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संसद में हंगामा कर विपक्ष सरकार को किस हद तक घेर पाएगा ?

हंगामा जल्दी थमने के आसार नहीं लग रहे हैं. संसद की कार्यवाही अभी एक महीने चलने वाली है.

Amitesh Amitesh Updated On: Mar 05, 2018 03:13 PM IST

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संसद में हंगामा कर विपक्ष सरकार को किस हद तक घेर पाएगा ?

बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब संसद भवन पहुंचे तो बीजेपी के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अगुआई में मोदी के स्वागत में त्रिपुरा की भारी जीत के अलावा नगालैंड और मेघालय में भी बीजेपी-सरकार बनने की खुशी साफ झलक रही थी.

इन तीनों राज्यों की जीत इस मायने में अहम है क्योंकि मध्यप्रदेश और राजस्थान के उपचुनावों की हार और बैंकिंग घोटाले की आंच से बीजेपी की छवि थोड़ी धूमिल हो रही थी. खासतौर से पंजाब नेशनल बैंक से 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम लेकर चंपत हो चुके नीरव मोदी को लेकर सरकार बैकफुट पर थी.

लेकिन, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को लेकर लगातार दावा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चौकीदारी पर भी सवाल खडे़ होने लगे थे. लेकिन, त्रिपुरा की ऐतिहासिक जीत ने मोदी और उनकी छवि पर सवाल खड़ा करने वाले लोगों को बड़ा जवाब दे दिया है.

सरकार विपक्ष के हमले से बेपरवाह दिख रही है. संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पहले ही दिन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का बचाव करते हुए नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के तार कांग्रेस के साथ जोड़ कर सरकार की मंशा साफ कर दी.

बीजेपी को लग रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे की गिरफ्तारी के बाद नीरव मोदी के मामले में कांग्रेस के हमले की धार को कुंद किया जा सकता है. सरकार नीरव मोदी मामले और कार्ति चिदंबरम के मामले में भी की गई कार्रवाई को साथ-साथ दिखाकर सरकार भ्रष्टाचार को कांग्रेस से जोड़ने में लगी है.

दूसरी तरफ विपक्ष नीरव मोदी की फरारी पर जवाब मांग रहा है. संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत में ही साफ हो गया कि विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी की सख्त छवि को तोड़ने की कोशिश करेगा. कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों को भी लग रहा है कि इस मुद्दे पर मोदी को घेर कर उनकी प्रधानचौकीदारी की सख्त छवि को तोड़ा जा सकता है.

bjp narendra modi

संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया. लोकसभा की कार्यवाही से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य मंत्रियों ने नॉर्थ ईस्ट चुनावों में मिली जीत की खुशी को विक्टरी साइन दिखाकर अभिव्यक्त किया. (फोटो : पीटीआई)

संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने पीएनबी घोटाले को लेकर हंगामा कर दिया. नीरव मोदी कहां है के स्लोगन के सहारे कोशिश नरेंद्र मोदी को घेरने की थी. हंगामे के चलते पहले दिन सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी.

कांग्रेस के अलावा टीएमसी और आरजेडी भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं. टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शारदा चिट फंड घोटाले के वक्त से ही लगते रहे हैं. जबकि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव भ्रष्टाचार के मामले में इस वक्त जेल में हैं. बीजेपी लगातार लालू पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने को बड़ा मुद्दा बना रही है, लिहाजा आरजेडी अब नीरव मोदी मामले को लेकर बीजेपी पर हमला करने में लगी है.

हालांकि संसद में पहले दिन आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज के मुद्दे पर भी हंगामा खड़ा हुआ. हंगामा बीजेपी की सहयोगी टीडीपी की तरफ से भी हुआ, हंगामा वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से भी हुआ. हंगामे की भेंट संसद की कार्यवाही चढ़ गई.

हंगामा जल्दी थमने के आसार नहीं लग रहे हैं. संसद की कार्यवाही अभी एक महीने चलने वाली है. इस दौरान विपक्ष की कोशिश नीरव मोदी मामले को उठाकर प्रधानमंत्री की साफ छवि को धूमिल करने की होगी. लेकिन, बीजेपी की तैयारी देखकर लग रहा है कि कार्ति चिदंबरम मामले को उछालकर जवाब आक्रामकता से दिया जाएगा. त्रिपुरा की जीत के बाद संसद भवन परिसर में मोदी का स्वागत उस आत्मविश्वास और आक्रामकता की ही एक झलक पेश कर रहा था.

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