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आपातकाल के बहाने कांग्रेस पर देशव्यापी हल्ला बोलने की तैयारी में बीजेपी

बीजेपी कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी भी अलग-अलग राज्यों की राजधानी में जाकर आपातकाल को याद कर कांग्रेस को घेरेंगे.

Amitesh Amitesh Updated On: Jun 25, 2018 03:47 PM IST

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आपातकाल के बहाने कांग्रेस पर देशव्यापी हल्ला बोलने की तैयारी में बीजेपी

आपातकाल लागू करने के विरोध में बीजेपी हर साल कांग्रेस के खिलाफ हमला बोलती रही है. एक बार फिर से बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ 25 और 26 जून को काला दिवस के रूप में मना रही है. 43 साल पहले 25 जून 1975 को ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश भर में आपातकाल लागू करने का फैसला किया था.

बीजेपी का कहना है कि देश में आपातकाल लागू कर लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस मौके पर ट्वीट कर कहा, '1975 में आज ही के दिन कांग्रेस द्वारा मात्र सत्ता में बने रहने के अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिये देश के लोकतंत्र की हत्या कर दी गयी. देश की संसद को निष्क्रय बना कर उच्चतम न्यायालय को मूकदर्शक की हैसियत में तब्दील कर दिया गया और अखबारों की जुबान पर ताले जड़ दिये गये.'

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, असंख्य लोगों को बिना वजह कालकोठरी में डाल दिया गया, देश की जनता ने 21 महीनों तक अनेकों कष्ठ और यातनायें सही.ऐसे आपातकाल में लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी देशवासियों को कोटि-कोटि वंदन.

अमित शाह के ट्वीट से साफ दिख रहा है कि बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस पर कितनी हमलावर है. हालांकि इसमें कोई नई बात नहीं है जब बीजेपी इस तरह से कांग्रेस को आपातकाल के मुद्दे पर लोकतंत्र की हत्या करने वाली बताए. लेकिन, मौजूदा माहौल में इसका महत्व ज्यादा है. देश भर में सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव की तैयारी में लग गए हैं और इस वक्त राजनेताओं के हर बयान को अगले चुनाव की रणनीति से ही जोड़कर देखा जा रहा है.

कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल बीजेपी और मोदी सरकार पर हमलावर हैं. सरकार पर कई मौकों पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगता रहा है. अब बीजेपी की तरफ से आपातकाल की याद दिलाकर कांग्रेस को आईना दिखाने की कोशिश हो रही है. बीजेपी अध्यक्ष का आक्रामक अंदाज बीजेपी की इसी रणनीति को दिखाता है.

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने भी आपातकाल को याद कर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा है. जेटली ने कहा, ‘इंदिरा गांधी की राजनीति की त्रासदी यह थी कि उन्होंने ठोस नीतियों के मुकाबले लोकप्रिय नारों को तरजीह दी. केंद्र और राज्यों में भारी जनादेश के साथ सरकार उसी आर्थिक दिशा में बढ़ती रही जिसका प्रयोग 1960 के दशक के अंत में उन्होंने किया था.’

बीजेपी पूरे देश में आपातकाल के विरोध में काला दिवस मना रही है. आपातकाल 25-26 जून को आधी रात को लगा था, लिहाजा बीजेपी की तरफ से दोनों दिन विरोध जताने का सिलसिला जारी रहेगा. 26 जून को पार्टी ने देश भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भी कांग्रेस पर हमला बोलने का फैसला किया है.

आपातकाल को लेकर देश के हर राज्य की राजधानी में पार्टी के बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री पहुंच रहे हैं जो कि आपातकाल के विरोध में होने वाले कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1975 के उस काले दिन की याद से भी लोगों को रू-ब-रू कराएंगे.

इस दिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह खुद अहमदाबाद में होंगे. शाह वहां पार्टी की प्रदेश इकाई की चिंतन बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं. 26 जून को अहमदाबाद से ही शाह कांग्रेस के खिलाफ आपातकाल याद कर हमला बोलेंगे.

काला दिवस मनाएंगे बीजेपी के कई बड़े नेता

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह आंध्रप्रदेश में जबकि जितेंद्र सिंह असम में काला दिवस के कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पटना में जबकि, डॉ. महेश शर्मा चंडीगढ़ में रहेंगे. धर्मेंद्र प्रधान छत्तीसढ़ में जबकि अनंत कुमार मध्यप्रदेश में 26 जून के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर इस दिन राजस्थान में जबकि जे पी नड्डा उत्तराखंड में कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

इसके अलावा बीजेपी कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी भी अलग-अलग राज्यों की राजधानी में जाकर आपातकाल को याद कर कांग्रेस को घेरेंगे. हालाकि इसके पहले भी बीजेपी आपातकाल की बरसी पर कार्यक्रम मनाती रही है. इस मौके पर बीजेपी आपातकाल के वक्त सलाखों के पीछे डाल दिए गए लोगों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी करती रही है. लेकिन, इस बार राज्य के हर कोने से कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोलने की तैयारी है.

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