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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: धरमजयगढ़ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित धरमजयगढ़ सीट पर कांग्रेस के लालजीत सिंह राठिया और बीजेपी की लीनव राठिया में टक्कर है. इनका खेल बिगाड़ने के लिए छत्तीसगढ़ जनता पार्टी के उम्मीदवार भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं

Updated On: Oct 23, 2018 07:40 PM IST

FP Staff

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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: धरमजयगढ़ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की 5 विधानसभा क्षेत्रों में धरमजयगढ़ विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. बुनियादी सहूलियतों के मामले में पिछड़ा यह इलाका जंगली हाथियों के उत्पात की समस्याओं से भी जूझ रहा है. माना जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस को इस बार यहां जनता को अपने पाले में करना आसान नहीं होगा. इन दोनों पार्टियों की राह में अजित जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस रोड़ा अटकाने की पूरी तैयारी में है.

धरमजयगढ़ अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित सीट है. यहां कांग्रेस के पूर्व मंत्री चनेशराम राठिया की प्रतिष्ठा दांव पर है. वहीं पूर्व संसदीय सचिव ओमप्रकाश राठिया यहां अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. 2013 में यहां से चनेशराम राठिया के बेटे लालजीत सिंह राठिया कांग्रेस के विधायक चुने गए थे. बीजेपी ने ओमप्रकाश राठिया की बहू लीनव राठिया को मैदान में उतारा है.

वन बहुल इस क्षेत्र में जंगली हाथियों की समस्या के अलावा बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. मगर उम्मीदवार विकास के नारे देकर अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. बीजेपी उम्मीदवार लीनव राठिया का दावा है कि जनता इस बार बीजेपी का साथ देगी. दूसरी ओर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के उम्मीदवार नवल राठिया यह दावा करना नहीं चूकते कि जनता ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों को आजमा कर देख लिया लेकिन कोई भी उनके भरोसे पर नहीं उतरा. इसलिए लोग इस बार चुनाव में उन्हें मौका देंगे.

इस सीट पर लालजीत सिंह राठिया Vs लीनव राठिया Vs नवल राठिया में टक्कर

शनिवार 20 अक्टूबर को उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद बीजेपी का एक ही परिवार को टिकट देने से पार्टी के अंदर से विरोध के सुर तेज हो रहे है. आधा दर्जन दावेदारों की दावेदारी पर तब पानी फिर गया, जब बीजेपी ने पूर्व संसदीय सचिव ओमप्रकाश राठिया की बहू को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. कांग्रेस में भी टिकट बंटवारे को लेकर घमासान जारी है.

ऐसी भी खबरें हैं कि लोग इस बार यहां के कांग्रेस विधायक लालजीत राठिया से नाराज हैं. चुनाव में उन्हें इस बात का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

धरमजयगढ़ क्षेत्र की 40 प्रतिशत आबादी आदिवासी जाति और जनजाति की है. इनमें गोंड, कोंद, सौरां, हलबा, गांडा, कोरवा इत्यादि शामिल है. इसके अलावा 22 फीसदी लोग यहां पिछड़ा वर्ग, 15 फीसदी रिफ्यूजी नागरिक और शेष सामान्य और अल्पसंख्यक हैं.

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. 12 नवंबर को पहले चरण में नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर मतदान होगा जबकि 20 नवंबर को शेष 78 सीटों के लिए वोटिंग होगी. धरमजयगढ़ में दूसरे चरण यानी 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.

मतों की गिनती बाकी 4 चुनावी राज्यों के साथ ही 11 दिसंबर को होगी.

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