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नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला, इसकी जांच हो: चिदंबरम

चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी लागू करने से पहले पीएम ने सही सलाह नहीं ली.

Updated On: Dec 13, 2016 02:19 PM IST

FP Staff

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नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला, इसकी जांच हो: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा है कि इसकी जांच होनी चाहिए. चिदंबरम ने सवाल किया जब आम लोगों तक पैसे नहीं पहुंचा पा रहे तो कुछ लोगों के पास से करोड़ों के नए नोट कैसे बरामद हो रहे हैं.

चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि नोटबंदी लागू करने से पहले पीएम ने सही सलाह नहीं ली. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सलाह लेने पर इसे गुप्त रखने का प्लान बिगड़ता नहीं. सरकार को कम से कम पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा से ही राय लेनी चाहिए थी.

चिदंबरम ने कहा कि इससे सिर्फ गरीबों की ही जिंदगी मुश्किल हुई है, अमीरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि 50 दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे, लेकिन मौजूदा हालात को देखकर तो ऐसा नहीं लगता है. दिन रात नोटों की छपाई होती रहे तो भी हालात सामान्य होने में कम से कम 7 महीने लगेंगे.

IT department raid in Chitradurga

कर्नाटक में आयकर विभाग की छापेमारी में करोड़ों के नोट और सोना बरामद (पीटीआई)

चिदंबरम ने 500 रुपये के नोट बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने सरकार से पूछा कि 500 का नोट आम करेंसी थी, इसे बंद क्यों किया गया? दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में क्या कोई 500 रुपए से कम में रह सकता है? सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि उसने 500 का नोट क्यों बंद किया।

हर बैंक कह रहा है कि कैश नहीं है तो फिर लोग 24 हजार रुपये कैसे निकालेंगे? पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि देश में करीब दो लाख एटीएम में से केवल 35% चल रहे हैं. कैश की किल्लत से किसान और मजदूर सबसे ज्यादा परेशान हैं. अमीरों को इससे कोई असर नहीं पड़ा है. खोदा पहाड़, निकली चुहिया वाली कहावत सही साबित हो रही है.

गांवों में मार्केट को कैश चाहिए, वे काम नहीं कर पा रहे हैं. ये बाजार कई दिनों से बंद हैं. इस कवायद से सजा किसानों को मिली है. लेबर क्लास के लिए कोई काम नहीं है. दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों का रोजगार छिन गया है. नोटबंदी से अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष रूल 184 के तहत चर्चा चाहते हैं पर सत्ता पक्ष भारी बहुमत होने के बाद भी चर्चा के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी कैशलेस इकॉनमी के पक्ष में हैं. राजीव गांधी के समय से ही डिजिटल होने की दिशा में बढ़ रहे हैं. उस समय से देश में रेलवे में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है. लेकिन विश्व के कितने देश हैं जो कैशलेस हैं? आप गांवों को कैसे डिजिटल लेनदेन की ओर लेकर जाएंगे? आज देश के 11 करोड़ लोग कतारों में खड़े हैं.

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