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मिशन 2019 का आगाज ओडिशा के भुवनेश्वर से करेगी बीजेपी

केंद्र सरकार पाई के विद्रोह की 200वीं वर्षगांठ मना रही है

Amitesh Amitesh Updated On: Apr 15, 2017 06:06 PM IST

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मिशन 2019 का आगाज ओडिशा के भुवनेश्वर से करेगी बीजेपी

15 और 16 अप्रैल को बीजेपी के सभी दिग्गज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में  जुटे हैं. प्रधानमंत्री से लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह तक और केंद्र से लेकर अलग-अलग राज्यों के रणनीतिकार दो दिन तक बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के लिए यहां पहुंचे हैं.

भुवनेश्वर की बैठक में पार्टी की भावी रणनीति और आगे के कार्यक्रम को तय किया जाएगा. भुवनेश्वर में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक कराने का फैसला अपने आप में इस बात का संकेत है कि बीजेपी पूरब के इस पिछड़े राज्य को लेकर किस कदर गंभीर है.

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की 2019 के लोकसभा चुनाव की रणनीति के केंद्र में ओडिशा के अलावा पूरब के वो सभी राज्य हैं जहां बीजेपी का जनाधार कम रहा है. पार्टी की तरफ से ओडिशा, बंगाल, आंध्रप्रदेश के अलावा नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों को ध्यान में रखकर अभी से ही रणनीति तैयार की जा रही है.

BJP Odisha Meet

(फोटो: पीटीआई)

रणनीति पर काम

2019 में पार्टी का लक्ष्य 400 सीटें जीतने का है लिहाजा 120 और सीटों को ध्यान में रखकर अभी से ही रणनीति को अंतिम धार दी जा रही है. पार्टी की इस रणनीति को सीधे तौर पर लागू कर रहे हैं सबसे बड़े रणनीतिकार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह.

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नजर में ओडिशा की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो इस वक्त ओडिशा से ही पार्टी के एक्टिव सदस्य हैं.

शाह की प्लानिंग इस बार भी बूथ मैनेजमेंट की है. बूथ स्तर पर ओडिशा समेत इन राज्यों में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता तैयार करने की जिम्मेदारी अमित शाह ने खुद अपने ऊपर ली है जो कि जल्द ही बूथ स्तर का दौरा भी करेंगे.

बीजेपी को ओडिशा के पंचायत चुनाव में अप्रत्याशित सफलता मिली है. पार्टी को लगता है कि उसके पक्ष में बने माहौल को भुनाने का यही सबसे सही वक्त है.

लिहाजा, पार्टी आलाकमान की तरफ से कवायद इसी बात की हो रही है कि पार्टी कार्यसमिति की बैठक के जरिए संगठन में नई उर्जा का संचार किया जा सकता है. इसीलिए इस बार की कार्यसमिति को भुवनेश्वर में ही कराए जाने का फैसला किया गया है.

MODI National Executive meeting

एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी का अभिनंदन करते बीजेपी के नेतागण

बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है कि अलग-अलग प्रदेशों में लोगों की भावना के मुताबिक उनके उन हीरो को राष्ट्रीय मानचित्र पर फिर से उभारना जो अबतक किसी न किसी रूप में उपेक्षित रहे हैं.

इसी रणनीति के तहत पार्टी की तरफ से पाई के विद्रोह के दौरान लड़ाई लड़ने वाले फ्रीडम फाइटर के परिवार वालों को सम्मानित करने का फैसला किया गया है.

200 साल पहले 1817 में ओडिशा में अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका गया था लेकिन 1857 की लड़ाई के आगे इस विद्रोह की चर्चा कम होती है. अब ओडिशा के लोगों की भावना को उभारने और उनके साथ अपने-आप को जोड़ने की कोशिश बीजेपी की तरफ से हो रही है.

Odisha Paika

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पेट्रोलियम मंत्री और ओडिशा से आने वाले बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक 1817 के पाई के विद्रोह के दौरान शामिल लड़ाकों के परिवार वालों से पीएम मोदी मिलेंगे.

ये मुलाकात 16 अप्रैल को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के दौरान होगी. केंद्र सरकार पाई के विद्रोह की 200वीं वर्षगांठ भी मना रही है.

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कार्यसमिति की यह बैठक उस वक्त हो रही है जब मोदी सरकार के कार्यकाल के 3 साल पूरे हो रहे हैं. ऐसे में सरकार की तरफ से इस मौके पर भी अपने काम के प्रचार करने की कोशिश भी हो रही है.

हाल ही में एनडीए की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पीएम नरेंद्र मोदी के ही नेतृत्व में 2019 की लड़ाई लड़ने का फैसला भी कर लिया है.

ऐसे समय में बीजेपी की कोशिश ओडिशा के भुवनेश्वर को 2019 की बड़ी लड़ाई के लिए लॉन्चिंग पैड के तौर पर इस्तेमाल करने की है.

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