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क्लासरूम में सीसीटीवी लगना व्यावहारिक पहल, पैरेंट्स की चिंता होगी दूर, बढ़ेगी बच्चों की सुरक्षा

स्कूलों में बढ़ते अपराध और अनियमितताओं के लिए सीसीटीवी की मौजूदगी काफी हद तक बच्चों के लिए सुरक्षा-कवच का काम करेंगे

Kinshuk Praval Kinshuk Praval Updated On: Jan 23, 2018 10:52 PM IST

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क्लासरूम में सीसीटीवी लगना व्यावहारिक पहल, पैरेंट्स की चिंता होगी दूर, बढ़ेगी बच्चों की सुरक्षा

जब भी कभी स्कूल में किसी हादसे की वजह से किसी बच्चे की मौत की खबर आती है तो हर मां-बाप का कलेजा फट जाता है. दिनभर न्यूज चैनलों में मां-बाप को सावधान करने वाली खबरें चलती हैं तो स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर  नए सिरे से बहस छिड़ जाती है. लेकिन बहस तब बेमानी साबित हो जाती है जब दो दिन बाद स्थिति 'यथास्थिति' में बदल जाती है और स्कूल फिर से सामान्य रूप से चलने लगते हैं.

कभी स्कूल में किसी मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना तो कभी किसी मासूम की हत्या तो कभी क्लासरूम में 'टीचर का टॉर्चर' जैसी घटनाएं दिल दहलाने के बाद गायब हो जाती हैं. कभी बच्चे खुदकुशी कर लेते हैं और पैरेंट्स को असली वजह का पता ही नहीं चल पाता है कि क्लासरूम में बच्चे के साथ कौन सी घटना ऐसी घटी कि उसने ऐसा कदम उठा लिया.

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मृतक छात्र प्रद्युमन ठाकुर की रोली-बिलखती मां ज्योति ठाकुर

ये खबरें तभी दोबारा याद की जाती हैं जब इनसे जुड़ा कोई नया हादसा हो जाता है. ऐसे हादसों को टाला जा सके या फिर हादसों की असल वजह जानी जा सके इसके लिए दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे.

सीसीटीवी पर एक बहस छिड़ सकती है कि इससे बच्चों की क्लासरूम की गतिविधियों पर अंकुश लग सकता है या फिर उनकी मासूमियत और बचपन छिन सकता है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा का है. बच्चे ही अगर महफूज़ नहीं रहेंगे तो फिर उनका भविष्य कौन देख पाएगा?

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रायन इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले प्रद्मुयमन ठाकुर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी

पिछले एक साल की तीन बड़ी खबरों ने देशभर के मां-बाप का दिल दहलाने का काम किया. गाजियाबाद के इंदिरापुरम में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र अरमान सहगल की मौत हो गई. स्कूल प्रशासन ने बच्चे का पैर फिसलना वजह बताया. मौके पर सीसीटीवी नहीं था. घटना की असली वजह पैरेंट्स नहीं जान सके. दूसरी घटना दिल्ली के गांधीनगर इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में घटी जहां एक पांच साल की बच्ची के साथ रेप हुआ. तीसरी बड़ी घटना रेयान इंटरनेशनल स्कूल में घटी जिसने देशभर में भूचाल ला दिया. प्रद्युम्न की सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी गई ताकि परीक्षा और पैरेंट्स मीटिंग टाली जा सके. लेकिन सीसीटीवी ने सारे राज़ खोल दिए. सीबीआई ने हत्या के आरोप में ग्यारहवी के छात्र को गिरफ्तार किया. ये छात्र सीसीटीवी में प्रद्युम्न के साथ आखिरी मौके पर दिखाई दिया. अगर सीसीटीवी नहीं होता तो शायद आरोपी कंडक्टर पर ही जाकर केस खत्म हो चुका होता. मामले की सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाती.

