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कावेरी जल विवाद पर रजनीकांत ने कहा, फैसला निराशाजनक

यह भी कहा कि तमिलनाडु सरकार को इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के कदम उठाने चाहिए

Updated On: Feb 16, 2018 08:38 PM IST

Bhasha

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कावेरी जल विवाद पर रजनीकांत ने कहा, फैसला निराशाजनक

सुपरस्टार रजनीकांत ने शुक्रवार को कहा कि कावेरी नदी से तमिलनाडु को मिलने वाले पानी की मात्रा घटाए जाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ‘बेहद निराश करने वाला’ है. उन्होंने तमिलनाडु सरकार से मांग की कि वह एक पुनर्विचार याचिका दायर करे.

रजनीकांत ने एक ट्वीट में कहा, ‘कावेरी के पानी के बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला तमिलनाडु के किसानों की रोजी-रोटी को और प्रभावित करेगा. यह काफी निराश करने वाला है.’

राजनीति में कदम रखने का ऐलान कर चुके रजनीकांत ने कहा यह भी कहा कि तमिलनाडु सरकार को इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के कदम उठाने चाहिए.

तमिलनाडु को मिलने वाला पानी घटाया, कर्नाटक को फायदा

तीनों राज्यों ने कावेरी जल विवाद अधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) की तरफ से 2007 में जल बंटवारे पर दिए गए फैसले को चुनौती दी थी. दशकों पुराने कावेरी जल विवाद पर 2007 में सीडब्ल्यूडीटी ने कावेरी बेसिन में जल की उपलब्धता को देखते हुए एकमत से निर्णय दिया था.

फैसले में तमिलनाडु को 419 टीएमसी फुट (हजार मिलियन क्यूबिक फुट) पानी आवंटित किया गया, कर्नाटक को 270 टीएमसी फुट, केरल को 30 टीएमसी फुट और पुडुचेरी को सात टीएमसी फुट पानी आवंटित किया गया था.

जहां पहले तमिलनाडु को 192 टीएमसी पानी मिलता था, वहीं अब उसे 177 टीएमसी पानी दिया जाएगा. जबकि कर्नाटक को 14 टीएमसी अतिरिक्त पानी मिलेगा. वहीं केरल (30 टीएमसी) और पुडुचेरी (7 टीएमसी) को पहले की तरह पानी आवंटित किया जाता रहेगा.

कोर्ट ने कहा बेंगलुरु में पीने के पानी की मांग और औद्योगिक आवश्यकता को देखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी में बढ़ोतरी की गई है.

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