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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: दूसरे चरण की 72 सीटों पर होगा काफी दिलचस्प मामला

छत्तीसगढ़ के सियासी अखाड़े में दूसरे चरण में 72 सीटों पर कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 1079 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं

Updated On: Nov 19, 2018 06:20 PM IST

FP Staff

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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: दूसरे चरण की 72 सीटों पर होगा काफी दिलचस्प मामला

छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को हुए पहले चरण के चुनावी घमासान के बाद, बारी अब 20 नवंबर को दूसरे चरण के सियासी दंगल की है, जिसे फतह करने वाले के सिर ही सत्ता का ताज सजेगा. छत्तीसगढ़ के सियासी अखाड़े के दूसरे चरण में 72 सीटों पर कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 1079 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनके भाग्य का फैसला इसी महीने की 20 नवंबर को यहां के मतदाता करेंगे.

दूसरे चरण की 72 सीटों में मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि साल 2013 के चुनाव में बीजेपी ने इन्हीं सीटों पर बढ़त बनाई थी, जबकि पहले चरण की 18 सीटों में से ज्यादा सीटें कांग्रेस के पास थीं. मौजूदा सरकार के कई मंत्री एक बार फिर अपना भाग्य आज़मा रहे हैं. कुछ के खिलाफ़ एंटी इंकम्बेंसी भी चल रही है तो कुछ अपनी जीत निश्चित मान रहे हैं. कई सीटों पर कांटे की टक्कर भी है.

दांव पर है इन नेताओं की साख

दूसरे चरण में राज्य के नौ मंत्री रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, बैकुंठपुर से भैय्यालाल राजवाड़े, प्रतापपुर से रामसेवक पैकरा, मुंगेली से पुन्नूलाल मोहले, भिलाई नगर से प्रेमप्रकाश पाण्डेय, नवागढ़ से दयालदास बघेल और कुरूद से अजय चंद्राकर चुनाव मैदान में हैं.

वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा से, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल कसडोल से और पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल जांजगीर-चांपा से चुनाव लड़ रहे हैं. दूसरे चरण में ही पाटन से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल, अंबिकापुर से विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव, दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू और सक्ती से पूर्व केन्द्रीय मंत्री चरणदास महंत भी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. दोनों ही पार्टियां जहां अपने जीत के दावे कर रही हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे कांटे की टक्कर मान रहे हैं.

थर्ड फ्रंट की भी चुनौती

छत्तीसगढ़ में हर बार मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच देखा जाता था, लेकिन जोगी और बसपा के गठबंधन ने यहां नया सियासी समीकरण गढ़ दिया है. ऐसे में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मरवाही सीट से, उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी बसपा की टिकट से अकलतरा सीट से चुनाव मैदान में हैं.

राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी का गठन करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. जोगी कांग्रेस भी पहले चरण की 18 सीटों में से 10 पर जीत का दावा करते हुए, दूसरे चरण की 72 सीटों पर मजबूत स्थिति की बात कह रही है.

आईएएस की एंट्री

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी राजनीति में प्रवेश से पहले कलेक्टरी कर चुके हैं और इस बार के चुनाव में भी एक आईएएस की एंट्री पॉलिटिक्स में हुई है. कलेक्टरी की नौकरी छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले ओपी चौधरी के सामने झीरम हादसे में मारे गये नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल पटेल हैं, जो यहां के मौजूदा विधायक भी हैं, इसलिए यह सीट सबसे हॉट मानी जा रही है. बहरहाल चुनाव से पहले नतीजों को लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मुकाबला टक्कर का है और प्रत्याशियों का भविष्य जनता तय करेगी. दूसरे चरण के चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने कमर कस ली है.

एक नजर संभागवार सीटों की जानकारी पर- बीजेपी के पास सीटों की संख्या- 43 कांग्रेस के पास सीटों की संख्या - 27 बसपा के पास सीटों की संख्या- 01 निर्दलियों के पास सीटों की संख्या- 01

अंबिकापुर संभाग पर एक नजर कुल सीटों की संख्या- 14 बीजेपी के पास - 07 कांग्रेस के पास - 07

बिलासपुर संभाग पर एक नजर कुल सीटों की संख्या - 24 बीजेपी के पास - 12 कांग्रेस के पास - 11 बसपा के पास - 01

रायपुर संभाग पर एक नजर कुल सीटों की संख्या- 20 बीजेपी के पास- 14 कांग्रेस के पास- 05 निर्दलीय- 01

दुर्ग संभाग पर एक नजर दुर्ग संभाग में कुल सीटों की संख्या - (20) 14 पर चुनाव होना है बीजेपी के पास- 09 कांग्रेस के पास- 05

(न्यूज़ 18 के लिए देवव्रत भगत की रिपोर्ट)

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