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टिकट बंटवारे पर बीजेपी में उभरा असंतोष पार्टी पर कितना भारी पड़ेगा?

11 अशोक रोड के बाहर टिकट के दावेदार नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर टिकट बंटवारे का विरोध कर रहे हैं

Amitesh Amitesh Updated On: Jan 19, 2017 11:31 PM IST

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टिकट बंटवारे पर बीजेपी में उभरा असंतोष पार्टी पर कितना भारी पड़ेगा?

बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है. यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की सूची सामने आने के बाद टिकट के दावेदारों में नाराजगी भी है और रूखापन भी.

11 अशोक रोड के बाहर टिकट के दावेदार नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर टिकट बंटवारे का विरोध कर रहे हैं और नारे भी लगा रहे हैं.

मेरठ से आए कार्यकर्ता अपने विरोध के बावजूद भी मोदी और बीजेपी के समर्थन में नारे लगा रहे थे, लेकिन पार्टी संगठन के खिलाफ उनकी तरफ से नारेबाजी खूब हुई.

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे पर चर्चा करते पीएम मोदी और अमित शाह

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे पर चर्चा करते पीएम मोदी और अमित शाह

बीजेपी के झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक रहे सुनील भराला की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने पार्टी दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. भराला के समर्थक उनको मेरठ की सिवाल खास सीट से टिकट न दिए जाने से नाराज थे. बीजेपी ने लोकदल से आए जितेन्द्र सतवाई को यहां टिकट दिया है.

फर्स्टपोस्ट से बातचीत में सुनील भराला ने भी अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि संघ के स्वयंसेवक और बीजेपी के मूल कार्यकर्ता सभी नाराज हैं, यही वजह है कि मेरठ से संघ, वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी अपनी नाराजगी जताने दिल्ली आ गए हैं.

surendra bharala

तस्वीर: सुनील भराला

लेकिन, यह हाल केवल मेरठ की एक सीट का नहीं है. उत्तर प्रदेश के बाकी इलाकों से भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं, जहां बीजेपी ने टिकट बांट दिया है.

बाहरी उम्मीदवारों को टिकट मिलने से नाराजगी

बीजेपी ने अपनी पहली सूची में 149 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिसमें कई मौजूदा विधायक भी शामिल हैं, लेकिन इस सूची में बाहरी उम्मीदवारों को जिस तरीके से आनन-फानन में पार्टी में शामिल कराकर टिकट दिया गया है, उससे पार्टी कैडर्स में नाराजगी है.

सिवालखास से जितेन्द्र सतवाई के अलावा और भी कई ऐसे चेहरे हैं जो कि दूसरे दलों से आए हैं. मसलन, आगरा की बाह सीट से अभी हाल ही में बीजेपी में शामिल राजा अरिदमन सिंह की पत्नी रानी पक्षालिका सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है.

पक्षालिका सिंह को समाजवादी पार्टी ने खैरागढ़ से टिकट दिया था. समाजवादी पार्टी का टिकट लौटा देने वाली हेमलता दिवाकर आगरा ग्रामीण से बीजेपी की उम्मीदवार बनाई गई हैं. जबकि समाजवादी पार्टी से ही बीजेपी में शामिल जितेन्द्र वर्मा को पार्टी ने आगरा के फतेहाबाद से टिकट दिया है.

बीजेपी की पहली सूची में बीएसपी से आए महावीर राणा, बरौली में रालोद से आए विधायक दलवीर सिंह और बलदेव से पूरन प्रकाश को टिकट दिया गया है. मुरादनगर से समाजवादी पार्टी से बीजेपी में शामिल पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी के बेटे अजीतपाल त्यागी, शिकार पुर में बीएसपी से बीजेपी में शामिल अनिल शर्मा को बीजेपी ने टिकट दिया है.

नाराजगी बीजेपी पर पड़ सकती है भारी

सुनील भराला जैसे बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं ने उन उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रखी है जो कि दूसरे दलों से आकर पार्टी का सिंबल लेने में कामयाब रहे हैं. लेकिन अपने जमीनी कार्यकर्ता दर-दर की ठोकर खाते फिर रहे हैं.

हालांकि बीजेपी आलाकमान के रूख से साफ है कि जिताऊ उम्मीदवार के लिए बाहरी उम्मीदवारों को पार्टी में लाने से उसे कोई परहेज नहीं है.

लेकिन पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की खुले तौर पर नाराजगी यूपी चुनाव में खतरे की घंटी बजाने लगी है. अगर वक्त रहते इसे काबू नहीं किया गया तो यूपी में बीजेपी को लगने वाला ‘फील गुड’ उल्टा पड़ सकता है.

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