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BSP सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही किसी पार्टी से गठबंधन करेगी: मायावती

मायावती कहा कि 'इसके अलावा उनके परिवार के किसी भी नजदीकी सदस्य को ना कोई चुनाव लड़ाया जाएगा और ना ही उसे कोई राज्यसभा सांसद, एम.एल.सी.और मंत्री आदि भी बनाया जाएगा.'

Bhasha Updated On: May 26, 2018 08:38 PM IST

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BSP सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही किसी पार्टी से गठबंधन करेगी: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने शनिवार को कहा कि पार्टी किसी भी राज्य में और किसी भी चुनाव में किसी पार्टी के साथ केवल सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही कोई चुनावी गठबंधन-समझौता करेगी.

BSP अध्यक्ष लखनऊ में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित पार्टी की अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रही थी.

उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी राज्य में और किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी के साथ केवल ‘सम्मानजनक’ सीटें मिलने पर ही वहां उस पार्टी के साथ कोई चुनावी गठबंधन-समझौता करेगी अन्यथा हमारी पार्टी अकेली ही चुनाव लड़ना ज्यादा बेहतर समझती है.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि इस मामले में हमारी पार्टी की उत्तर प्रदेश सहित कई और राज्यों में भी गठबंधन करके चुनाव लड़ने की बातचीत चल रही है, लेकिन फिर भी आप लोगों को हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए अपने-अपने प्रदेश में पार्टी के संगठन को हर स्तर पर तैयार करना है.'

मायावती ने कहा, ‘अभी मैं अगले लगभग 20-22 सालों तक खुद ही आगे और सक्रिय रहकर पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाती रहूंगी और अब ऐसे में अगले लगभग 20-22 सालों तक पार्टी में किसी को भी पार्टी का मुखिया बनने का सपना नहीं देखना चाहिए और न ही किसी को अभी मेरा उत्तराधिकारी बनने का भी सपना देखना चाहिये.'

उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी कार्यकर्ताओ का ध्यान जल्द ही लोकसभा के होने वाले आम चुनाव की तरफ और इससे पहले देश के कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तरफ भी दिलाना चाहती हूं. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने के मामले में बीजेपी की किरकिरी होने की वजह से अब यह पार्टी समय से पहले भी लोकसभा के आम चुनाव करा सकती है.'

मायावती ने अपनी पार्टी के संविधान में कुछ जरूरी फैसले लिए जाने की जानकारी देते हुए बताया, ‘मुझे खुद को भी मिलाकर और मेरे बाद अब आगे भी BSP का जो भी ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष’ बनाया जाएगा तो फिर उसके जीते-जी वह ना रहने के बाद भी उसके परिवार के किसी भी नजदीकी सदस्य को पार्टी संगठन में किसी भी स्तर के पद पर नहीं रखा जाएगा अर्थात उनके परिवार के सदस्य बिना किसी पद पर बने रहकर और एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में ही केवल अपनी निःस्वार्थ भावना के साथ ही पार्टी में कार्य कर सकते है.'

उन्होंने कहा कि 'इसके अलावा उनके परिवार के किसी भी नजदीकी सदस्य को ना कोई चुनाव लड़ाया जाएगा और ना ही उसे कोई राज्यसभा सांसद, एम.एल.सी.और मंत्री आदि भी बनाया जाएगा और ना ही उसे अन्य किसी भी राजनैतिक उच्च पद पर रखा जायेगा. लेकिन पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को छोड़कर बाकी अन्य सभी स्तर के पदाधिकारियों के परिवार के लोगों पर ’’विशेष परिस्थितियों में’’ यह सब शर्तें लागू नहीं होगी.'

मायावती ने शनिवार को पार्टी संगठन में कुछ परिवर्तन भी किए. पार्टी में पहली बार ’नेशनल कोआर्डिनेटर’ की नियुक्ति की गई है. पहले चरण में दो नेशनल कोऑर्डिनेटर वीर सिंह एडवोकेट और जयप्रकाश सिंह को नियुक्त किया गया है. उत्तर प्रदेश में आर.एस.कुशवाहा पार्टी के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए. निवर्तमान अध्यक्ष राम अचल राजभर को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी और तीन राज्यों के कोऑर्डिनेटर भी बनाया गया है. लालजी वर्मा छत्तीसगढ़ के कोऑर्डिनेटर, अशोक सिद्धार्थ को दक्षिण भारत के तीन राज्यों का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है.

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