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केजरीवाल की साजिश से दिल्ली को बचाना है: मनोज तिवारी

मनोज तिवारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला किया.

Updated On: Dec 01, 2016 09:20 AM IST

Amitesh Amitesh

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केजरीवाल की साजिश से दिल्ली को बचाना है: मनोज तिवारी

उत्तर पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई है. मनोज तिवारी पहली बार 2014 में बीजेपी से लोकसभा चुनाव जीते.अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद मनोज तिवारी ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी के साथ एक्सक्लुसिव बातचीत में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल किसी भी तरह की साजिश कर सकते हैं, लिहाजा उनकी साजिशों से सावधान रहना होगा. मनोज तिवारी से बातचीत के अंश: 

फ़र्स्टपोस्ट: मनोज जी प्रदेश अध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है आपको. लोकसभा चुनाव में सातों सीट पर जीत के बाद पार्टी का विधानसभा चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया था. भविष्य का रोड मैप क्या है?

मनोज तिवारी: हमारी पार्टी बहुत ही संघर्ष करके यहां तक आई है. हमें पूरा विश्वास है कि दिल्ली को आम आदमी पार्टी ने झूठ और फरेब में ठगा है, उससे साफ हो गया है कि वर्तमान बीजेपी ही भ्रष्टाचार के खिलाफ, गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रही है. गरीब वर्ग,निम्न मध्यम वर्ग, झुग्गी –क्लस्टर सबके लिए काम कर रही है. मुझे विश्वास है कि इन सब लोगों के लिए हम खुशियां देंगे. ये मुझे विश्वास है.

फ़र्स्टपोस्ट: विधानसभा चुनाव में पार्टी से छिटके पूर्वांचली वोटर को वापस लाने की बड़ी जिम्मेदारी आप पर होगी.  क्या आपके लोकप्रिय चेहरे को भुनाने का प्रयास पार्टी कर रही है?

मनोज तिवारी: हम तो वर्गीकरण में विश्वास नहीं करते. यह भी सत्य है कि चूंकि मैने 15-20 सालों से पूर्वांचल के लोगों के लिए काम किया. तो हमको जो भी खुशी होगी, उनको भी मिलेगी. लेकिन, हमारा एक ही एजेंडा है सबका साथ, सबका विकास, दिल्ली का उल्लास.हम इसी एजेंडे पर आगे बढेंगे. पूर्वांचल के लोग हर समाज के लोगों को लेकर आगे चलते हैं तो हम इसे बनाएंगे.

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फोटो: पीटीआई

फ़र्स्टपोस्ट: एमसीडी का इलेक्शन लिटमस टेस्ट होगा, फिर आगे बाकी का इलेक्शन. कैसे निपटेंगे केजरीवाल से?

मनोज तिवारी: हमें दिल्ली के लोगों पर पूरा भरोसा है कि वो अब अरविंद केजरीवाल को पहचान गए हैं. उन्होंने दिल्ली को विकास के मामले में काफी पीछे कर दिया है. अब दिल्ली के लोग एमसीडी में करप्शन के अगेनस्ट लड़ रही बीजेपी को समर्थन देंगे.

फ़र्स्टपोस्ट: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली में अपनी लड़ाई कैसे लड़ेंगे?

मनोज तिवारी: अरविंद केजरीवाल अपने 70 वादों को याद करें और जवाब दें कि उन्होंने दिल्ली के लोगों के लिए क्या किया? मैं समझता हूं कि हम सभी उनके किए गए वादों की पड़ताल करें. सबकुछ साफ हो जाएगा.

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फोटो: पीटीआई

फ़र्स्टपोस्ट: पार्टी के भीतर की गुटबाजी को कैसे खत्म करेंगे? क्योंकि, कई ऐसे लोग हैं जो अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल थे. वो तो नाराज होंगे?

मनोज तिवारी: मुझे कहीं भी गुटबाजी नहीं दिख रही है. जिस तरह से आधे घंटे की सूचना में हमारे सारे सांसद, विजय गोयल जी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता जी और तमाम नेता आ गए. प्रदेश कार्यालय में ऐसी उपस्थिति कम होती है. आधे घंटे के अंतराल में बीस हजार से ज्यादा लोग पहुंच गए तो हम कह सकते हैं कि सब खुश हैं कोई गुटबाजी नहीं है.

फ़र्स्टपोस्ट: यूपी चुनाव से पहले यह जिम्मेदारी दी गई है आपको. क्या यूपी में भी आपके नाम को भुनाने की कोशिश है?

