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CAG रिपोर्ट से दिल्ली में राशन घोटाले का खुलासा, CM केजरीवाल ने कहा- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

तीन हिस्सों वाले सीएजी रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में कुप्रबंधन और अनियमितताओं से आर्थिक नुकसान होने और जनता के अहित की बात सामने आई है

FP Staff Updated On: Apr 04, 2018 10:56 AM IST

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CAG रिपोर्ट से दिल्ली में राशन घोटाले का खुलासा, CM केजरीवाल ने कहा- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नियंत्रक एवं महालेखाकार (सीएजी) की रिपोर्ट में उजागर हुई गड़बड़ियों के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है. उन्होंने समाज कल्याण योजनाओं पर सीएजी रिपोर्ट के हवाले से एलजी पर इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में राशन माफिया पूरी तरह हावी है. अगर सरकारी राशन की होम डिलीवरी होती तो माफिया का खात्मा हो जाता.

सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल सरकार सीएजी रिपोर्ट से जुड़े 50 मामलों की सीबीआई जांच कराने पर विचार कर रही है.

इससे पहले मंगलवार को सीएजी ने दिल्ली सरकार के कामकाज पर विधानसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को वर्ष 2016-17 की यह रिपोर्ट विधानसभा में पेश की. तीन हिस्सों वाले इस रिपोर्ट में विभिन्न विभागों के कुप्रबंधन और अनियमितताओं से आर्थिक नुकसान होने से लेकर जनता के अहित की बात सामने आई है.

दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में कुप्रबंधन और गड़बड़ियों का बोलबाला

अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने एफसीआई के गोदामों से वितरण केंद्र तक कई गड़बड़ियों का जिक्र किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह माफिया के शिकंजे में है जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है. रिपोर्ट में बाइक और दोपहिया वाहन से राशन वितरित करने का खुलासा हुआ है.

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सीएजी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 2682 बसें बगैर इंश्योरेंस के ही दौड़ रही हैं. इससे निगम को 10.34 करोड़ का घाटा हो चुका है, मगर फिर भी हालात में कोई सुधार नहीं है. दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) की लापरवाही से करोड़ों के राजस्व के नुकसान की बात सामने आई है. बगैर जांच पड़ताल और ठोस योजना के ग्रिड लगाने के लिए जमीन खरीद ली गई. डीडीए को इसके लिए 11.16 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया, मगर आज तक ग्रिड नहीं लगाई जा सकी है.

सीएजी रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों की लापरवाही से दिल्ली पावर कंपनी लिमिटेड (डीपीसीएल) को 60 करोड़ रुपए का जुर्माना चुकाना पड़ा है.

सीएजी रिपोर्ट में खुलासा 68 ब्लड बैंकों में से 32 के पास वैध लाइसेंस नहीं

रिपोर्ट में हैरान करने वाला एक खुलासा यह भी हुआ है कि दिल्ली में मौजूद 68 ब्लड बैंकों में से 32 के पास वैध लाइसेंस नहीं हैं. इसके अलावा अधिकतर ब्लड बैंकों में दान में मिले रक्त में एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी गंभीर बीमारियों के संक्रमण का पता लगाने के लिए एनएटी (न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) जांच भी नहीं की जाती.

जो बात सबसे अधिक चौंकाती है वो यह कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 40.31 करोड़ रुपए का बजट होने के बावजूद बीते ढाई वर्षों में दिल्ली में एक भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं किया गया.

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार शिक्षा में उल्लेखनीय सुधार का दावा करती है. लेकिन सीएजी रिपोर्ट बताती है कि 3 जिलों में लगभग 8 हजार छात्रों के लिए कोई खेल सुविधा विकसित नहीं की गई है. 6 जिलों में खेल सुविधाओं के नाम पर मात्र स्वीमिंग पूल भर हैं.

रिपोर्ट में वन विभाग के बारे में बताया गया है कि उसने वृक्षारोपण का अपना तय लक्ष्य पूरा नहीं किया. जो कुछ किया, उसमें भी 23 फीसदी पौधों को बचाया नहीं जा सका.

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