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छत्तीसगढ़: इस सीट पर सिंहदेव Vs सिंह​देव में लड़ाई, तीसरी बार होंगे आमने सामने

बीजेपी के टिकट वितरण के बाद प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में से एक अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जंग का नजारा दिखने लगा है

Updated On: Oct 25, 2018 11:18 AM IST

FP Staff

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छत्तीसगढ़: इस सीट पर सिंहदेव Vs सिंह​देव में लड़ाई, तीसरी बार होंगे आमने सामने

बीजेपी के टिकट वितरण के बाद छत्तीसगढ़ मे आगामी चुनाव की सरगर्मी अब काफी तेज हो गई है. इस चुनावी गर्मी के बीच जनता जनार्दन तक अपनी अपनी ताकत पहुंचाने के लिए जुबानी जंग की गति भी अपने चरम पर पहुंचने वाली है. बीजेपी टिकट वितरण के बाद ऐसा ही कुछ नजारा प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में से एक अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में दिखने लगा है. जहां अब छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव का सीधा मुकाबला बीजेपी के पूर्व भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष अनुराग सिंहदेव से संभावित है. जो दो बार टीएस सिंहदेव से हार का सामना कर चुके है.

अंबिकापुर मे शांत पड़ी राजनीतिक गलियां अब रोशन होने लगी हैं. दरअसल कांग्रेस की तरफ से अंबिकापुर के लिए सिंगल नाम होने के कारण टीएस सिंहदेव यहां से स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे थे. लेकिन बीजेपी के प्रत्याशी को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता पशोपेश की स्थिति मे थे. अब बीजेपी आलाकमान ने अंबिकापुर विधानसभा से एक बार फिर अनुराग सिंहदेव पर दांव खेला है.

इधर तीसरी बार अंबिकापुर से टिकट मिलने के बाद अनुराग सिंहदेव ने इस बार अंबिकापुर नगर निगम मे कांग्रेस की सरकार की विफलता और कांग्रेस विधायक टीएस सिंहदेव की अकर्मणयता को आधार बनाकर चुनाव जीतने का दावा किया है.

दो बार अनुराग सिंह देव को हरा चुके हैं टीएस सिंहदेव

परीसीमन के बाद 2008 से सामान्य हुई अंबिकापुर सीट में सिंहदेव वर्सेस सिंहदेव की चुनावी जंग हो रही है. इस जंग मे पहली बार 2008 में कांग्रेस के टीएस सिंहदेव बाल बाल बचते हुए महज 900 वोटों से चुनाव जीते थे, लेकिन दूसरी बार 2013 में वो फिर से अपने प्रतिद्वंद्वी अनुराग सिंहदेव को 19 हजार से मात देकर विधायक चुने गए थे. लेकिन तीसरी बार भी दो बार हारे प्रत्याशी को टिकट देने के मामले को कांग्रेस अपने तरीके से भुनाने मे लगी है.

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जेपी श्रीवास्तव के मुताबिक जनता जनार्दन ने जिसे दो बार नकार दिया हो उस नकारे लोगों को टिकट देकर बीजेपी ने कांग्रेस की राह आसान कर दी है. सरगुजा जिले की अंबिकापुर विधानसभा सीट में होने वाली राजनीतिक चर्चाओं और माहौल का सीधा असर जिले की तीन सीट और अविभाजित सरगुजा जिले की आठ सीटों पर होता है.

ऐसे में अपने दो बार हारे हुए प्रत्याशी को प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट से टिकट देने की पीछे बीजेपी की क्या मंशा है, ये तो बीजेपी आलाकमान बताएगा. लेकिन हकीकत तो ये है कि अगर टीएस सिंह के मौजूदा कद को बीजेपी सरगुजा मे पछड़ाना चाहती है तो बीजेपी को सबसे पहले टिकट बंटवारे के बाद फैलने वाले असंतोष औा अंर्तकलह से बाहर आना पड़ेगा.

(न्यूज-18 के लिए अमितेश पांडेय की रिपोर्ट)

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