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सजा-ए-मौत के खिलाफ बृंदा करात, कहा-पहले 'रेपिस्ट रक्षकों' पर कार्रवाई करे BJP

करात ने कहा, हमने बीजेपी के गोरक्षक होने के बारे में सुना था लेकिन अब वे बलात्कारियों के रक्षक हो गए हैं

Updated On: Apr 22, 2018 04:27 PM IST

FP Staff

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सजा-ए-मौत के खिलाफ बृंदा करात, कहा-पहले 'रेपिस्ट रक्षकों' पर कार्रवाई करे BJP

बीजेपी ने जहां 12 साल से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार के दोषी को फांसी देने वाले अध्यादेश को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाया है. कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि उसे यह कदम उठाने में इतना वक्त क्यों लग गया. माकपा नेता वृंदा करात ने तो बीजेपी को 'रेपिस्ट रक्षक' पार्टी तक करार दिया.

करात ने कहा, सैद्धांतिक रूप से माकपा सजा-ए-मौत के खिलाफ है. दुर्लभतम मामलों में पहले से मौत की सजा का प्रावधान है. सबसे बड़ा मुद्दा तो यह है कि सरकार के कुछ सदस्य ही बलात्कारियों का समर्थन कर रहे हैं. इन 'रेपिस्ट रक्षकों' के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

करात ने कहा कि असली समस्या यह नहीं है कि बच्ची से बलात्कार करने वालों को मृत्युदंड नहीं दिया जा रहा है बल्कि मुद्दा यह है कि सत्तासीन लोग बलात्कारियों को ‘बचा’ रहे हैं.

कठुआ बलात्कार और हत्या मामले में वकीलों के प्रदर्शन के बारे में करात ने कहा, ‘हमने बीजेपी के गोरक्षक होने के बारे में सुना था लेकिन अब वे बलात्कारियों के रक्षक हो गए हैं. बलात्कारियों की रक्षा करने वालों को दंड दिया जाना चाहिए.’

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी ऐसे मामलों में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की दिशा में किसी भी गंभीर कदम का स्वागत करती है. उन्होंने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार की मंशा को लेकर जो सवाल मेरे मन में आता है, वह यह है कि उन्हें इस नतीजे पर पहुंचने में इतना वक्त क्यों लगा कि कड़े कानून और कठोर दंड से जरूरी बदलाव आएगा.’

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