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्लासरूम का होगा सीधा प्रसारण

सीसीटीवी के जरिए बात सिर्फ हादसों की निगरानी की नहीं है बल्कि किसी भी वारदात को टाला भी जा सकता है. क्लासरूम में सीसीटीवी लगाने से कई बातों की निगरानी हो सकेगी. दिल्ली सरकार के सीसीटीवी प्रोजेक्ट की खासियत ये भी है कि सीसीटीवी कैमरों का सीधा प्रसारण पैरेंट्स के मोबाइल पर लाइव की तरह देखा जा सकेगा. पैरेंट्स एक खास मोबाइल एप के जरिए देख सकेंगे कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा या नहीं. कई घटनाएं ऐसी भी सामने आईं कि बच्चा स्कूल के लिए घर से तो निकला लेकिन वो न तो स्कूल पहुंचा और न शाम को घर लौटा. मां-बाप को देर शाम ही बच्चे के लापता होने की खबर मिली. ऐसे में सीसीटीवी के जरिए बच्चे की मौजूदगी का सबूत मिलता रहेगा. मां-बाप इस खास मोबाइल एप के जरिए घर बैठे ही बच्चे की क्लासरूम में उपस्थिति और गतिविधि देख सकते हैं.

टीचर के टॉर्चर पर लगेगी रोक

क्लासरूम में अक्सर ये घटनाएं आम होती हैं कि शरीर से ताकतवर बच्चे कमजोर बच्चे के साथ मारपीट करते हैं. ये तब होता है जब क्लास में टीचर नहीं होते हैं. ऐसे में इस तरह की गतिविधियों पर भी अंकुश लग सकेगा.

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वहीं टीचरों की उपस्थिति भी सीसीटीवी में दर्ज होती रहेगी. कई दफे टीचर महीनों गायब रहते हैं. उनकी उपस्थिति रजिस्टर पर जरूर रहती है. ऐसे में सीसीटीवी के जरिए टीचरों के होने के बावजूद खाली पड़े रहने वाले क्लासरूम में सीसीटीवी हर बात पर नजर रखेगा. इससे लापरवाही बरतने वाले टीचरों पर भी नजर रखी जा सकेगी. वहीं कई स्कूलों में टीचरों पर अपने छात्रों के साथ अमानवीय बर्ताव करने के आरोप लगते रहे हैं. कभी होमवर्क न करने तो कभी किसी भी बात पर नाराज होने पर टीचर बच्चों के साथ बेरहमी से पिटाई भी करते हैं. सीसीटीवी के रहने से एक दबाव उन टीचरों पर भी होगा जो मासूमों पर अनुशासन के नाम पर कहर बरपाते हैं.

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सीसीटीवी के जरिए पुलिस कई ब्लाइंड मर्डर, हिट एंड रन और रॉबरी के केस सुलझा पाने में कामयाब हो सकी है. सीसीटीवी की वजह से अपराधियों में खौफ पैदा होता है. उनके पकड़े जाने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में स्कूलों में बढ़ते अपराध और अनियमितताओं के लिए सीसीटीवी की मौजूदगी काफी हद तक बच्चों के लिए सुरक्षा-कवच का काम करेंगे. सीसीटीवी के 'अज्ञात भय' की ही वजह से स्कूलों में होने वाले बाल अपराध और यौन दुर्व्यवहार पर लगाम कसी जा सकेगी. रहा सवाल बच्चों की क्लासरूम में मौजमस्ती या फिर बचपन की शरारतों का तो वो कुदरत की दी हुई खूबसूरती है.

Schoolchildren take part in an earthquake and tsunami drill in Banda Aceh, December 15, 2014, in this photo taken by Antara Foto. REUTERS/Irwansyah Putra/Antara Foto (INDONESIA - Tags: DISASTER EDUCATION) ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. THIS PICTURE IS DISTRIBUTED EXACTLY AS RECEIVED BY REUTERS, AS A SERVICE TO CLIENTS. FOR EDITORIAL USE ONLY. NOT FOR SALE FOR MARKETING OR ADVERTISING CAMPAIGNS. MANDATORY CREDIT. INDONESIA OUT. NO COMMERCIAL OR EDITORIAL SALES IN INDONESIA - GM1EACF1GQS01

उस बचपन को कोई छीन नहीं सकता. बल्कि सीसीटीवी में बचपन के खूबसूरत लम्हें भविष्य में संजोई हुई यादों की तरह पैरेंट्स के पास होंगे. आज हमारे जेहन में बचपन की वो धूमिल स्मृतियां ही शेष हैं . काश हमारे वक्त भी सीसीटीवी होता तो हम कुछ पलों के लिए अपनी बचपन की शरारतों को फिर से जिंदा होते देख सकते थे.

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