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4 लोकसभा और 10 विधानसभा चुनाव के नतीजे: किस सीट पर कौन जीता ?

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, नगालैंड की 4 लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए वोटों के नतीजे आ चुके हैं

Ravi kant Singh Updated On: Jun 01, 2018 10:21 AM IST

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4 लोकसभा और 10 विधानसभा चुनाव के नतीजे: किस सीट पर कौन जीता ?

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, नगालैंड की 4 लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं. कैराना से आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम बेगम की जीत हुई है. महाराष्ट्र की पालघर से बीजेपी, भंडारा-गोंदिया सीट पर एनसीपी और नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट पर बीजेपी की सहयोगी पार्टी एनडीपीपी ने जीत दर्ज की है.

इसके साथ ही 10 विधानसभा सीटों नूरपुर (यूपी), महेश्तला (प.बंगाल), अंपाती (मेघालय), थराली (उत्तराखंड), चेंगनूर, (केरल), जोकीहाट (बिहार), गोमिया (झारखंड), सिल्ली (झारखंड), शाहकोट (पंजाब), पालस-काडेगांव (महाराष्ट्र) के लिए भी मतदान हुए थे. इसके साथ ही कर्नाटक की आरआरनगर विधानसभा सीट पर भी चुनाव हुए.

लोकसभा उपचुनाव के ये रहे नतीजे

कैराना, यूपी

कैराना में आरएलडी उम्‍मीदवार तब्‍बसुम हसन ने जीत हासिल की है. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार मृगांका सिंह को हराया.

कैराना उपचुनाव में एसपी, बीएसपी, आरएलडी और कांग्रेस महागठबंधन का सामना बीजेपी से था. कैराना की जीत से लोगों में यह संदेश गया है कि पश्चिमी यूपी में अखिलेश की पहल के बाद जाट और मुसलमानों के बीच आई दूरी अब घटने लगी है.

बता दें कि 28 मई को मतदान शुरू होते ही एक के बाद एक कई बूथों पर वीवीपैट मशीन में खराबी की खबरें आईं. इसके बाद बीजेपी समेत सभी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की और पुनर्मतदान की मांग की. हालांकि, एसपी और आरएलडी ने वीवीपैट और ईवीएम में खराबी को साजिश बताते हुए बीजेपी पर चुनाव में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया.

मंगलवार को एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए आगे होने वाले चुनाव बैलट पेपर से हों, इसकी मांग भी कर डाली. उधर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष हार का बहाना खोज रहा है. दोनों पक्षों में तकरार के बावजूद गुरुवार को जो नतीजा आया, वह चौंकाने वाला था. आरएलडी की प्रत्याशी ने शाम होते-होते बीजेपी उम्मीदवार को बड़े अंतरों से हरा दिया. वीपीपैट-ईवीएम में खराबी की शिकायत कहीं दूर-दराज के कोने में दब गई.

पालघर, महाराष्ट्र

बीजेपी सांसद चिंतामन वनगा के निधन के कारण पालघर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र गावित ने जीत दर्ज की है. एसटी रिजर्व इस सीट से सीपीएम ने किरण राजा गहला को अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद दामू सिंगाड़ा पर अपना दांव लगाया था.

पालघर उपचुनाव महाराष्ट्र बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने खुद पालघर में अपना चुनावी कैंप बनाया हुआ था. बीजेपी के लिए यह सीट इसलिए भी अहम थी क्योंकि विधानसभा में उसकी सहयोगी शिवसेना ही यहां उसके खिलाफ मैदान में थी. पूर्व में बीजेपी को तब बड़ा झटका तब था लगा जब चिंतामन वनगा के परिवार ने बीजेपी का साथ छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया. शिवसेना ने वनगा के बेटे श्रीनिवास को ही इस सीट से उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था. हालांकि गुरुवार को रिजल्ट चौंकाने वाले रहे और बीजेपी ने मैदान मार लिया. जीत के बाद बीजेपी और शिवसेना में एक और दरार पड़ती दिखी.

भंडारा-गोंदिया सीट, महाराष्ट्र

भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा. पार्टी पालघर में भले जीत गई लेकिन भंडारा में पार्टी की हार लोकसभा चुनावों पर बड़ा असर दिखा सकती है.

