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ईडी, CBI की छापेमारी से परेशान चिदंबरम पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

चिदंबरम ने अपनी अर्जी में दावा किया है कि राजनीतिक बदले की भावना से सीबीआई और ईडी ने तलाशियां लीं और बार-बार सम्मन जारी किया

Bhasha Updated On: Feb 24, 2018 06:51 PM IST

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ईडी, CBI की छापेमारी से परेशान चिदंबरम पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मामलों में सीबीआई और ईडी द्वारा बेटे कार्ति चिदंबरम को तलब किए जाने और छापे मारे जाने के बीच निजता के अधिकार समेत अपने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

पेशे से वरिष्ठ वकील चिदंबरम ने अपनी अर्जी में दावा किया है कि राजनीतिक बदले की भावना से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इन मामलों में ‘अफसोसनाक’ तलाशियां लीं और बार-बार सम्मन जारी किया.

याचिका में कहा गया है, ‘यह रिट याचिका संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के सम्मुख समानता), 19 (भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और 21 (जीवन और निजी स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत याचिकाकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के मौलिक अधिकारों, उनके निजता के अधिकार एवं मर्यादा के साथ जीवन जीने के अधिकार की रक्षा के लिए दायर की गई है.’

मुझे, मेरे बेटे और उसके साथियं को अपमानित किया गया है 

चिदंबरम ने कहा, ‘सीबीआई और ईडी राजनीतिक बदले की भावना से तलाशियां लीं, बार-बार सम्मन जारी किए, बिना किसी तुक के लंबे वक्त तक लोगों से पूछताछ की, गैरकानूनी ढंग से सावधि जमा कुर्क किए, मीडिया को दुभार्वना से झूठ सूचनाएं लीक कीं तथा मुझे एवं मेरे बेटे एवं उसके साथियों का उत्पीड़न किया, अपमानित किया.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंन और उनके बेटे ने स्पष्ट रुप से इन मामलों में विदेशी निवेश संवर्ध बोर्ड की मंजूरियों में किसी गड़बड़ी से इनकार किया है.

पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि असल में वह सीबीआई और ईडी की इन कार्रवाइयों में निशाने पर हैं लेकिन इन एजेंसियों ने इन मामलों में उन्हें या किसी अन्य जनसेवक को आरोपित नहीं किया है.

कोर्ट जांच एजेंसियों को निर्देश दे कि मेरे खिलाफ अवैध जांच बंद करे 

चिदंबरम ने एक कानूनी मुद्दा उठाया और पूछा कि क्या उनके और उनके बेटे को नामजद वाली प्राथिमिकी के बिना सीबीआई और ईडी उनके विरुद्ध कथित अपराधों की जांच कर सकती है. उन्होंने शीर्ष अदालत से इन एजेंसियों की अवैध जांच और उन्हें एवं उनके परिवार को परेशान करने की कारर्वाई को बंद करने का निर्देश देने की मांग की.

सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को प्राथिमिकी दर्ज कर आरोप लगाया था कि 2007 में आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपए के विदेशी फंड लेने की एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित रुप से अनियमिताएं हुईं. उस वक्त चिदंबरम केंद्रीय मंत्री थे. ईडी ने धनशोधन का मामला दर्ज कर रखा है.

सीबीआई 2006 में एयरसेल मैक्सिस सौदे को एफआईपीबी से मिली अनापत्ति में कथित अनियमितताओं की भी जांच कर रही है.

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