाल वित्तीय घाटा नियंत्रण में रखने के लिए करना चाहती है.

उन्होंने कहा कि आरबीआई का कोष अपने हाथ में लेने का सरकार का तात्कालिक मकसद वित्तीय घाटा लक्ष्य हासिल करना और चुनावी वर्ष में व्यय बढ़ाना है. इसके लिए सरकार को कम से कम एक लाख करोड़ रुपए चाहिए. पी चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की 19 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में कुछ बुरा हो सकता है. उन्होंने कहा, लगता है कि बीजेपी सरकार के गलत इरादे से किए जा रहे कार्यों के कुप्रभावों के बारे में देशवासियों को आगाह करना उनका कर्तव्य है. सरकार पहले ही आरबीआई अधिनियम की धारा 7 का इस्तेमाल करके असाधारण कदम उठा चुकी है.

वहीं कांग्रेस पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी को हराने के लिए एक मास्टर प्लान बनाया है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मध्य प्रदेश के इंदौर में आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए पार्टी के रणनीति के बारे में बताया. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बताया उनकी पार्टी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पार्टियों से गठबंधन करेगी.

उन्होंने कहा- हमें उम्मीद है कि राज्यवार गठबंधन होगा और अगर गठबंधन की सभी राज्यों में जीत होती है तो यह महागठबंधन की जीत होगी. हमें विश्वास है कि सभी राज्यों में गठबंधन होगा. उन्होंने आगे कहा- आरएसएस एक राजनीतिक संगठन है. यदि उनके घोषणापत्र में कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि यह इस अभ्यास को खत्म कर देगा, तो मुझे इसके साथ कुछ भी गलत नहीं लगता है. जब तक वह सरकार में काम कर रहे हैं तब तक सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक दल के साथ खुले तौर पर सहयोग नहीं करना चाहिए.

 

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