मनोज तिवारी: हमें जो जिम्मेदारी दी गई है कि उससे 23 करोड़ पूर्वांचली लोगों को खुशी हुई होगी. लेकिन, हम कुछ भी भुनाने के लिए आगे नहीं बढे हैं. हम समाज को सजाने के लिए काम करेंगे. मेरी मां यूपी में वाराणसी में रहती है. जो सम्मान हमलोगों को पार्टी में मिला है उसे धरातल पर लोग समझेंगे. हमने भी 20 साल के सार्वजनिक जीवन में शुचिता का पालन किया है. तो मैं एक सेलेब्रिटी के रूप में नहीं, बल्कि एक समाज सेवी के रूप में काम कर रहा हूं. इसलिए इतने कम समय में पार्टी ने जो विश्वास हमें दिया. हर वर्ग मुझे पुरस्कार देगा ऐसा मेरा भरोसा है.

फ़र्स्टपोस्ट: आपके नेतृत्व में दिल्ली में पार्टी अगर बेहतर करती है तो मुख्यमंत्री पद पर भी आपकी दावेदार मजबूत होगी?

मनोज तिवारी: देखिए हमारी पार्टी में बहुत सीनियर नेता हैं, जो कि काफी अनुभवी हैं. मेरी कार्यस्थली दिल्ली है. ये बात और है कि मैं एक स्टारप्रचारक के रूप में काम करूंगा. यूपी में भी हमारी सरकार बनेगी और दिल्ली में भी हम हर चुनाव जीतेंगे. बहुत विश्वास से कह रहे हैं. क्योंकि हमें बहुत संभल कर चलना है क्योंकि अरविंद केजरीवाल जैसी जैसी साजिशें करते रहते हैं. वो साजिशों के बल पर आए तो उनसे सबको सावधान रहना चाहिए. क्योंकि, वो कभी भी अपनी डूबती नैया को सहारा देने के लिए साजिशों का सहारा ले सकते हैं.

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फोटो: पीटीआई

फ़र्स्टपोस्ट: अब तक के सफर को कैसे देखते हैं. क्योंकि, सबसे पहले गायिकी से शुरुआत, फिर, अभिनेता और सांसद फिर दिल्ली के अध्यक्ष की जिम्मेदारी कैसे याद करते हैं अपने सफर को?

मनोज तिवारी: मैं जहां भी हूं मुझे लगता है कि मां-बाबूजी ने जो संस्कार हमारे अंदर भरे हैं. वो देश के काम आएगा और समाज का चिंतन हमारे गीतों में भी रहा है. हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ गीत गाया था. सब हउवे रूपये के खेल , सेल आदमी के लगल बा. अधिका बिकातबाडे बडे बड़े बाबू, केकर केकर नांव ली ही मेठवे बेकाबू, बोलाला पर हो जाते जेल , सेल आदमी के लगल बा.

हमने अपने गीतों में भी समाज के दर्द को रखा है. सदी के ईमानदार व्यक्ति मोदी के साथ काम करने का मौका मिला है हमें.

फ़र्स्टपोस्ट: कैसे तालमेल बैठाएंगे, अपने प्रोफेशन और अपने नए रोल के बीच?

मनोज तिवारी: दिल साफ हो, नीति स्पष्ट हो, भाईचारा की भावना हो,सबको साथ लेकर चलने की इच्छा शक्ति हो तो यह तालमेल तो अपने-आप बैठ जात है.

फ़र्स्टपोस्ट: कैसे याद करते हैं पिछले दिनों को जब यहां तक आप पहुंचे. पिछली बातों को याद कर कैसी अनुभूति होती है?

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फोटो: पीटीआई

मनोज तिवारी: हम आज जो राजनीति में हैं, एक सेवानीति, यह काम हम एक गीतकार और गायक के रूप में भी करते आए हैं. 'अस्सीए से कई के बीए बच्चवा हमार कम्पटीशन देता', यह हमारा बेरोजगारी पर हमला था. 'चप्पल-जूता दौड़त-दौड़त फाट गईले बाबूजी, नौकरी ना मिलल, मन उचाट भईले बाबूजी'. एक गीत है कि गमछा में बांध के बहार लेले अईह. गांव में एक औरत गरीबी की जकड़न में फंसी है. ऐसे ही माहौल में हमलोगों का लालन-पालन हुआ है, उसे भी दूर करना हमारा मकसद है.

एक भावना आप भी जानते होंगे कि 12 घंटा 14 घंटा बिजली के चक्कर में हमारा गांव छूट गया, खलिहान छूट गया. बस उन सभी लोगों को किसी को बिजली के लिए, किसी को पानी के लिए अपना गांव घर ना छोड़ना पड़े. वो सारा काम हम कर रहे हैं. पिछले 20 साल में जो सोच रखे हैं, वही तो सेवानीति है.मोदी जी ने इसे ही सेवानीति का नाम दिया है. हम कुछ भी नहीं बदले हैं.जैसे थे वैसे ही हैं. पहले जो बात हम गीत के रूप में लिखते थे.अब लेटर लिख कर आदेश के रूप में अधिकारियों से बोलेंगे कि इसे करो.

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