इस लोकसभा सीट से एनसीपी उम्मीदवार मधुकर कुकड़े ने बीजेपी के नाना पटोले को हराया. एनसीपी उम्मीदवार मधुकर कुकड़े ने नाना पटोले को 48,097 वोटों से मात दी. जान लेना जरूरी है कि भंडारा-गोंदिया से बीजेपी सांसद नाना एफ. पटोले ने संसद और पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इस वजह से इस यह सीट खाली हुई थी. भंडारा-गोंदिया सीट से 18 प्रत्याशी मैदान में थे.

भंडारा-गोंदिया में कुल 1.76 करोड़ वोटरों में से 53.15 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था. चुनाव आयोग ने इवीएम और वीवीपीएटी में गड़बड़ी के आरोपों के बाद बुधवार को 49 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था.

नगालैंड लोकसभा सीट

बीजेपी की सहयोगी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने नगालैंड लोकसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल की. एनडीपीपी के उम्मीदवार ने एनपीएफ उम्मीदवार को 1.73 लाख से अधिक वोटों से हराया.

मौजूदा मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के इस्तीफ से यह सीट खाली हुई थी. फरवरी में राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था. इस सीट पर सिर्फ दो ही उम्मीदवार मैदान में थे. कांग्रेस समर्थित नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और बीजेपी के समर्थन वाली नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के उम्मीदवारों के बीच है.

किस विधानसभा सीट पर किसकी जीत हुई, इसका पूरा विवरण-

अंपाती विधानसभा सीट

यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की. यहां से से डॉ. शिरा चुनाव जीत गईं. डॉ. शिरा पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता मुकुल संगमा की बेटी हैं.

अंपाती सीट पर कांग्रेस को 14259 वोट मिले, जबकि एनपीपी को 11068 वोट मिले. निर्दलीय प्रत्याशी को 360 वोट मिले, जबकि 208 वोट नोटा को मिले.

अंपाती सीट के लिए उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांगेस और बीजेपी समर्थित नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के बीच रहा. इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में थे. मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के सीट छोड़ने के कारण यहां उपचुनाव कराए गए.

पालस कोडेगांव

महाराष्ट्र की इस विधासभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी विश्वजीत पतंगराव ने जीत दर्ज की. उन्हें निर्विरोध चुना गया है. कांग्रेस नेता पतंग राव कदम के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी. विश्वजीत कदम पतंग राव कदम के बेटे हैं. बीजेपी ने अपने उम्मीदवार संग्राम सिंह देशमुख को हटा लिया था जिसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए.

चेंगन्नूर सीट

केरल के चेंगन्नूर से सीपीएम के साजी चेरियन जीते. चेरियन को 20956 वोट मिले. केरल की सत्तारूढ़ सीपीएम नेतृत्व वाली एलडीएफ उम्मीदवार साजी चेरियन ने चेंगन्नूर विधानसभा सीट पर 20,956 मतों से जीत दर्ज की.

बता दें कि मध्य केरल की इस सीट पर सीपीएम विधायक केके रामचंद्रन नायर के निधन के बाद उपचुनाव हुआ. पिछले विधानसभा चुनाव में रामचंद्रन ने कांग्रेस के उम्मीदवार को 8000 वोटों से हराकर ये सीट जीत ली थी.

इस बार एलडीएफ ने सीपीएम के अलप्पुझा जिला सचिव साजी चेरियन को उतारा था जबकि यूडीएफ ने डी. विजयकुमार को अपनी पार्टी से प्रत्याशी बनाया था. बीजेपी ने केरल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई को इस सीट से टिकट दिया था. पिछले विधानसभा चुनाव में इन्होंने यूडीएफ और एलडीएफ के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी.

जोकीहाट सीट

इस सीट पर आरजेडी उम्मीदवार ने जेडीयू प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया. यहां आरजेडी के शाहनवाज आलम 76002 वोटों से जीत गए. जेडीयू को 37,913 वोट मिले. आरजेडी उम्मीदवार शाहनवाज आलम ने जेडीयू के मुर्शीद आलम को 41,224 मतों से पराजित किया.

उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद न्यूज18 से बात करते हुए शाहनवाज आलम ने कहा कि उनके परिवार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. उन्होंने जीत का श्रेय तेजस्वी यादव को दिया और नीतीश पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी का आरोप लगाया.

