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सीबीएसई ने किया नियमों में बदलाव, अगले साल से 5 की जगह 6 पेपर देने होंगे

10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए छह विषय पढ़ने अनिवार्य होंगे

Updated On: Mar 10, 2017 09:59 PM IST

FP Staff

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सीबीएसई ने किया नियमों में बदलाव, अगले साल से 5 की जगह 6 पेपर देने होंगे

सीबीएसई ने अपने नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों के अनुसार छात्रों को 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए छह विषय पढ़ने अनिवार्य होंगे. छह विषय छात्रों के लिए अगले सेशन से अनिवार्य होंगे. नए नियम के मुताबिक वोकेशनल सब्जेक्ट एडिशनल सब्जेक्ट का काम करेगा.

हाल ही में बोर्ड ने अगले अकेडमिक सेशन से 10वीं में बोर्ड अनिवार्य करने की घोषणा की थी. अभी छात्रों को दो भाषाओं के साथ सोशल साइंस, गणित और विज्ञान लेना अनिवार्य होता था लेकिन अब छात्रों को इन सभी विषयों के साथ एक अन्य वोकेशनल सब्जेक्ट लेना भी अनिवार्य होगा. नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के अंतर्गत ये बदलाव किया गया है.

पास होने में करेगा मदद

वोकेशनल सब्जेक्ट के तौर पर डायनामिक ऑफ रीटेलिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सिक्युरिटी, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, इन्ट्रॉडक्शन ऑफ फाइनेंशल मार्केट, इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म, ब्यूटी एंड वेलनेस, बेसिक एग्रीकल्चर, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस समेत कुल 13 सब्जेक्ट्स में से छात्रों को कोई एक चुनना होगा.

यदि कोई छात्र परीक्षा में फेल हो जाता है. तो फेल होने वाले सब्जेक्ट की जगह वोकेशनल सब्जेक्ट के नंबर लग जाएंगे. जिससे छात्र को पास होने में आसानी होगी. वोकेशनल सब्जेक्ट एक विषय में फेल होने पर काम आएगा. यदि दो विषय में फेल है तो दूसरे विषय के लिए छात्र को कम्पार्टमेंट एग्जाम देना होगा. यह नियम 2017 से 2018 में एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए लागू होगा.

10वीं और 12वीं की परीक्षा 9 मार्च से शुरू हुई थी. पहली परीक्षा अंग्रेजी की थी. इस साल बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 19.8 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.

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