आरआर नगर, बेंगलुरु

कर्नाटक में राजराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मुनिरत्ना ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के थुलासी मुनिराजू गौड़ा को 25492 वोटों से हराया. कांग्रेस ने यह सीट बरकरार रखी.

मुनिरत्ना को 108064 वोट मिले जबकि गौड़ा को 82572 वोट मिले. जेडीएस उम्मीदवार जी एच रामचंद्र को 60360 वोट मिले. इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवारों ने अपने भाग्य आजमाए थे.

पूरे प्रदेश में 12 मई को विधानसभा चुनाव हुए थे लेकिन वोटर लिस्ट विवाद और कुछ धांधलियों के चलते इस सीट पर चुनाव टाल दिया गया था. इस सीट पर 28 मई को चुनाव संपन्न हुआ.

नूरपुर, उत्तर प्रदेश

नूरपुर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में गठबंधन प्रत्याशी एसपी के नईमुल हसन ने बीजेपी की अवनी सिंह को 6271 वोटों से हरा दिया.

नूरपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क हादसे में मौत की वजह से उपचुनाव कराए गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत दर्जनों सांसद, विधायक और मंत्रियों ने काफी मेहनत की थी. 27 मई को पीएम मोदी ने कैराना से सटे जिले बागपत में रोडशो किया था. बावजूद इसके बीजेपी कैराना और नूरपुर सीट बचाने में कामयाब नहीं रही.

शाहकोट सीट, पंजाब

पंजाब के शाहकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के हरदेव सिंह लाडी जीत गए. लाडी ने अकाली दल के नायब सिंह कोहाड़ को 38802 वोटों से हराया.

कांग्रेस के हरदेव सिंह लाडी के पक्ष में मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने खूब प्रचार किया था. कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इसे पंजाब सरकार की जीत बताया और राज्‍य सरकार के काम पर जनता का भरोसा जताने के लिए शुक्र‍िया कहा.

हार के बाद कोहाड़ ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का आरोप लगाया. कांग्रेस के पास 26 साल बाद यह सीट आई है. चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी के रतन सिंह काकड़कलां के बीच था. अकाली विधायक अजीत सिंह कोहाड़ के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर 28 मई को मतदान हुआ था.

थराली सीट, उत्तराखंड

इस सीट पर बीजेपी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है. बीजेपी उम्मीदवार मुन्नी देवी ने कांग्रेस प्रत्याशी जीतराम को 1900 से ज्यादा वोटों से हराया.

बीजेपी विधायक मगन लाल शाह की मौत के बाद खाली हुई सीट पर पार्टी ने मगनलाल शाह की पत्नी मुन्‍नी देवी को ही चुनाव मैदान में उतारा था जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक जीतराम पर दांव खेला था. 28 मई को इस सीट के लिए हुए चुनाव में 53 प्रतिशत से ज्‍यादा मत पड़े थे.

सिल्ली, गोमिया सीट, झारखंड

झारखंड की इन दोनों सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)  ने जीत हासिल की है. पहले भी दोनो सीटें जेएमएम के पास थीं.

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक सिल्ली में 75.5 प्रतिशत तो गोमिया में 63.25 प्रतिशत मतदान हुआ. गोमिया सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष में बीजेपी के माधव लाल सिंह, एजेएसयू के लंबोदर महतो और जेएमएम की बबीता देवी मैदान में थे. वहीं सिल्ली में एजेएसयू के सुदेश महतो और झामुमो की सीमा देवी के बीच आमने-सामने की लड़ाई थी.

महेश्ताला, पश्चिम बंगाल

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने महेश्ताला विधानसभा सीट पर बड़ी जीत हासिल की. इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि बीजेपी ने सीपीएम को पछाड़ते हुए खुद को दूसरे नंबर पर पहुंचा दिया.

महेश्ताला में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार दुलाल दास ने 62,896 मतों के अंतर से जीत हासिल की. टीएमसी के दुलाल ने 1,04,818 वोट हासिल किया जबकि बीजेपी को 41,993 वोट मिले. महेश्ताला सीपीएम का गढ़ रहा है. सीपीएम और कांग्रेस का यहां गठजोड़ था. दोनों पार्टियों में गठबंधन के बावजूद उसे (30,316) तीसरे स्थान पर खिसकना पड़ा.

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